कुर्द कार्ड से Iran पर वार! CIA खेल रहा है बड़ा दांव, तेहरान की पूरी लीडरशिप को हिलाने के लिए क्या है ट्रंप का सीक्रेट प्लान?

ईरान में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका की एक कथित गुप्त रणनीति को लेकर हलचल तेज हो गई है. सूत्रों का दावा है कि सीआईए कुर्द बलों को हथियार देने की योजना पर विचार कर रही है, जिससे तेहरान की सत्ता पर दबाव बढ़ाया जा सके. ट्रंप प्रशासन की कुर्द नेताओं से बातचीत संकेत दे रहे हैं कि ईरान में कुछ बड़ा हो सकता है.

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Edited By :  समी सिद्दीकी
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US Secret Plan for Iran: ईरान में बढ़ते तनाव के बीच एक नई रणनीतिक हलचल की खबर सामने आई है. कई सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए ईरान के भीतर कुर्द बलों को हथियार देने की संभावित योजना पर विचार कर रही है.

बताया जा रहा है कि इस पहल का उद्देश्य ईरान में जनविद्रोह को बढ़ावा देना और मौजूदा सत्ता पर दबाव बनाना हो सकता है. हालांकि, इस पूरे मामले पर सीआईए ने आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.

क्या ट्रंप प्रशासन कुर्द नेताओं से कर रहा है बात?

सूत्रों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ईरानी विपक्षी समूहों और इराकी कुर्द नेताओं के साथ सक्रिय बातचीत में जुटा है. इन बैठकों में सैन्य सहायता के विकल्पों पर चर्चा होने की बात कही गई है. इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में सक्रिय कुर्द लड़ाकों की संख्या हजारों में बताई जाती है, जो इराक-ईरान सीमा के पास तैनात हैं. हाल के दिनों में कुछ कुर्द संगठनों ने सार्वजनिक रूप से ईरानी सेना से अलग होने की अपील भी की है, जिससे क्षेत्र में संभावित बड़े घटनाक्रम की आशंका जताई जा रही है.

IRGC का एक्शन क्या बगावत को देगा जन्म?

दूसरी ओर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने कुर्द ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं. रिपोर्टों के मुताबिक हाल ही में दर्जनों ड्रोन हमलों के जरिए सीमा पार मौजूद कुर्द समूहों को निशाना बनाया गया. आईआरजीसी का कहना है कि ये कार्रवाई सुरक्षा के मद्देनजर की गई है. माना जा रहा है कि यह कदम संभावित विद्रोह की आशंका को देखते हुए उठाया गया है.

क्या ट्रंप ने कुर्द नेता से की बातचीत?

इसी बीच जानकारी सामने आई है कि मंगलवार को डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी कुर्दिस्तान डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष मुस्तफा हिजरी से बातचीत की है. यह वही संगठन है जिसे हाल में आईआरजीसी ने निशाना बनाया था. एक वरिष्ठ कुर्द अधिकारी ने संकेत दिया है कि पश्चिमी ईरान में जमीनी अभियान शुरू होने की संभावना पर चर्चा हो रही है और उन्हें अमेरिका तथा इजरायल से समर्थन की उम्मीद है. हालांकि, इस संभावित समर्थन के स्वरूप को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है.

अमेरिका कैसे कराएगा कुर्दों को हथियार मुहैया?

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि कुर्द बलों को हथियार उपलब्ध कराए जाते हैं तो इराकी कुर्दों की भूमिका अहम होगी. हथियारों की आपूर्ति इराकी कुर्दिस्तान के रास्ते ही संभव मानी जा रही है.

अमेरिकी अधिकारियों का आकलन है कि कुर्द बल ईरानी सुरक्षा एजेंसियों को सीमावर्ती इलाकों में उलझाकर बड़े शहरों में विरोध प्रदर्शनों के लिए माहौल बना सकते हैं. हालांकि, इससे इराक की संप्रभुता को लेकर सवाल उठने की आशंका भी जताई जा रही है.

क्या कुर्द इतने सक्षम हैं कि IRGC के खिलाफ लड़ सकें?

उधर, सूत्रों का दावा है कि हाल के दिनों में इजरायली सेना ने इराक सीमा के पास ईरानी चौकियों पर हमले बढ़ाए हैं. इन हमलों को कुर्द बलों के लिए संभावित रणनीतिक समर्थन के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि आकलन लगाया जाता है कि फिलहाल कुर्द समूहों के पास इतने संसाधन नहीं हैं कि वे अपने दम पर व्यापक विद्रोह को सफल बना सकें.

कुर्द समुदाय तुर्की, इराक, ईरान, सीरिया और आर्मेनिया में फैला हुआ है और दुनिया का सबसे बड़ा ऐसा जातीय समूह माना जाता है जिसका अपना स्वतंत्र राष्ट्र नहीं है. अमेरिका और कुर्द बलों के बीच संबंध लंबे समय से रहे हैं, खासकर इराक युद्ध और आईएसआईएस के खिलाफ अभियानों के दौरान. इराकी कुर्दिस्तान की राजधानी एरबिल में अमेरिका की सैन्य और राजनयिक मौजूदगी भी है. हालांकि, अतीत में कई मौकों पर कुर्द समूहों ने अमेरिकी समर्थन को लेकर निराशा भी जताई है.

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