खामेनेई ने क्यों किया था पंडित नेहरू की किताब Glimpses of World History का जिक्र, सोशल पर वायरल हो रहा Video
खामेनेई के निधन के बाद सोशल मीडिया पर उनके पुराने भाषणों और वीडियो क्लिप्स तेजी से वायरल हो रहे हैं. इन्हीं में एक वीडियो भारत से जुड़ा है.
Ayatollah Ali Khamenei
(Image Source: AI: Sora )Iran-Israel War: इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हवाई हमलों में ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पूरे ईरान में शोक और आक्रोश का माहौल है राजधानी तेहरान से लेकर छोटे शहरों तक लोग सड़कों पर उतर आए हैं और अमेरिका-इजरायल के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं. इस घटनाक्रम का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दे रहा है, जहां भारत, पाकिस्तान सहित कई देशों में उनके समर्थकों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं.
खामेनेई के निधन के बाद सोशल मीडिया पर उनके पुराने भाषणों और वीडियो क्लिप्स तेजी से वायरल हो रहे हैं. इन्हीं में एक वीडियो भारत से जुड़ा है, जिसमें वे भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की किताब का उल्लेख करते हुए दिखाई दे रहे हैं.
नेहरू की किताब का जिक्र क्यों?
वायरल वीडियो में खामेनेई एक सार्वजनिक संबोधन के दौरान लोगों से Glimpses of World History पढ़ने की अपील करते नजर आते हैं. उन्होंने कहा था कि पंडित नेहरू ने अपनी इस किताब में विस्तार से लिखा है कि अंग्रेज भारत कैसे आए और उन्होंने किस प्रकार शासन स्थापित किया.
खामेनेई का मानना था कि उपनिवेशवाद के इतिहास को समझने के लिए यह पुस्तक महत्वपूर्ण है. उन्होंने अपने भाषण में यह संकेत दिया था कि ऐतिहासिक अनुभवों से सीख लेकर वर्तमान वैश्विक राजनीति को समझा जा सकता है. यही कारण है कि उनका यह बयान अब उनकी मौत के बाद फिर से चर्चा में है.
ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है. सरकारी मीडिया और Fars News Agency ने अपने लेखों में खामेनेई की तुलना कर्बला के शहीद इमाम हुसैन से की है. एक लेख में कहा गया कि खामेनेई हजरत अली की तरह जिए और इमाम हुसैन की तरह शहीद हुए. सरकारी बयान में कहा गया कि उन्होंने जीवन भर अमेरिका के सामने झुकने से इनकार किया और रमजान के पवित्र महीने में दुश्मनों के हाथों मारे गए.
परिवार के किन सदस्यों की हुई मौत?
मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इस हमले में खामेनेई के साथ उनकी बेटी, दामाद और पोते-पोतियों की भी मौत हुई है. खामेनेई की मौत ने न केवल ईरान की आंतरिक राजनीति को झकझोर दिया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहस को तेज कर दिया है. वहीं खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने फिर से अमेरिका और इजरायल के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को कड़ी चेतावनी देते ऐसे हमला करने की बात कही है जो आज तक नहीं हुआ.