US शेयर मार्केट क्रैश, तेल 85 डॉलर पार; खामनेई को मशहद में किया जाएगा दफन- Iran Israel War के TOP 10 UPDATES
Middle East में Iran-Israel-US के बीच संघर्ष चौथे दिन और गंभीर हो गया है. लेबनान से हमलों के बाद इज़रायल ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है. प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने 'पूरी ताकत' से ऑपरेशन जारी रखने की बात कही है. तेहरान पर हमले के दावे के बीच खाड़ी देशों में भी धमाकों की खबरें हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से कच्चे तेल की कीमतें 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं और 37 भारतीय जहाज 1100 से अधिक नाविकों के साथ फंसे हुए हैं.
Middle East Crisis, Iran vs Israel US War: मिडिल ईस्ट में जंग चौथे दिन और ज्यादा फैलती दिख रही है. ईरान, इजरायल, अमेरिका और लेबनान तक तनाव की लपटें पहुंच चुकी हैं, जबकि खाड़ी देशों और यूरोप में भी इसके असर साफ दिखने लगे हैं. इजरायली सेना ने पुष्टि की है कि लेबनान की ओर से कई प्रोजेक्टाइल दागे गए. इसके बाद उत्तरी इजरायल में अलर्ट बढ़ा दिया गया. प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि इज़राइल ईरान पर 'पूरी ताकत' से हमले जारी रखेगा और हिज़्बुल्लाह को भी कड़ा जवाब दिया जाएगा.
इजरायल ने दक्षिण लेबनान के ऐतिहासिक शहर टायर पर हमले की चेतावनी भी दी है, जहां यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल मौजूद है. सेना ने नागरिकों से इमारतें खाली करने को कहा है. वहीं, शनिवार को अमेरिकी-इजरायली हमलों में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को पवित्र शहर मशहद में दफनाया जाएगा.
Iran Israel US War: टॉप-10 अपडेट्स
1- दोहा, दुबई और अबू धाबी में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं. दुबई प्रशासन ने कहा कि ये धमाके एयर डिफेंस की “इंटरसेप्शन ऑपरेशन” के कारण हुए. इराक के एरबिल में भी अमेरिकी गठबंधन के ठिकाने के पास धमाकों की खबर है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने साइप्रस में ड्रोन हमले के बाद HMS Dragon युद्धपोत भेजने का ऐलान किया है.
2- वेस्ट एशिया में उथल-पुथल के बीच भारत ने राहत की खबर दी है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक देश के पास करीब आठ हफ्तों का कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का भंडार है. केवल 40% कच्चा तेल ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर आता है. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने आपूर्ति की समीक्षा की है और कहा है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल बढ़ाने की कोई योजना नहीं है.
3- इजरायल ने घोषणा की है कि गुरुवार से सीमित उड़ानों के लिए बेन गुरियन एयरपोर्ट खोला जाएगा, ताकि विदेशों में फंसे नागरिक लौट सकें. वहीं अमेरिकी दूतावासों को सऊदी अरब और कुवैत में अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. लेबनान में अमेरिकी दूतावास भी बंद कर दिया गया है.
4- ईरान के बुशहर एयरपोर्ट पर हमले में एक एयरबस विमान के नष्ट होने की खबर है. यहीं पर ईरान का न्यूक्लियर पावर प्लांट भी है. बुशहर के अलावा, मेहराबाद एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया गया.
5- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से कच्चे तेल की कीमतें 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के जनरल ने चेतावनी दी है कि अगर हमले जारी रहे तो 'पूरे मिडिल ईस्ट के आर्थिक केंद्र' निशाने पर होंगे.
6- रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने ईरानी समकक्ष से बातचीत कर तनाव कम करने की अपील की है. यूरोपीय संघ और खाड़ी देशों के विदेश मंत्री भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए चर्चा करने वाले हैं. तुर्की के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan ने कहा है कि उनका देश 'शांति के लिए गहन कूटनीतिक प्रयास' कर रहा है.
7- अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान पहले हमला करने वाला था, इसलिए उन्होंने पहले कदम उठाया. उन्होंने यह भी कहा कि 'सबसे खराब स्थिति' तब होगी, जब नया ईरानी नेता भी अयातुल्लाह खामेनेई जैसा ही निकले.
8- ईरान को लेकर बढ़ते युद्ध जैसे हालात का असर अब सीधे वैश्विक बाजारों और समुद्री व्यापार पर दिखने लगा है. वॉल स्ट्रीट से लेकर फारस की खाड़ी तक तनाव साफ नजर आ रहा है. ईरान संघर्ष को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच अमेरिकी शेयर बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली. S&P 500 शुरुआती कारोबार में 1.6% गिरा, Dow Jones Industrial Average 880 अंक यानी 1.8% लुढ़का और Nasdaq Composite भी 1.8% टूट गया. यूरोप और एशिया में पहले से जारी गिरावट का असर अमेरिका पर भी पड़ा. निवेशकों को डर है कि अगर युद्ध लंबा चला तो तेल की कीमतें और बढ़ेंगी, जिससे महंगाई और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है.
9- ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी Tasnim News Agency ने दावा किया है कि अमेरिकी और इज़राइली लड़ाकू विमानों ने तेहरान के मध्य हिस्से पर हमला किया. एंगेलाब स्क्वायर के पास रिहायशी इलाकों में भारी नुकसान की खबर है. सरकारी इमारतों वाले इलाके से धुआं उठता दिखा. यह हमला ईरान और अमेरिका-इज़राइल के बीच जारी संघर्ष के चौथे दिन हुआ. हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है.
10- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से समुद्री व्यापार पर बड़ा असर पड़ा है. भारतीय झंडे वाले 37 जहाज समुद्र में फंसे हैं और उसमें 1100 से ज्यादा भारतीय नाविक सवार हैं. कई जहाज कच्चा तेल और LNG लेकर भारत आ रहे थे. कुछ पेट्रोलियम उत्पाद लेने के लिए खाड़ी देशों की ओर जा रहे थे. फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में सैन्य गतिविधियों के कारण आवाजाही प्रभावित हुई है। यह मार्ग भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम है.
कुल मिलाकर, यह संघर्ष अब सिर्फ ईरान और इज़राइल तक सीमित नहीं रहा. लेबनान, खाड़ी देश, यूरोप और वैश्विक ऊर्जा बाजार- सभी इसकी चपेट में हैं. सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ कूटनीतिक कोशिशें भी तेज हैं, लेकिन हालात अभी भी बेहद नाजुक बने हुए हैं.