ईरान में हिंसक प्रदर्शन के पीछे ट्रंप का हाथ! खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया ‘अपराधी’, कहा- उन्होंने दंगाइयों को उकसाया
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने हालिया हिंसक प्रदर्शनों और मौतों के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने इसे अमेरिकी साजिश बताते हुए कहा कि वॉशिंगटन का मकसद ईरान की संप्रभुता को कमजोर करना था. सरकार की सख्त कार्रवाई के बाद फिलहाल हालात शांत हैं, हालांकि इंटरनेट पाबंदियां जारी हैं. मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान 3,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई, जिसे ईरान ने आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है.
Ayatollah Ali Khamenei statement on Donald Trump: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. खामेनेई ने ईरान में हाल ही में हुए हिंसक प्रदर्शनों, जान-माल के नुकसान और मौतों के लिए सीधे तौर पर ट्रंप और वॉशिंगटन को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने ट्रंप को 'अपराधी' करार देते हुए कहा कि अमेरिका ने जानबूझकर ईरान में अस्थिरता फैलाने की साजिश रची.
शनिवार को अपने संबोधन में खामेनेई ने कहा कि ईरान में भड़के विरोध-प्रदर्शन किसी आंतरिक जनआंदोलन का नतीजा नहीं थे, बल्कि यह पूरी तरह अमेरिका द्वारा रची गई साजिश थी. ईरानी सुप्रीम लीडर के मुताबिक, “हम अमेरिकी राष्ट्रपति को ईरानी राष्ट्र के खिलाफ हुई मौतों, तबाही और बदनामी के लिए अपराधी मानते हैं.”
“अमेरिका का लक्ष्य ईरान को निगल जाना है”
खामेनेई ने आरोप लगाया कि इन प्रदर्शनों का असली मकसद ईरान की संप्रभुता को कमजोर करना और अमेरिकी प्रभुत्व को थोपना था. उन्होंने कहा, “हालिया अशांति एक अमेरिकी साजिश थी. अमेरिका का लक्ष्य ईरान को निगल जाना है.” उन्होंने यह भी दावा किया कि ट्रंप ने खुले तौर पर इन प्रदर्शनों में हस्तक्षेप किया, दंगाइयों को उकसाया और यहां तक कहा कि अमेरिका उन्हें सैन्य समर्थन देगा.
'ट्रंप ने दुनिया को किया गुमराह'
ईरान में विरोध प्रदर्शनों को अंतरराष्ट्रीय मीडिया द्वारा 'जनविद्रोह' बताए जाने पर खामेनेई ने तीखी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि ट्रंप ने 'उपद्रवियों और तोड़फोड़ करने वालों' को ईरानी जनता के रूप में पेश कर दुनिया को गुमराह किया. सुप्रीम लीडर ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने देश को अस्थिर करने की कोशिश को सख्ती से कुचला.
ईरान 'घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अपराधियों' को कभी माफ नहीं करेगा: खामेनेई
खामेनेई ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा, “जिस तरह ईरानी राष्ट्र ने दंगे की कमर तोड़ी, उसी तरह उसे उन लोगों की भी कमर तोड़नी चाहिए जिन्होंने इसे भड़काया.” उन्होंने साफ किया कि ईरान इन घटनाओं से जुड़े 'घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अपराधियों' को कभी माफ नहीं करेगा.
सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब ईरान में हालात अपेक्षाकृत शांत दिख रहे हैं. कई हफ्तों तक चले व्यापक प्रदर्शनों के बाद अब बड़े पैमाने पर हिंसा की खबरें नहीं आ रही हैं, खासकर राजधानी तेहरान में... हालांकि, इंटरनेट प्रतिबंध अभी भी जारी हैं और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं. प्रदर्शन की शुरुआत आर्थिक समस्याओं और महंगाई के खिलाफ हुई थी, लेकिन जल्द ही यह सीधे ईरानी नेतृत्व के खिलाफ चुनौती में बदल गया. सरकार ने कड़ा एक्शन लेते हुए व्यापक गिरफ्तारियां कीं और सुरक्षा बलों को खुली छूट दी.
मानवाधिकार संगठनों ने कार्रवाई को बताया बेहद घातक
मानवाधिकार संगठनों ने इस कार्रवाई को बेहद घातक बताया है. अमेरिका स्थित Human Rights Activists News Agency के अनुसार, इन प्रदर्शनों के दौरान अब तक 3,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि, ईरानी सरकार ने किसी आधिकारिक आंकड़े की पुष्टि नहीं की है और इन दावों की स्वतंत्र जांच भी नहीं हो पाई है.
ट्रंप ने दिए नरम बयान
दिलचस्प बात यह है कि खामेनेई के आक्रामक रुख के उलट, डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के दिनों में अपेक्षाकृत नरम बयान दिए हैं. ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से ईरान के नेताओं को धन्यवाद दिया कि उन्होंने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की सामूहिक फांसी नहीं दी. उन्होंने कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या और सामूहिक फांसी अमेरिका के लिए 'रेड लाइन' हैं. हालांकि, उन्होंने तनाव को और बढ़ाने से भी परहेज करने के संकेत दिए हैं.
अमेरिका, ट्रंप और इज़रायल के खिलाफ तीखे बयान
वहीं, ईरान के कट्टरपंथी धड़ों ने खामेनेई के सुर में सुर मिलाते हुए अमेरिका, ट्रंप और इज़रायल के खिलाफ तीखे बयान दिए हैं. वरिष्ठ मौलवियों ने गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों के लिए कड़ी सज़ा की मांग की है और खुले तौर पर धमकियां भी दी हैं.
अब तक के बड़े अपडेट्स
- ईरान में कई हफ्तों तक चले हिंसक प्रदर्शन फिलहाल थमे
- राजधानी तेहरान में पिछले कुछ दिनों से बड़े विरोध प्रदर्शन नहीं
- इंटरनेट पाबंदियां अब भी लागू
- मानवाधिकार समूहों के मुताबिक 3,000+ मौतें, ईरान ने आंकड़े जारी नहीं किए
- अयातुल्ला खामेनेई ने ट्रंप को सीधे तौर पर 'अपराधी' बताया
- ईरानी कट्टरपंथी नेताओं ने सख्त सज़ा और बदले की चेतावनी दी
- ट्रंप का नरम रुख, लेकिन फांसी और हत्याओं को बताया 'रेड लाइन'





