ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई इन दिनों अपने ही देश में जबरदस्त दबाव में हैं. महंगाई की मार, बढ़ती बेरोज़गारी और महिलाओं के अधिकारों को लेकर सड़कों पर उतरे लोगों के गुस्से ने उनकी सख़्त हुकूमत को कटघरे में खड़ा कर दिया है. जगह-जगह हो रहे विरोध प्रदर्शनों ने सत्ता के उस चेहरे को चुनौती दी है, जो वर्षों से डर और नियंत्रण के सहारे कायम है. इसी बीच खामेनेई के परिवार और उनकी अरबों डॉलर की कथित संपत्ति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, जिनके विदेशी बैंकों में होने के दावे सामने आ रहे हैं. सत्ता, रहस्य और जनआक्रोश के इस टकराव में ईरान की सड़कों पर उबलती नाराज़गी एक ऐसी सच्चाई बयां कर रही है, जिसे अब दबाना आसान नहीं रह गया है.