क्या Rohit Sharma और Virat Kohli के रिटारयमेंट के पीछे हैं Gautam Gambhir, अश्विन के बोल से पिक्चर कितनी साफ?
अश्विन ने कहा कि उन्होंने सही समय देखकर खुद रिटायरमेंट लिया और नए खिलाड़ियों को मौका देना जरूरी है. उन्होंने गौतम गंभीर का समर्थन करते हुए कहा कि कोच को टीम के हित में बड़े फैसले लेने का हक है.
रोहित-कोहली के रिटायरमेंट पर अश्विन का बड़ा बयान
भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर Ravichandran Ashwin ने अपने रिटायरमेंट को लेकर खुलकर बात की है. उन्होंने RevSportz Conclave में बात करते हुए कहा कि टीम इंडिया के हेड कोच Gautam Gambhir का समर्थन करते हुए साफ कहा कि टीम के हित में बड़े फैसले लेना कोच का अधिकार है, भले ही उसमें सीनियर खिलाड़ियों को बाहर होना पड़े.
अश्विन ने दिसंबर 2024 में Border-Gavaskar Trophy के दौरान इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया था. उन्होंने बताया कि यह फैसला अचानक नहीं था, बल्कि टीम में अपनी भूमिका को समझने के बाद लिया गया. उन्होंने कहा कि पर्थ टेस्ट के दौरान टीम कॉम्बिनेशन में लगातार बदलाव और फिर अगले मैच में बाहर बैठना उनके लिए संकेत था कि अब उनका समय खत्म हो रहा है.
अश्विन के मुताबिक, “मैं उन खिलाड़ियों में नहीं हूं जो वापसी के इंतजार में बैठे रहें. अगर किसी नए खिलाड़ी को मौका मिलना है, तो उसे पूरा स्पेस मिलना चाहिए.”
रिकॉर्ड के करीब थे, फिर क्यों लिया रिटायरमेंट का फैसला?
अश्विन टेस्ट क्रिकेट में 537 विकेट के साथ भारत के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज हैं. उनसे आगे सिर्फ Anil Kumble हैं, जिनके नाम 619 विकेट हैं. ऐसे में कई लोगों ने सवाल उठाए कि जब वह रिकॉर्ड के इतने करीब थे तो रिटायरमेंट क्यों लिया. इस पर अश्विन ने कहा कि वह अपने फैसले खुद लेने में विश्वास रखते हैं और अपने करियर को अपनी शर्तों पर खत्म करना चाहते थे.
गौतम गंभीर पर क्या कहा?
अश्विन ने कोच गौतम गंभीर को लेकर चल रही 'फेवरिटिज्म' की बहस को भी खारिज किया. उन्होंने कहा कि अगर किसी को शिकायत होनी चाहिए तो सबसे पहले उन्हें होनी चाहिए, क्योंकि कोच के तौर पर गंभीर के शुरुआती दौर में ही वह टीम से बाहर हुए. उन्होंने कहा, “कोच का काम टीम के लिए सही फैसला लेना है. अगर उन्हें लगता है कि मुझे, Virat Kohli या Rohit Sharma को आगे बढ़ जाना चाहिए, तो इसमें कुछ गलत नहीं है.”
अश्विन ने यह भी माना कि भारत जैसे देश में खिलाड़ियों को मिलने वाली लोकप्रियता कभी-कभी उन्हें 'अजेय' होने का अहसास कराती है. उन्होंने कहा कि वह अपने अंदर के अहंकार को कम करने की कोशिश करते रहते हैं और यही चीज उन्हें संतुलित रखती है.




