यूपी के पीलीभीत जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सरकारी सिस्टम की गंभीर खामियों को उजागर किया है. यहां एक चपरासी Ilham-ur-Rehman Shamsi पर आरोप है कि उसने करीब 8 साल तक फर्जी शिक्षकों के नाम पर सैलरी निकालकर करोड़ों रुपये का घोटाला किया. जांच में सामने आया कि आरोपी ने एक संगठित नेटवर्क तैयार किया था, जिसके जरिए 53 अलग-अलग बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर किया जाता रहा. इस दौरान कुल ₹8.15 करोड़ की रकम इधर-उधर की गई, जिसमें से करीब ₹5.5 करोड़ फिलहाल फ्रीज कर दिए गए हैं. बताया जा रहा है कि इस पूरे घोटाले में आरोपी का परिवार और रिश्तेदार भी शामिल थे. पैसे को ट्रैक करने पर पता चला कि रकम कई खातों में बांटी गई थी, जिससे जांच एजेंसियों को शुरुआती दौर में पूरी चेन समझने में मुश्किल हुई.