हर देश में Israel के एम्बेसी को टारगेट करेगा Iran, दुबई में मार गिराए अमेरिका के 100 से ज्यादा मरीन? TOP 10 UPDATES
मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच टकराव पांचवें दिन भी जारी है. तेहरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद ईरान ने ड्रोन और मिसाइलों से जवाबी कार्रवाई की, जिससे लेबनान, इराक, खाड़ी देश और हिंद महासागर तक हालात तनावपूर्ण हो गए.
Iran vs Israel US War 5th Day Highlights: मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष पांचवें दिन तक बहु-स्तरीय क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले चुका है. तेहरान पर अमेरिकी-इज़रायली हमलों और ईरान के जवाबी ड्रोन-मिसाइल अटैक के बाद खाड़ी देशों, लेबनान, इराक, तुर्की और यहां तक कि हिंद महासागर तक हालात बिगड़ गए हैं. ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर लेबनान में उसके मिशन को निशाना बनाया गया तो दुनिया भर में इज़रायली दूतावासों को 'वैध लक्ष्य' माना जाएगा. यानी उन पर हमले किए जाएंगे.
इस बीच दुबई, रियाद और दोहा जैसे अहम शहरों में ड्रोन घटनाओं और आगजनी की खबरों ने क्षेत्रीय सुरक्षा तंत्र को हाई अलर्ट पर ला दिया है. समुद्री मार्गों, खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, में हमलों और जहाज़ों को निशाना बनाए जाने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी खतरा मंडरा रहा है. अमेरिका ने दावा किया है कि उसने ईरान की सैन्य क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचाया है, जबकि तेहरान लगातार पलटवार की बात कर रहा है.
Iran Israel War: पांचवें दिन के टॉप-10 अपडेट्स
1- ईरान की वैश्विक चेतावनी: ईरानी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता अबोलफज़ल शेखरची ने कहा कि अगर इजरायल ने लेबनान में ईरानी मिशन पर हमला किया, तो दुनिया भर में इजरायली दूतावास निशाने पर होंगे. यह बयान इज़रायली सेना की उस चेतावनी के बाद आया जिसमें लेबनान में मौजूद ईरानी प्रतिनिधियों को 24 घंटे में निकलने को कहा गया था.इस धमकी ने कूटनीतिक मिशनों की सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ा दी है.
2- दुबई और रियाद में ड्रोन घटनाएं: दुबई स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास ड्रोन हमले के बाद आग लगी, जिसे बाद में काबू कर लिया गया. अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पुष्टि की कि ड्रोन पार्किंग क्षेत्र में गिरा, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ. फॉक्स न्यूज के मुताबिक रियाद स्थित CIA स्टेशन को भी ड्रोन से निशाना बनाया गया, लेकिन बड़ा नुकसान नहीं हुआ.
3- IRGC का बड़ा दावा: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि दुबई में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमले में 100 से ज्यादा मरीन मारे गए. यह बयान मेहर न्यूज एजेंसी के हवाले से सामने आया, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. अमेरिका की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है.
4- इराक में राष्ट्रव्यापी ब्लैकआउट: ईराक में अचानक देशभर में बिजली गुल हो गई, जिससे प्रमुख शहरों और अहम ढांचे प्रभावित हुए. सरकार ने कारणों की जांच शुरू कर दी है और आपूर्ति बहाल करने की कोशिशें जारी हैं. विश्लेषक इसे साइबर या मिसाइल गतिविधि से जोड़कर भी देख रहे हैं.
5- कुर्दिस्तान और सीमा पार हमले: ईरान के कुर्दिस्तान प्रांत में विस्फोट की खबर है, जबकि इराकी कुर्द क्षेत्र में भी मिसाइल हमले हुए. ईरान ने दावा किया कि उसने 'आतंकी संगठनों' के ठिकानों को निशाना बनाया. उधर, CNN की रिपोर्ट में दावा है कि CIA कुर्द बलों को समर्थन देने की तैयारी में है.
6- लेबनान में जंग का विस्तार: हिजबुल्लाह ने तेल अवीव के पास सैन्य ठिकानों पर ड्रोन झुंड से हमला करने का दावा किया. इज़रायल ने दक्षिणी लेबनान के कई गांवों को खाली करने का आदेश दिया है. अब तक 50 से अधिक लोगों की मौत और हजारों के विस्थापन की खबर है.
7- श्रीलंका के पास ईरानी युद्धपोत डूबा: अमेरिकी पनडुब्बी ने हिंद महासागर में ईरानी फ्रिगेट IRIS Dena को टॉरपीडो से डुबो दिया. श्रीलंका नौसेना ने 87 शव बरामद किए और 32 लोगों को बचाया. अमेरिका का कहना है कि यह ईरानी नौसेना को खत्म करने की रणनीति का हिस्सा है.
8- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में खतरा: ओमान के पास माल्टा-झंडे वाले जहाज़ पर 'अज्ञात प्रोजेक्टाइल' से हमला हुआ. IRGC ने दावा किया है कि जलडमरूमध्य पर उसका 'पूर्ण नियंत्रण' है. यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% संभालता है, जिससे ऊर्जा बाजारों में उथल-पुथल है.
9- खाड़ी देशों में नागरिक हताहत: कुवैत में मिसाइल के मलबे से 11 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई. कुल 13 लोगों की मौत खाड़ी देशों में हुई है, जिनमें 7 नागरिक शामिल हैं. कतर के प्रधानमंत्री ने ईरान से हमले तुरंत रोकने की मांग की है.
10- चीन और तुर्की की एंट्री: चीन ने मध्य पूर्व में विशेष दूत भेजने की घोषणा की है. तुर्की (तुर्किए) ने कहा कि नाटो की एयर डिफेंस ने ईरान से दागी मिसाइल को उसके हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले नष्ट किया. इससे साफ है कि संघर्ष अब बहु-राष्ट्रीय आयाम ले चुका है.
कुल मिलाकर, यह टकराव अब सीमित सैन्य कार्रवाई नहीं रहा, बल्कि बहु-देशीय संघर्ष का रूप ले चुका है. समुद्री मार्ग, ऊर्जा आपूर्ति, कूटनीतिक मिशन और नागरिक सुरक्षा, सब पर इसका असर साफ दिख रहा है. आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयास तेज होंगे या सैन्य टकराव और बढ़ेगा, यह वैश्विक राजनीति के लिए निर्णायक साबित हो सकता है.