Iran-Israel War: आखिर कैसे मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई? USA और इजरायल ने कौन सी टैक्टिक्स लगाकर कर दिया ढेर- Detailed
अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में 86 वर्षीय खामेनेई मारे गए. बताया जा रहा है कि यह हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन उस समय अंजाम दिया गया जब खामेनेई एक सीक्रोट और सुरक्षित स्थान पर अपने दो करीबी सहयोगियों के साथ बैठक कर रहे थे.
Ayatollah Ali Khamenei
(Image Source: X/ @Khamenei_fa )Iran-Israel War: इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हवाई हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की मौत हो गई है. उनकी मौत से ईरान में मातम पसर गया है और लोग अमेरिका-इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. सरकारी टीवी चैनल Press TV और अन्य ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में 86 वर्षीय खामेनेई मारे गए.
बताया जा रहा है कि यह हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन उस समय अंजाम दिया गया जब खामेनेई एक सीक्रोट और सुरक्षित स्थान पर अपने दो करीबी सहयोगियों के साथ बैठक कर रहे थे. सूत्रों के अनुसार, उनके साथ सुरक्षा परिषद के सलाहकार अली शमखानी और आईआरजीसी प्रमुख मोहम्मद पाकपूर मौजूद थे.
कैसे हुई खामनेई की मौत?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला तेहरान के भीतर एक बंकरनुमा सुरक्षित परिसर में बेहद सीक्रेट तरीके से अंजाम दिया गया. Khaleej Times की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि खुफिया एजेंसियां लंबे समय से अली शमखानी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं. जैसे ही वे खामेनेई से मिलने पहुंचे, उसी समय सटीक हमले को अंजाम दिया गया. बता दें, जून 2025 में भी शमखानी पर हमला हुआ था, लेकिन तब वे बच निकले थे. इस बार उनकी मूवमेंट ने कथित तौर पर खुफिया एजेंसियों को खामेनेई के ठिकाने तक पहुंचने में मदद की.
पहले किसने की मौत की घोषणा?
हमले की सफलता के तुरंत बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सबसे पहले खामेनेई को मार गिराने की घोषणा की. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सार्वजनिक रूप से इसकी पुष्टि की.
अमेरिकी मीडिया आउटलेट Spectrum Index के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप को आधिकारिक घोषणा से पहले खामेनेई का शव दिखाया गया था. इस दावे ने पूरे घटनाक्रम को और अधिक सनसनीखेज बना दिया है.
किस-किस की हुई मौत?
ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है. सरकारी मीडिया और Fars News Agency ने अपने लेखों में खामेनेई की तुलना कर्बला के शहीद इमाम हुसैन से की है. एक लेख में कहा गया कि खामेनेई हजरत अली की तरह जिए और इमाम हुसैन की तरह शहीद हुए.
सरकारी बयान में कहा गया कि उन्होंने जीवन भर अमेरिका के सामने झुकने से इनकार किया और अंततः रमजान के पवित्र महीने में दुश्मनों के हाथों मारे गए. मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इस हमले में खामेनेई के साथ उनकी बेटी, दामाद और पोते-पोतियों की भी मौत हुई है.
खामनेई की मौच के बाद क्या बोला ईरान?
ईरान की ओर से जारी आधिकारिक बयान में साफ कहा गया है कि इस शहादत का बदला लिया जाएगा और अमेरिका को इसका अंजाम भुगतना होगा. प्रेस टीवी की एक एंकर लाइव प्रसारण के दौरान भावुक हो गईं और उन्होंने कसम खाई कि खामेनेई के खून के हर कतरे का बदला लिया जाएगा. देशभर में शोक और आक्रोश का माहौल है.
कौन बना नया सुप्रीम लीडर?
अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद उनके बड़े बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीन लीडर बनाया गया है. वहीं खामेनेई की मौत के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड का कहना है कि इजरायल और अमेरिकी मध्य पूर्व ठिकानों को निशाना बनाने के लिए अब तक का 'सबसे भीषण आक्रामक अभियान' चलाया जाएगा.