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NPS सब्सक्राइबर्स ध्यान दें: नए साल पर चार्ज स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव, अब बैंक संभालेंगे पेंशन फंड; डॉर्मेंट अकाउंट से नहीं कटेंगे पैसे

नए साल 2026 से NPS में बड़े सुधार लागू हुए हैं. अब बैंक पेंशन फंड मैनेज कर सकेंगे, IMF स्लैब बदली गई है और PoP चार्ज का नया सिस्टम लागू हुआ है. न्यूनतम योगदान की बाध्यता हटाई गई है और डॉर्मेंट अकाउंट पर कोई शुल्क नहीं लगेगा. ये बदलाव NPS को ज्यादा पारदर्शी और निवेशक-हितैषी बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं.

NPS सब्सक्राइबर्स ध्यान दें: नए साल पर चार्ज स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव, अब बैंक संभालेंगे पेंशन फंड; डॉर्मेंट अकाउंट से नहीं कटेंगे पैसे
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( Image Source:  Sora_ AI )

NPS, National Pension System: नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) से जुड़े करोड़ों सब्सक्राइबर्स के लिए बड़े बदलाव लागू हो गए हैं. पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने न सिर्फ पेंशन फंड के प्रबंधन ढांचे में अहम सुधार किए हैं, बल्कि Points of Presence (PoPs) द्वारा वसूले जाने वाले चार्ज स्ट्रक्चर में भी व्यापक बदलाव किया है. इन बदलावों का उद्देश्य पेंशन इकोसिस्टम को मजबूत करना, प्रतिस्पर्धा बढ़ाना और निवेशकों के हितों की सुरक्षा करना बताया गया है.

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अब Scheduled Commercial Banks भी चला सकेंगे NPS पेंशन फंड

PFRDA बोर्ड ने एक नया फ्रेमवर्क मंजूर किया है, जिसके तहत अब Scheduled Commercial Banks (SCBs) स्वतंत्र रूप से NPS के लिए पेंशन फंड स्थापित और संचालित कर सकेंगे. PFRDA के मुताबिक, “अब तक बैंकिंग सेक्टर की भागीदारी पर जो नियामकीय बाधाएं थीं, उन्हें दूर किया गया है. नए ढांचे में RBI के मानकों के अनुरूप नेटवर्थ, मार्केट कैपिटलाइजेशन और वित्तीय स्थिरता जैसे स्पष्ट मानदंड तय किए जाएंगे.” यह नियम नए और मौजूदा दोनों पेंशन फंड्स पर लागू होगा। विस्तृत पात्रता शर्तें जल्द अधिसूचित की जाएंगी.

Investment Management Fee (IMF) में बदलाव, 1 अप्रैल 2026 से लागू

PFRDA ने Investment Management Fee (IMF) की स्लैब आधारित नई व्यवस्था को भी मंजूरी दी है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी. इसके तहत, MSF का AUM अलग से गिना जाएगा, सरकारी और गैर-सरकारी सेक्टर के लिए अलग-अलग दरें लागू होगीं. नई व्यवस्था Multiple Scheme Framework (MSF) पर भी लागू होगीं. हालांकि, सरकारी कर्मचारियों के लिए Composite Scheme, Auto Choice और Active Choice G-100 में IMF में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

Non-Government Sector के लिए नई IMF स्लैब

AUM (₹ करोड़ में)

IMF दर

25,000 तक

0.12%

25,000 – 50,000

0.08%

50,000 – 1,50,000

0.06%

1,50,000 से अधिक

0.04%

Annual Regulatory Fee में राहत, कोई बदलाव नहीं

PFRDA ने साफ किया है कि Annual Regulatory Fee (ARF) 0.015% AUM ही रहेगी. इसमें से 0.0025% AUM Association of NPS Intermediaries (ANI) को जाएगा, ताकि फाइनेंशियल लिटरेसी और अवेयरनेस को बढ़ावा दिया जा सके.

PoP चार्ज स्ट्रक्चर बदला, 1 जनवरी 2026 से लागू

अब NPS के Common Schemes (All Citizen, Corporate Model, NPS Vatsalya और NPS Lite) में PoP चार्ज वसूलने का तरीका भी बदल गया है.

अब कैसे कटेगा PoP चार्ज?

  • चार्ज सीधे पैसे में नहीं, बल्कि CRA द्वारा यूनिट्स कैंसिल करके वसूला जाएगा
  • GST और अन्य टैक्स अलग से लागू होंगे
  • Dormant अकाउंट से कोई चार्ज नहीं कटेगा

Dormant Account वह है, जिसमें किसी एक तिमाही के बाद लगातार 4 तिमाहियों तक कोई योगदान न हुआ हो.

तिमाही चार्ज

  • All Citizen & Corporate Model: 0.05% AUM प्रति तिमाही
  • CPSE कर्मचारियों के लिए: 0.025% AUM प्रति तिमाही

NPS में न्यूनतम योगदान की बाध्यता खत्म

PFRDA ने बड़ी राहत देते हुए कहा है कि ऑनबोर्डिंग या बाद की किसी भी जमा पर न्यूनतम योगदान जरूरी नहीं होगा. हालांकि, अगर कोई PoP पहले साल ₹200 + टैक्स चार्ज लेने का विकल्प चुनता है, तो उस स्थिति में ₹250 का न्यूनतम योगदान जरूरी होगा.

PoPs को 15 जनवरी तक देनी होगी जानकारी

PoPs को 15 जनवरी 2026 तक CRAs को यह जानकारी देनी होगी:

  • पहले साल के चार्ज का विकल्प
  • अपने कर्मचारियों से चार्ज वसूली का निर्णय
  • CPSE से जुड़ी जानकारी

अगर गलती से पुराने नियमों के तहत चार्ज वसूला गया, तो वह राशि सीधे सब्सक्राइबर के PRAN में वापस करनी होगी.

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