अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर के पास पहुंच गया था ईरानी ड्रोन, US फाइटर जेट ने मार गिराया

अमेरिकी नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन के करीब पहुंचे ईरानी Shahed-139 ड्रोन को US F-35 फाइटर जेट ने मार गिराया. इस घटना से पश्चिम एशिया में पहले से जारी तनाव और बढ़ गया है.;

( Image Source:  ANI )
Edited By :  प्रवीण सिंह
Updated On : 3 Feb 2026 11:41 PM IST

अमेरिकी सेना ने अरब सागर में अपने एयरक्राफ्ट कैरियर ‘अब्राहम लिंकन’ की ओर बढ़ रहे एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया है. इस घटना की पुष्टि अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने मंगलवार को की. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ईरान का Shahed-139 ड्रोन अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन के बेहद करीब पहुंच गया था. इसे खतरा मानते हुए अमेरिकी वायुसेना के F-35 स्टील्थ फाइटर जेट ने हवा में ही नष्ट कर दिया.

यह घटना ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में पहले से ही तनाव का माहौल बना हुआ है. अमेरिकी नौसेना का विमानवाहक पोत ‘अब्राहम लिंकन’ क्षेत्र में सुरक्षा मिशन पर तैनात है. ड्रोन की इस हरकत को अमेरिकी सेना ने संभावित सुरक्षा खतरा माना.

Shahed-139 ड्रोन पर पहले भी विवाद

Shahed सीरीज के ड्रोन ईरान की सेना द्वारा विकसित किए गए हैं और इन्हें निगरानी तथा हमले दोनों उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इससे पहले भी ईरानी ड्रोन पर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने आपत्ति जताई है.

अमेरिका-ईरान संबंधों में और तल्खी

विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना से अमेरिका और ईरान के बीच पहले से तनावपूर्ण रिश्तों में और कड़वाहट बढ़ सकती है. हालांकि ईरान की ओर से अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता नेवी कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा, “अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत से उड़ान भरने वाले F-35C लड़ाकू विमान ने आत्मरक्षा में और विमानवाहक पोत तथा उस पर मौजूद कर्मियों की सुरक्षा के लिए ईरानी ड्रोन को मार गिराया.” उन्होंने बताया कि इस घटना में किसी भी अमेरिकी सैन्यकर्मी को कोई नुकसान नहीं हुआ और न ही किसी अमेरिकी उपकरण को क्षति पहुंची.

बातचीत की कोशिशों के बीच तनाव बढ़ना तय

यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता की संभावनाओं को लेकर राजनयिक प्रयास किए जा रहे थे. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर किसी समझौते पर नहीं पहुंचा गया और अमेरिकी युद्धपोत ईरान की ओर बढ़ते रहे, तो “बुरी चीजें” हो सकती हैं.

अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य जमावड़े का हिस्‍सा है. यह तैनाती पिछले महीने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर हुई हिंसक कार्रवाई के बाद की गई है, जिसे 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद देश में सबसे घातक आंतरिक अशांति माना जा रहा है.

अमेरिकी झंडे वाले जहाज को ईरानी सुरक्षाबलों ने किया परेशान

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक अन्य घटना का भी जिक्र किया, जो मंगलवार को कुछ घंटों बाद होर्मुज स्‍ट्रेट यानी जलडमरूमध्य में हुई. इसमें ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौकाओं ने अमेरिका के झंडे वाले और अमेरिकी चालक दल द्वारा संचालित एक व्यापारी जहाज को परेशान किया. हॉकिन्स ने कहा, “IRGC की दो नौकाएं और एक ईरानी मोहाजेर ड्रोन तेज गति से एम/वी स्टेना इम्पेरेटिव के पास पहुंचे और टैंकर पर चढ़ने तथा उसे जब्त करने की धमकी दी.”

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