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IRGC नौसेना कमांडर था निशाना! इज़रायल नहीं तो किसने कराए ईरान के 6 शहरों में धमाके, असली मास्टरमाइंड कौन?

ईरान के रणनीतिक बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में हुए भीषण धमाकों ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है. IRGC गेस्ट हाउस को निशाना बनाए जाने की आशंका के बीच 14 लोगों की मौत की खबर है. धमाकों की गूंज इस्फहान, नतांज और सावे जैसे परमाणु प्लांट वाले शहरों तक पहुंची.

IRGC नौसेना कमांडर था निशाना! इज़रायल नहीं तो किसने कराए ईरान के 6 शहरों में धमाके, असली मास्टरमाइंड कौन?
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( Image Source:  X/ConflictAlarm )
नवनीत कुमार
Edited By: नवनीत कुमार

Updated on: 31 Jan 2026 8:15 PM IST

ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर Bandar Abbas में हुए भीषण धमाकों ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है. एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत में हुआ यह विस्फोट अचानक नहीं माना जा रहा, क्योंकि इसकी टाइमिंग और लोकेशन दोनों ही बेहद संवेदनशील हैं. ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह हमला Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के गेस्ट हाउस से जुड़ा बताया जा रहा है. इसी वजह से यह घटना अब सिर्फ एक स्थानीय हादसा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव के चश्मे से देखी जा रही है.

अब तक आई जानकारी के मुताबिक इन धमाकों में कम से कम 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 4 बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं. कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पतालों में भर्ती हैं. सोशल मीडिया और सरकारी स्रोतों से सामने आई तस्वीरों में रिहायशी इलाकों में भारी तबाही, जली हुई गाड़ियां और ध्वस्त इमारतें दिखाई दे रही हैं. सबसे ज्यादा नुकसान बंदर अब्बास पोर्ट इलाके को हुआ है, जो ईरान की अर्थव्यवस्था और सैन्य आपूर्ति दोनों के लिए अहम माना जाता है.

एक शहर नहीं, कई जगहों पर धमाके

यह मामला सिर्फ बंदर अब्बास तक सीमित नहीं रहा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के कम से कम 6 शहरों से धमाकों की तस्वीरें सामने आई हैं. इनमें Isfahan, Natanz और Saveh जैसे शहर शामिल हैं, जहां ईरान के परमाणु संयंत्र मौजूद हैं. इसके अलावा पाकदश्त, परांद, तबरीज़ और अहवाज़ में भी विस्फोट की खबरें आई हैं, जिसने पूरे देश में अलर्ट की स्थिति पैदा कर दी है.

स्थानीय लोगों की आंखोंदेखी

ईरानी सरकारी टीवी के अनुसार, बंदर अब्बास के मोअल्लेम बुलेवार्ड इलाके में स्थित एक 8 मंज़िला इमारत में धमाका हुआ, जिसमें दो मंज़िलें पूरी तरह जमींदोज हो गईं. स्थानीय निवासियों का कहना है कि धमाके की आवाज़ कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई. कुछ लोगों ने इसे भूकंप जैसा झटका बताया, जबकि दुकानों और घरों के शीशे चकनाचूर हो गए. कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई.

क्या IRGC नौसेना कमांडर था निशाना?

सबसे गंभीर दावा यह है कि इस हमले में IRGC के नौसेना कमांडर को निशाना बनाया गया. अगर यह दावा सही साबित होता है, तो इसका मतलब है कि यह हमला बेहद सटीक और योजनाबद्ध था. ईरान के सेना प्रमुख अमीर हातमी ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी हमले का “मुंहतोड़ जवाब” दिया जाएगा. यह बयान संकेत देता है कि ईरान इसे सिर्फ हादसा मानने को तैयार नहीं है.

अमेरिकी गतिविधियां और बढ़ता शक

ध्यान देने वाली बात यह है कि यह धमाके ऐसे वक्त पर हुए हैं जब United States ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी हैं. अमेरिकी नौसेना और एयरफोर्स की बढ़ी मौजूदगी पहले ही ईरान के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी. ऐसे में धमाकों के बाद अटकलें तेज हो गईं कि क्या यह किसी बड़े भू-राजनीतिक टकराव का संकेत है, या फिर ईरान के भीतर की किसी साजिश का नतीजा.

इज़राइल ने किया इनकार

इस बीच Israel ने साफ शब्दों में कहा है कि इन धमाकों में उसका या अमेरिका का कोई हाथ नहीं है. रॉयटर्स से बात करते हुए इज़राइली अधिकारियों ने किसी भी सैन्य कार्रवाई से इनकार किया. यह बयान अंतरराष्ट्रीय दबाव को कम करने की कोशिश माना जा रहा है, लेकिन ईरान के भीतर संदेह पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. इतिहास गवाह है कि ऐसे इनकार कई बार कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा भी होते हैं.

संवेदनशील क्षेत्र, बड़ा सस्पेंस

बंदर अब्बास सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास स्थित एक रणनीतिक केंद्र है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है. ऐसे में यहां हुआ विस्फोट पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है. फिलहाल ईरानी प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में बता रहा है, लेकिन जब तक धमाकों की असली वजह सामने नहीं आती, तब तक यह घटना क्षेत्रीय अस्थिरता और संभावित टकराव की आशंका को और गहरा करती रहेगी.

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