खामेनेई का खात्मा करने के लिए क्यों चुना गया शनिवार सुबह का ही समय? जानें क्या था US-इजराइल का प्लान

मिडिल ईस्ट में हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं. ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की अमेरिका-इजरायल हवाई हमलों में मौत हो गई. जिससे ईरान और ज्यादा भड़क गया. ईरान ने फिर से पलटवार करते हुए इजरायल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया.

Iran-Israel War

(Image Source:  AI: Sora )
Edited By :  विशाल पुंडीर
Updated On :

Iran-Israel War: मिडिल ईस्ट में हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं. ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की अमेरिका-इजरायल हवाई हमलों में मौत हो गई. जिससे ईरान और ज्यादा भड़क गया. ईरान ने फिर से पलटवार करते हुए इजरायल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. खामेनेई जब अपने टॉप सलाहकारों के साथ एक सीक्रेट बैठक कर रहे थे तब इजरायल और अमेरिका ने तेहरान के खिलाफ संयुक्त हवाई और नौसैनिक अभियान शुरू कर दिया, जिसमें खामेनेई मारे गए.

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों का मानना था कि हमले की शुरुआत में ही खामेनेई को निशाना बनाना जरूरी था ताकि अचानक हमले का रणनीतिक लाभ उठाया जा सके. अधिकारियों ने संकेत दिया कि यदि ईरानी नेता को थोड़ा भी समय मिलता, तो वह सुरक्षित ठिकाने पर भाग सकते थे.

शनिवार सुबह ही क्यों किया हमला?

सूत्रों ने बताया कि मूल योजना के तहत यह उम्मीद थी कि खामेनेई शनिवार शाम को तेहरान में बैठक करेंगे लेकिन इजरायली खुफिया एजेंसियों को शनिवार सुबह ही एक अहम बैठक की जानकारी मिल गई, जिसके बाद हमलों को तत्काल आगे बढ़ा दिया गया. बैठक का सटीक स्थान स्पष्ट नहीं हो पाया, लेकिन अभियान की शुरुआत में ही तेहरान स्थित खामेनेई के उच्च सुरक्षा परिसर पर हमला किया गया. सेटेलाइट से मिली तस्वीरों ने पुष्टि की कि परिसर पूरी तरह ध्वस्त हो चुका था.

किन देशों पर ईरान ने दागी मिसाइलें?

अमेरिका-इजरायल के हमले में सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने तुरंत पलटवार किया. ईरान ने इजरायल के अलावा कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), जॉर्डन और कुवैत की दिशा में ड्रोन और मिसाइलों की बौछार की. इससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में दहशत फैल गई. हमला उस समय किया गया जब वाशिंगटन में आधी रात बीत चुकी थी और ईरान में दिन का समय था.

IRGC ने क्या दी US-इजरायल को चेतावनी?

Islamic Revolutionary Guard Corps (आईआरजीसी) ने खामेनेई के हत्यारों को कड़ी सजा देने की कसम खाई है. अपने आधिकारिक टेलीग्राम पेज पर जारी बयान में संगठन ने कहा "उम्माह के इमाम के हत्यारों को कड़ी, निर्णायक और खेदजनक सजा देने के लिए ईरानी राष्ट्र का प्रतिशोध का हाथ उन्हें नहीं छोड़ेगा." आईआरजीसी ने यह भी वादा किया कि अमेरिका और इजरायल के खिलाफ इतिहास का सबसे भीषण आक्रामक अभियान चलाया जाएगा.

किस-किस की हुई मौत?

इजरायल ने दावा किया है कि खामेनेई के साथ उनके कई शीर्ष सहयोगी भी मारे गए. इनमें पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली शमखानी और आईआरजीसी कमांडर मोहम्मद पाकपुर शामिल बताए गए हैं.

हालांकि, सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव Ali Larijani हमले में बच गए. उन्होंने बदला लेने की शपथ लेते हुए कहा "ईरान के बहादुर सैनिक और महान राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय उत्पीड़कों को एक अविस्मरणीय सबक सिखाएंगे."

Similar News