मौत के बाद भी 'जिंदा' रहेंगे आप, सोशल मीडिया अकाउंट से होता रहेगा पोस्ट और लाइक-कमेंट? Meta के नए AI पेटेंट से दुनिया हैरान
Meta ने एक ऐसा AI पेटेंट कराया है, जो किसी व्यक्ति की मौत के बाद भी उसके सोशल मीडिया अकाउंट को एक्टिव रख सकता है. AI पुराने डेटा के आधार पर उस व्यक्ति की तरह पोस्ट, कमेंट और जवाब देगा.;
जीते जी नहीं, मरने के बाद भी ऑनलाइन रहेंगे आप? Meta का चौंकाने वाला आइडिया
(Image Source: Sora_ AI )Meta AI patent, social media after death: क्या ऐसा हो सकता है कि इंसान की मौत के बाद भी उसका सोशल मीडिया अकाउंट जिंदा रहे और पोस्ट करता रहे? दुनिया की बड़ी टेक कंपनी Meta ने एक ऐसा ही AI सिस्टम पेटेंट कराया है, जिसने इस बहस को तेज कर दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने एक पेटेंट हासिल किया है जिसमें बताया गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) किसी व्यक्ति की सोशल मीडिया एक्टिविटी को 'सिमुलेट' कर सकता है. यानी अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक ऑनलाइन नहीं है या उसकी मौत हो चुकी है, तब भी उसका अकाउंट पोस्ट करता रहेगा, कमेंट करेगा और मैसेज का जवाब देगा.
इस तकनीक में AI को उस यूजर के पुराने डेटा से ट्रेन किया जाएगा, जैसे- उसकी पोस्ट, लाइक, कमेंट, चैट और व्यवहार. इसके आधार पर एक तरह का डिजिटल क्लोन बनाया जाएगा, जो उसी व्यक्ति की तरह ऑनलाइन व्यवहार करेगा.
पेटेंट में क्या कहा गया है?
पेटेंट में यह भी कहा गया है कि अगर कोई यूजर अचानक सोशल मीडिया से गायब हो जाता है, तो उसके फॉलोअर्स के अनुभव पर असर पड़ता है. ऐसे में AI उस खालीपन को भर सकता है. खासकर इन्फ्लुएंसर्स या कंटेंट क्रिएटर्स के लिए यह तकनीक काम की हो सकती है, जिन्हें ब्रेक लेने पर भी ऑनलाइन एक्टिव रहना जरूरी होता है.
AI संभालेगा आपकी ऑनलाइन पहचान, मौत के बाद भी एक्टिव रहेगा प्रोफाइल (Credit- SoraI)
तकनीक को कब लागू किया जाएगा?
हालांकि, कंपनी के प्रवक्ता ने साफ किया है कि फिलहाल इस तकनीक को लागू करने की कोई योजना नहीं है. टेक कंपनियां कई बार नए आइडिया के पेटेंट लेती हैं, लेकिन हर पेटेंट को प्रोडक्ट नहीं बनाया जाता.
क्या इंसान की डिजिटल पहचान को मौत के बाद भी जिंदा रखना सही है?
इस खबर के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई है- क्या इंसान की डिजिटल पहचान को मौत के बाद भी जिंदा रखना सही है? विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ तकनीकी नहीं बल्कि कानूनी, सामाजिक और नैतिक सवाल भी खड़े करता है. कुछ लोगों का मानना है कि इससे शोक मना रहे परिवार को मदद मिल सकती है, जबकि कई लोग इसे 'डिजिटल भूत' बनाने जैसा मान रहे हैं.
क्या इंसान मरने के बाद भी इंटरनेट पर 'जिंदा' रहेगा?
दरअसल, यह विचार बिल्कुल नया नहीं है. पहले भी कंपनियां डिजिटल विरासत (Digital Legacy) से जुड़े टूल ला चुकी हैं, जहां किसी व्यक्ति की मौत के बाद उसका अकाउंट परिवार संभाल सकता है, लेकिन AI के जरिए मृत व्यक्ति की तरह व्यवहार करने वाली तकनीक इस बहस को एक नए स्तर पर ले जाती है. अब सवाल यही है- क्या भविष्य में इंसान मरने के बाद भी इंटरनेट पर 'जिंदा' रहेगा?