AC ब्लास्ट के बाद घर हुआ जलकर राख तो कौन करेगा नुकसान की भरपाई, कंपनी या बिल्डर-किसकी है जिम्मेदारी?
दिल्ली के शाहदरा स्थित विवेक विहार इलाके में AC ब्लास्ट से लगी भीषण आग ने 9 लोगों की जान ले ली. ऐसे हादसों के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर इस भारी नुकसान की जिम्मेदारी किसकी होगी?
ac blast fire
दिल्ली के शाहदरा स्थित विवेक विहार इलाके में AC ब्लास्ट से लगी भीषण आग ने 9 लोगों की जान ले ली, जिसने राजधानी को झकझोर कर रख दिया है. तड़के सुबह करीब 3:47 बजे बी-13 बिल्डिंग के दूसरे फ्लोर पर लगे एयर कंडीशनर में धमाका हुआ, जिसके बाद आग ने तेजी से पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया. इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर एसी से जुड़ी सुरक्षा और जिम्मेदारी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
हैरानी की बात यह है कि इस घटना से महज दो दिन पहले ही गाजियाबाद की एक हाईराइज इमारत में एसी ब्लास्ट के चलते 7वीं मंजिल से लेकर 11वीं मंजिल तक आग फैल गई थी. गर्मी बढ़ने के साथ ऐसी घटनाओं में तेजी देखी जा रही है, जिससे लोगों की सुरक्षा और आर्थिक नुकसान को लेकर चिंता बढ़ गई है.
नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
ऐसे हादसों के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर इस भारी नुकसान की जिम्मेदारी किसकी होगी? क्या बिल्डर इसकी भरपाई करेगा, या फिर सोसायटी की आरडब्ल्यूए, AC बनाने वाली कंपनी या सरकार मुआवजा देगी? अगर आग हाईराइज सोसाइटी में लगती है, तो यह तय करना और भी जटिल हो जाता है कि घर दोबारा कौन बनाएगा और नुकसान का हर्जाना कौन देगा?
1. मुआवजे का फैसला पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आग किस वजह से लगी.
2. अगर निर्माण में घटिया सामग्री या खराब क्वालिटी के उपकरण जिम्मेदार हैं, तो बिल्डर पर जवाबदेही आती है.
3. अगर फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन या रखरखाव में लापरवाही सामने आती है, तो बिल्डिंग मैनेजमेंट या आरडब्ल्यूए जिम्मेदार होगी.
AC कंपनी की जिम्मेदारी कब बनती है?
AC ब्लास्ट के मामलों में कंपनी की जिम्मेदारी तभी तय होती है, जब जांच में यह साबित हो जाए कि तकनीकी खराबी या कंप्रेसर फटने के कारण आग लगी. ऐसी स्थिति में उपभोक्ता कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019 के तहत AC निर्माता कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर सकता है और हर्जाने की मांग कर सकता है. उपभोक्ता फोरम के जरिए क्लेम भी किया जा सकता है.
होम इंश्योरेंस का क्या रोल?
अगर घर का बीमा कराया गया है और उसमें ‘फायर एंड एलाइड पेरिल्स’ शामिल है, तो बीमा कंपनी नुकसान की भरपाई करती है. होम इंश्योरेंस के तहत घर की संरचना (दीवार, छत आदि), घर के अंदर का सामान (फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स, गहने आदि) दोनों कवर होते हैं. हालांकि, क्लेम तभी मिलेगा जब आपकी पॉलिसी एक्टिव हो.
कैसे करें बचाव?
लगातार बढ़ रही एसी ब्लास्ट की घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि अब केवल आराम के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिए भी सतर्क रहने की जरूरत है। सही मेंटेनेंस, उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण और सुरक्षा नियमों का पालन ही ऐसे हादसों से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।




