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IRGC की कमान अब ‘एंटी-अमेरिकन जनरल’ के हाथ! कौन हैं खामनेई के भरोसेमंद अहमद वाहिदी? टेंशन में ट्रंप

अहमद वाहिदी को IRGC का नया प्रमुख बनाए जाने से ईरान की सैन्य रणनीति और आक्रामक रुख मजबूत होने के संकेत मिल रहे हैं. खामनेई के भरोसेमंद माने जाने वाले वाहिदी का प्रोफाइल विवादों और अनुभव दोनों से भरा है.

Ahmad Vahidi IRGC Commander profile
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( Image Source:  @RibereF )

ईरान की शक्तिशाली सैन्य संस्था इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड (IRGC) का नया कमांडर-इन-चीफ ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी को नियुक्त किया गया है. अहमद वाहिदी इससे पहले ईरान के रक्षा मंत्री और प्रांत के वरिष्ठ सैन्य कमांडर रह चुके हैं. उन्हें अब IRGC की कमान सौंपी गई है. ताकि वर्तमान तनाव और युद्ध जैसे हालात में सेना की रणनीति और संचालन मजबूत हो सके.

वाहिदी IRGC की कुद्स फोर्स जो ईरान की विदेश में सैन्य और खुफिया गतिविधियों के लिए जिम्मेदार प्रमुख विभाग है, का पूर्व कमांडर भी रह चुके हैं. उनकी नियुक्ति को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. खासकर, अमेरिकी और इजरायल के साथ बढ़ते टकराव और सुरक्षा खतरों के बीच.

कौन हैं अहमद वाहिदी?

अहमद वाहिदी जन्म 27 जून 1958 को ईरान के शहर शिराज में हुआ था. वे ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी हैं, जिन्होंने कई महत्वपूर्ण सुरक्षा और राजनीतिक पोस्ट संभाले हैं. जनवरी 2026 में उन्हें IRGC का उप‑कमांडर और मार्च 2026 में प्रमुख कमांडर‑इन‑चीफ के रूप में नियुक्त किया गया.

वाहिदी ने इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में स्नातक, इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग में मास्टर और रणनीतिक अध्ययन में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की है. उनकी सैन्य सेवा 1980 से शुरू हुई और समय के साथ वे IRGC की शक्तिशाली फ्रंटलाइन यूनिटों में अग्रणी बने.

IRGC के भीतर उनकी अहमियत क्या?

IRGC की विदेशी ऑपरेशन्स शाखा कुद्स फोर्स के संस्थापक कमांडर के रूप में वाहिदी का नाम है. कुद्स फोर्स ईरान की बाहरी सैन्य और खुफिया गतिविधियों का केंद्र है, जिसमें विदेशों में प्रॉक्सी नेटवर्क, अनुसूचित समूहों व सैन्य रणनीति को संचालित किया जाता है.अहमद वाहिदी को सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने IRGC का नेतृत्व सौंपा है. यह नियुक्ति सीधे सर्वोच्च नेता की इच्‍छा पर हुई है. उनके इस उच्च पद संभालने से यह संकेत मिलता है कि वह खामेनेई के भरोसेमंद और विश्वसनीय नेतृत्व में शामिल हैं.

कब रहे ईरान के रक्षा और गृह मंत्री?

वाहिदी सिर्फ सैन्य कमांडर नहीं रहे, वे ईरान सरकार में रक्षामंत्री (2009–2013) और बाद में गृह मंत्री (2021–2024) भी रहे हैं. इन पदों पर रहते हुए उन्होंने देश की सुरक्षा नीति और भीतरी मामलों में अहम भूमिका निभाई. इसके अलावा वे ईरान के समीचीनता विवेक परिषद (Expediency Discernment Council) के सदस्य भी हैं.

खामेनेई के साथ करीबी संबंध कैसे?

उनकी नियुक्ति सीधे ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की डिक्री से हुई है. इसका मतलब है कि वे खामेनेई के भरोसेमंद सीनियर कमांडरों में शामिल हैं. इतने उच्च नेतृत्व पदों का अनुभव उन्हें खामेनेई के करीब बनाता है. खासकर सुरक्षा मामलों में.

IRGC को मजबूत करने में उनका योगदान क्या?

वाहिदी की रणनीतिक समझ और सैन्य अनुभव के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं. वे कुद्स फोर्स के पहले कमांडर रहे, जिससे उन्हें विदेशी ऑपरेशन्स की गहरी जानकारी है. सेना और सुरक्षा नेटवर्क के संचालन को व्यवस्थित करने में उनका हाथ रहा है. उनकी नियुक्ति के साथ IRGC की रणनीतिक तैयारी, लॉजिस्टिक्स और प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाने की कोशिश मानी जा रही है.

इंटरपोल रेड नोटिस क्यों ?

वाहिदी पर 1994 के अर्जेंटीना में AMIA बम धमाके से जुड़ने के आरोप के चलते इंटरपोल से रेड नोटिस जारी है. साथ ही वे अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा करारी कार्रवाई के तहत सैंक्शन्ड भी हैं.

संकट के समय उनकी अहमियत क्या?

हालिया, तनाव और अमेरिका‑इजराइल के हमलों के दौरान IRGC की कमान संभालते हुए उनकी नियुक्ति को ईरान की कड़ा संदेश देने की रणनीति माना जा रहा है. विशेषज्ञों के मुताबिक, उनका अनुभव और अकादमिक पृष्ठभूमि IRGC के रणनीतिक निर्णयों और संचालन के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. अहमद वाहिदी इससे पहले अनुभवी सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व संभाल चुके हैं. कुद्स फोर्स के संस्थापक कमांडर, ईरान के रक्षामंत्री व गृह मंत्री के रूप में भी काम कर चुके हैं. खामेनेई के भरोसेमंद शख्स रहे है. अंतरराष्ट्रीय विवाद और सैंक्शन्स के बावजूद IRGC की नई कमान मिलना ही, उनकी अहमियत का प्रतीक है.

ईरान इजरायल युद्धवर्ल्‍ड न्‍यूज
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