मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आहट! क्या ईरान पर टूटने वाला है खाड़ी देशों का कहर? UAE और सऊदी अरब कर रहे बड़ा प्लान

मिडिल ईस्ट में जंग अब और खतरनाक मोड़ लेती दिख रही है. ईरान के लगातार हमलों के बीच यूएई और सऊदी अरब भी जवाबी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है. क्या अब यह संघर्ष सीमित नहीं रहेगा और खाड़ी देश सीधे टकराव में उतर जाएंगे?

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Edited By :  समी सिद्दीकी
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US-Iran-Israel War: ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद तेहरन लगातार अमेरिका और इजराइल को निशाना बना रहा है. इस्लामिक रिपब्लिक अमेरिका के अलग-अलग देशों में बने मिलिट्री बेस को भी टारगेट कर रहा है. जिसमें कई सैनिकों की मौत हो चुकी है. ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक ईरान मरने वाले लोगों की तादाद 1 हजार पहुंच गई गई है. ईरान में अभी और तबाही होने के आसार दिख रहे हैं, क्योंकि यूएई भी अब इस जंग में कूदने की तैयारी में है और इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ मिलिट्री एक्शन के बारे में विचार कर रहा है. उधर ट्रंप ने साफ कहा है कि वह इस जंग को और लंबा खींच सकते हैं.

दूसरी ओर माना जा रहा है कि सऊदी अरब भी ईरान के खिलाफ एक्शन लेने की बात कर रहा है. अगर ऐसा होता है तो पूरा मिडिल ईस्ट जंग की आग में जलने लगेगा. ये भी मुमकिन है कि इन देशों के साथ आने वाले दिनों में और भी देश साथ आ जाएं.

ईरान के खिलाफ यूएई का क्या है प्लान?

एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले की जानकारी रखने वाले दो सूत्रों ने बताया कि लगातार हो रहे हमलों के बाद अब यूएई जवाबी कार्रवाई के विकल्प पर सोच रहा है. यह कदम क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को और ज्यादा बढ़ा सकता है, जिसकी शुरुआत अमेरिका और इजरायल के ईरान पर बमबारी अभियान से हुई थी.

यूएई औपचारिक रूप से इस युद्ध में शामिल नहीं है, लेकिन इसके बावजूद वह सबसे ज्यादा निशाना बनाए गए देशों में शामिल हो गया है. हमले शुरू होने के बाद से यूएई पर सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन दागे गए हैं, ये हमले नागरिक ढांचे, ऊर्जा सुविधाओं और शहरों को निशाना बनाकर किए गए थे.

क्या अब तक बचता आया है यूएई?

अबू धाबी के अधिकारी उन कदमों पर विचार कर रहे हैं जिन्हें सूत्रों ने 'सक्रिय रक्षात्मक उपाय' बताया है. अगर यूएई ईरान की जमीन पर हमला करता है, तो यह उसके लिए एक अभूतपूर्व कदम होगा. अब तक यूएई सीधे टकराव से बचता रहा है और अपनी सुरक्षा के लिए डिफेंस सिस्टम और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों पर निर्भर करता रहा है.

यूएई पर ईरान ने कितने हमले किए?

एक सूत्र ने एक्सियोस से कहा, “यूएई ईरान के खिलाफ सक्रिय रक्षात्मक कदमों पर विचार कर रहा है. वह युद्ध में किसी भी तरह शामिल नहीं रहा, फिर भी उस पर 800 प्रोजेक्टाइल दागे गए हैं.”

रिपोर्ट में यूएई के विदेश मंत्रालय के बयान का भी जिक्र है, जिसमें कहा गया कि देश आत्मरक्षा का अधिकार सुरक्षित रखता है. मंत्रालय ने यह भी कहा कि बार-बार हो रहे ईरानी हमलों के जवाब में अपनी रक्षा नीति बदलने का अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है.

क्या सऊदी अरब भी दे सकता है जवाब?

रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली अधिकारियों का मानना है कि सऊदी अरब भी अपने क्षेत्र पर हुए हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई पर विचार कर सकता है. यूएई के राष्ट्रपति के विदेश नीति सलाहकार अनवर गर्गाश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक सार्वजनिक संदेश में तेहरान की आलोचना की. उन्होंने लिखा, “खाड़ी देशों पर ईरान का हमला एक बड़ी गलत गणना थी और इसने अहम समय पर ईरान को अलग-थलग कर दिया है."

क्या कहते हैं हमलों के आंकड़ें?

यूएई के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को हमलों के विस्तृत आंकड़े जारी किए. मंत्रालय के अनुसार, ईरान ने यूएई की ओर 186 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. इनमें से 172 को एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया, 13 समुद्र में गिर गईं और एक मिसाइल यूएई की जमीन पर गिरी. ईरान ने 812 ड्रोन भी लॉन्च किए. अधिकारियों के मुताबिक, 755 ड्रोन को रास्ते में ही रोक दिया गया, जबकि 57 ड्रोन यूएई के अलग-अलग स्थानों पर गिरे.

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