खून के रिश्ते ने संभाली Iran की सत्ता, अली खामेनेई के बेटे मोज़ताबा बने सुप्रीम लीडर, क्या हुआ अमेरिका और इजराइल का मकसद पूरा?

US-Israel हमलों में अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में सत्ता को लेकर जारी अटकलों के बीच बड़ा फैसला सामने आया है. असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने उनके बेटे मोज़ताबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुन लिया है.

( Image Source:  AI GENERATED IMAGE- SORA )
Edited By :  समी सिद्दीकी
Updated On : 4 March 2026 9:31 AM IST

Iran New Supreme Leader: ईरान के सुप्रीम लीडर रहे आयतुल्लाह अली खामेनेई के बेटे मोज़ताबा खामेनेई को इरान की असेंबली ऑफ़ एक्सपर्ट्स ने देश का नया सुप्रीम लीडर चुना है. यह फैसला शनिवार को अमेरिका और इस्राइल के हमलों में उनके पिता की मौत के बाद कई दिनों बाद लिया गया है. काफी वक्त से अटकलें लगाई जा रही थीं कि अब ईरान की गद्दी कौन संभालने वाला है.

56 वर्षीय मोज़ताबा, जो अली खामेनेई के सबसे बड़े बेटे भी हैं, उन्हें मंगलवार को इरान की अस्सेम्बली ऑफ़ एक्सपर्ट्स ने देश की कमान सौंपने के लिए चुना है. इरानी इंटरनेशनल के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि मोज़ताबा का सेलेक्शन इरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के दबाव में किया गया है.

उनके चुनाव पर कैसे खड़े हो सकते हैं सवाल?

हालाँकि, उनका चयन सवाल भी खड़ा कर सकता है क्योंकि इस्लामिक रिपब्लिक ने अक्सर वंशानुगत शासन की आलोचना की है और खुद को निष्पक्ष व्यवस्था के तौर पर पेश किया है. खबरों के मुताबिक उनके पिता ने पिछले साल संभावित उत्तराधिकारियों की सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया था.

नए सुप्रीम लीडर बनने से क्या पूरा होगा अमेरिका का मकसद?

इरान की शिया मुस्लिम मौलवी रेप्यूटेशन के अंदर पिता से पुत्र को उत्तराधिकारी के रूप में चुनने की परंपरा को सकारात्मक रूप से नहीं देखा जाता है. मोज़ताबा के लीडर बनने से तय है कि ईरान फिर से उन्हीं उसूलों पर चलने वाला है जिन पर आयतुल्लाह अली खामेनेई के ज़माने में चलता आया है. सीधे तौर पर देखा जाए तो अमेरिका ने जिस वजह से खामेनेई को गद्दी से हटाया था अब उसका वह मकसद पूरा नहीं हो पाएगा.

मोज़ताबा खामेनेई कौन हैं?

  • मोज़ताबा खामेनेई किसी उच्च धार्मिक पद पर नहीं हैं और न ही उन्होंने कभी कोई सरकारी पद संभाला है.
  • उन्हें कभी भी किसी औपचारिक सरकारी पद पर नियुक्त नहीं किया गया, लेकिन माना जाता है कि उनका पर्दे के पीछे काफी प्रभाव है.
  • वे इरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड से करीबी रिश्ते रखते हैं.
  • उन्होंने ईरान-इराक़ युद्ध के दौरान ईरानी सशस्त्र बलों में लड़ाई की थी.
  • मोज़ताबा खामेनेई अपने परिवार के उन सदस्यों में से थे जो इस युद्ध में बचे थे. वहीं उनके पिता की पत्नी, बेटी, पोता, बहू और जेठ इस दौरान मारे गए थे.
  • यूएस ट्रेज़री विभाग ने 2019 में उन पर प्रतिबंध लगाए थे. विभाग का कहना था कि उन्होंने पूर्व सर्वोच्च नेता की तरफ से फैसले लिए, हालांकि वह किसी भी पद पर नहीं थे. मोज़ताबा का जन्म 1969 में मास्हद शहर में हुआ था. वे उस समय पले‑बढ़े जब उनके पिता शाह के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे.

Similar News