फ्री टिकट से लेकर इतने डॉलर पैसे तक, अवैध प्रवासियों के लिए क्या स्कीम ले आया अमेरिका, ताज महल से भी निकाल दिया लिंक
अमेरिका ने अवैध प्रवासियों को लेकर एक नई स्कीम पेश की है, जिसमें खुद देश छोड़ने वालों को फ्री फ्लाइट टिकट और आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है. इस योजना के प्रचार में ताज महल का जिक्र सामने आने के बाद मामला और भी चर्चा में आ गया है.
अमेरिका ने अवैध प्रवासियों को लेकर एक नई पहल शुरू की है, जिसने दुनियाभर में चर्चा छेड़ दी है. इस स्कीम के तहत लोगों को खुद से देश छोड़ने के लिए मोटिवेट किया जा रहा है, जिसमें फ्री फ्लाइट टिकट से लेकर आर्थिक मदद तक का ऑफर शामिल है. खास बात यह है कि इस अभियान के प्रमोशन में भारत के ताज महल का जिक्र सामने आने के बाद मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया है.
इस पूरे मामले को लेकर कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं कि आखिर यह योजना कैसे काम करेगी और किन लोगों को इसका फायदा मिलेगा? चलिए जानते हैं क्या है सेल्फ-डिपोर्टेशन स्कीम.
क्या है ‘सेल्फ-डिपोर्टेशन’ स्कीम?
सेल्फ-डिपोर्टेशन स्कीम ‘Project Homecoming’ नाम के अभियान के तहत चलाई जा रही है, जिसे 2025 में शुरू किया गया था. DHS के मुताबिक, इसका मकसद उन लोगों को सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से वापस भेजना है, जिनके पास अमेरिका में रहने का कानूनी आधार नहीं है.
सेल्फ डिपोर्टेशन पर क्या-क्या मिलेगा?
इस योजना के तहत अवैध प्रवासियों को खुद से अपने देश लौटने के लिए फ्री प्लेन टिकट और आर्थिक सहायता दी जा रही है. DHS डिपार्टमेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि जो लोग खुद से देश छोड़ने का ऑप्शन चुनेंगे, उन्हें करीब 2,600 डॉलर दिए जाएंगे. इसके लिए CBP Home ऐप के जरिए अप्लाई करना होगा, जहां व्यक्ति अपनी जानकारी देकर प्रोसेस शुरू कर सकता है.
भारत के लिए ताजमहल का किया इस्तेमाल
इस अभियान को अट्रैक्टिव बनाने के लिए DHS ने अलग-अलग देशों की प्रतीकात्मक तस्वीरों का इस्तेमाल किया है. भारत के लिए ताजमहल का इस्तेमाल किया गया, वहीं चीन और कोलंबिया से जुड़े विजुअल्स भी पोस्ट में दिखाए गए. इन तस्वीरों के जरिए यह मैसेज दिया गया कि लोग अपने देश लौटकर नई शुरुआत कर सकते हैं.
अमेरिका में कितने हैं इलीगल भारतीय इमिग्रेंट्स?
रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2022 तक अमेरिका में करीब 7.25 लाख भारतीय बिना वैलिड डॉक्यूमेंट्स के रह रहे थे. इस वजह से यह समुदाय भी इस योजना के दायरे में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. ऐसे में ताजमहल की तस्वीर का इस्तेमाल सीधे तौर पर भारतीय प्रवासियों को ध्यान में रखकर किया गया लगता है.




