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Budget 2026 : क्‍या इस बार रविवार को पेश होगा बजट? 1 फरवरी 2026 को BSE-NSE को लेकर बड़ा अपडेट

Budget 2026 : अगर केंद्र सरकार 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट पेश करती है, तो यह दिन शेयर बाजार के लिहाज से भी ऐतिहासिक हो सकता है. क्योंकि यह तारीख रविवार है, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने संकेत दिए हैं कि वह उस दिन इक्विटी बाजार खोलने के विकल्प पर विचार कर रहा है. हालांकि अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है और सरकार की आधिकारिक बजट तारीख की घोषणा के बाद ही निर्णय होगा.

Budget 2026 : क्‍या इस बार रविवार को पेश होगा बजट? 1 फरवरी 2026 को BSE-NSE को लेकर बड़ा अपडेट
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( Image Source:  ANI )
प्रवीण सिंह
Edited By: प्रवीण सिंह

Published on: 6 Jan 2026 12:14 PM

Budget 2026 : साल 2017 से केंद्र सरकार एक फरवरी को आम बजट पेश करती आ रही है. लेकिन इस बार हालात कुछ और हैं. वजह है 1 फरवरी को रविवार का दिन होना. हालांकि रिपोर्ट्स की मानें तो चाहे रविवार ही क्‍यों न हो, बजट उसी दिन पेश होने जा रहा है. और अगर देश का आम बजट (Union Budget 2026) 1 फरवरी 2026 को पेश होता है, तो यह दिन खास होने वाला है. वजह सिर्फ बजट नहीं, बल्कि यह सवाल भी है कि क्या उस दिन शेयर बाजार खुलेगा या नहीं? क्योंकि रविवार आमतौर पर शेयर बाजार के लिए छुट्टी का दिन होता है.

इसी को लेकर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने बड़ा संकेत दिया है. NSE ने कहा है कि वह 1 फरवरी 2026 को इक्विटी मार्केट खोलने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रहा है. हालांकि अभी तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है.

सरकार की घोषणा के बाद होगा अंतिम फैसला

NSE के मुताबिक, बाजार खोलने या न खोलने का निर्णय केंद्र सरकार द्वारा बजट की तारीख को आधिकारिक रूप से घोषित करने के बाद ही लिया जाएगा. फिलहाल यह प्रस्ताव एक्सचेंज के अंदरूनी स्तर पर समीक्षा के दौर से गुजर रहा है. NSE ने साफ किया है कि ऑपरेशनल व्यवहार्यता (operational feasibility), सिस्टम की तैयारियां, बैंकों और ब्रोकर्स की उपलब्धता जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखकर फैसला लिया जाएगा.

रविवार को ट्रेडिंग कोई नई बात नहीं

अगर 1 फरवरी 2026 को शेयर बाजार खुलता है, तो यह कोई पहली बार नहीं होगा. इससे पहले भी जब बजट किसी रविवार या सार्वजनिक अवकाश के दिन पेश किया गया, तब शेयर बाजार खोले गए हैं ताकि निवेशक सरकार की घोषणाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया दे सकें. ऐसे मौकों पर सरकार और रेगुलेटर्स का मानना रहा है कि बजट जैसे बड़े आर्थिक फैसलों पर रियल-टाइम मार्केट रिस्पॉन्स जरूरी होता है, ताकि अगले ट्रेडिंग डे तक अनावश्यक उतार-चढ़ाव न बने.

BSE की ओर से अभी चुप्पी

जहां NSE ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है, वहीं बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. BSE ने यह नहीं बताया है कि वह रविवार को बाजार खोलने पर विचार कर रहा है या नहीं. आमतौर पर NSE और BSE ऐसे मामलों में तालमेल के साथ फैसला लेते हैं, इसलिए माना जा रहा है कि सरकार की घोषणा के बाद दोनों एक्सचेंज एक जैसी रणनीति अपना सकते हैं.

1 फरवरी को ही क्यों पेश होता है बजट?

भारत में 2017 से परंपरा बन चुकी है कि केंद्रीय बजट 1 फरवरी को ही पेश किया जाए, चाहे वह दिन कोई भी हो. इसका मकसद यह होता है कि सरकार को पूरे वित्त वर्ष की शुरुआत से पहले नीतियों को लागू करने का पर्याप्त समय मिल सके. बजट से एक दिन पहले आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) पेश किया जाता है, जिसके बाद मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन और वरिष्ठ अधिकारी मीडिया को जानकारी देते हैं.

रविवार को संसद सत्र भी होगा दुर्लभ

अगर सरकार 1 फरवरी 2026 को बजट पेश करने की आधिकारिक मंजूरी देती है, तो यह संसद का एक दुर्लभ रविवार सत्र होगा. आमतौर पर संसद की कार्यवाही सप्ताहांत में नहीं होती, लेकिन बजट जैसे अहम मौकों पर अपवाद बनाए गए हैं.

शेयर बाजार का सामान्य समय क्या होता है?

अगर शेयर बाजार की बात करें तो भारत में इसका प्री-ओपन सेशन सुबह 9:00 से 9:15 बजे तक, नॉर्मल ट्रेडिंग सुबह 9:15 से दोपहर 3:30 बजे तक होता है. केवल सोमवार से शुक्रवार तक ही ट्रेडिंग होती है और शनिवार, रविवार के अलावा घोषित अवकाश पर बाजार बंद रहता है. लेकिन बजट जैसे खास मौकों पर इन नियमों में बदलाव किया जा सकता है.

निवेशकों की नजर सरकार के फैसले पर

फिलहाल निवेशकों, ब्रोकर्स और फाइनेंशियल मार्केट से जुड़े लोगों की नजर सरकार की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई है. जैसे ही बजट की तारीख को लेकर नोटिफिकेशन आएगा, NSE और BSE दोनों अपने-अपने फैसले सार्वजनिक करेंगे.

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