Israel ने Iran पर फिर किया हमला, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से भारत के 37 जहाज-1100 नाविक फंसे; तेल 85 डॉलर के पार-10 बड़ी बातें

मिडिल ईस्ट में ईरान-इज़राइल-अमेरिका टकराव चौथे दिन और तेज हो गया है. Israel Defense Forces ने तेहरान में बड़े पैमाने पर हमलों का दावा किया, जबकि ईरान की मिसाइलों से मध्य इज़राइल में 7 लोग घायल हुए. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान से बातचीत की संभावना लगभग खारिज करते हुए सैन्य कार्रवाई का बचाव किया. वहीं, तेल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं.

Iran vs US-Israel जंग का आज चौथा दिन
Edited By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 3 March 2026 8:39 PM IST

Iran vs US-Isreal War 4th day Updates: मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं. आज जंग के चौथे दिन इजरायल ने तेहरान में उस बिल्डिंग को ही तबाह कर दिया, जहां नए नेता का चुनाव होने वाला था. ईरान के बुशहर शहर में ईरानी विमानवाहक पोत को भी नष्ट कर दिया गया है. Israel Defense Forces (IDF) ने तेहरान में 'बड़े पैमाने' पर हमले शुरू करने की घोषणा की है. उसने बताया कि राजधानी के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया है. इससे पहले, ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों ने मध्य इजरायल के कई इलाकों को निशाना बनाया, जिसमें सात लोग घायल हो गए. इज़रायल की आपातकालीन सेवा Magen David Adom के मुताबिक घायलों में एक 40 वर्षीय महिला की हालात गंभीर है, जबकि छह अन्य को हल्की चोटें आई हैं.

इस बीच भारत ने भी खाड़ी देशों के साथ सक्रिय कूटनीति तेज कर दी है. प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कतर, कुवैत, ओमान समेत कई देशों के नेताओं से बातचीत कर उनकी संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा की और क्षेत्र में शांति बहाली के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया. पिछले 48 घंटों में उन्होंने यूएई, इज़राइल, सऊदी अरब, जॉर्डन, बहरीन, ओमान, कुवैत और कतर के नेताओं से बात की. विदेश मंत्री S. Jaishankar ने भी साइप्रस के समकक्ष से खाड़ी हालात पर चर्चा की.

Iran US Israel: चौथे दिन क्या-क्या हुआ?

1- अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान से बातचीत के लिए 'बहुत देर हो चुकी है.” उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी हमलों में ईरान के सैन्य ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा है. ईरानी मीडिया Press TV के अनुसार, हालिया हमलों के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं. वहीं इटली ने साइप्रस में ड्रोन हमले को लेकर ईरान के राजदूत को तलब किया है.

2-  ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस को भेजे आधिकारिक पत्र में 28 फरवरी 2026 को किए गए हमलों का बचाव किया. उन्होंने लिखा कि उनके निर्देश पर अमेरिकी बलों ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों, समुद्री माइंस क्षमता, एयर डिफेंस सिस्टम और कमांड एंड कंट्रोल केंद्रों पर सटीक हमले किए. इनका उद्देश्य क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा, अमेरिका के राष्ट्रीय हितों की रक्षा और Strait of Hormuz के जरिए समुद्री व्यापार के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करना था. ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि इन हमलों में अमेरिकी जमीनी सैनिकों का इस्तेमाल नहीं किया गया और ऑपरेशन को इस तरह अंजाम दिया गया जिससे आम नागरिकों को कम से कम नुकसान हो.

3- वैश्विक बाजारों पर भी जंग का सीधा असर दिख रहा है. कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है. अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जो जुलाई 2024 के बाद का उच्चतम स्तर है. अमेरिकी बाजारों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि एशिया और यूरोप के शेयर बाजारों में भी भारी बिकवाली देखी गई. एयरलाइन कंपनियों के शेयर दबाव में हैं, क्योंकि बढ़ती तेल कीमतों से टिकट दरों में इजाफे की आशंका है.

4- अमेरिका ने सऊदी अरब और कुवैत में अपने दूतावास अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं और गैर-जरूरी स्टाफ को हटाने का आदेश दिया है. उधर, युद्ध कवरेज के दौरान इजरायल में दो तुर्की पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने की खबर भी सामने आई है, जिस पर तुर्की ने प्रेस की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया है.

5- मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य टकराव के बीच भारत से जुड़ी समुद्री गतिविधियों पर भी बड़ा असर पड़ा है. फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में भारतीय ध्वज वाले 37 जहाज फंसे हुए हैं. इन जहाजों पर 1,100 से अधिक भारतीय नाविक सवार हैं. अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच जारी सैन्य कार्रवाइयों के कारण अहम समुद्री मार्ग Strait of Hormuz फिलहाल बंद है, जिससे जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है. कुछ जहाज भारत के लिए कच्चा तेल और एलएनजी लेकर आ रहे थे, जबकि कुछ खाड़ी देशों से पेट्रोलियम उत्पाद लाने जा रहे थे.

6- स्थिति पर नजर रखते हुए Directorate General of Shipping शिपिंग कंपनियों के लगातार संपर्क में है और हालात की करीबी निगरानी कर रहा है. इस संघर्ष में वेस्ट एशिया क्षेत्र में विदेशी ध्वज वाले जहाजों पर तैनात कम से कम तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है, जबकि एक अन्य घायल हुआ है. समुद्री कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिपिंग मंत्रालय ने एक विशेष त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्विक रिस्पॉन्स टीम) का गठन किया है. यह टीम संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय, आपात स्थितियों में तुरंत कार्रवाई और भारतीय नाविकों तथा उनके परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का काम करेगी.

7- चीन ने ईरान पर किए जा रहे सैन्य हमलों का विरोध जताया है. चीन के विदेश मंत्री Wang Yi ने इजरायल के विदेश मंत्री Gideon Saar से फोन पर बातचीत में कहा कि बीजिंग ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के पक्ष में नहीं है. सरकारी समाचार एजेंसी Xinhua News Agency के मुताबिक वांग यी ने कहा कि हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में स्पष्ट प्रगति हो रही थी, लेकिन 'गोलीबारी ने इस प्रक्रिया को बाधित कर दिया.'

8- चीन, जो तेहरान का करीबी साझेदार माना जाता है, पहले ही ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या को 'गंभीर उल्लंघन' बता चुका है और संघर्षविराम की अपील कर चुका है. हालांकि इजरायल से बातचीत में वांग ने सीधे तौर पर निंदा करने से परहेज किया और कहा कि सभी मुद्दों का समाधान 'संवाद और परामर्श' के जरिए होना चाहिए.

9-  वांग यी ने  दोहराया कि अमेरिका और इज़राइल के सैन्य हमलों का चीन विरोध करता है और कहा, “बल प्रयोग से समस्याओं का समाधान नहीं होता, बल्कि इससे नए संकट और गंभीर परिणाम पैदा होते हैं.” चीन ने तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि यदि संघर्ष नहीं थमा तो हालात और बिगड़ सकते हैं.

10-  ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने कहा है कि अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ हमले और तेज किए जाएंगे. गार्ड्स के प्रवक्ता Ali Mohammad Naini ने सरकारी टीवी पर कहा, “दुश्मन को लगातार दंडात्मक हमलों के लिए तैयार रहना चाहिए. अमेरिका और इज़राइल पर हर पल ‘नरक के दरवाजे’ और अधिक खुलते जाएंगे.” 

कुल मिलाकर, ईरान-इजरायल-अमेरिका टकराव अब चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है और इसका असर सैन्य, कूटनीतिक और आर्थिक मोर्चों पर वैश्विक स्तर पर दिखाई दे रहा है.

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