दलाई लामा को मिला ग्रैमी अवार्ड तो चीन को लगी मिर्ची, बोला- वे धार्मिक नहीं, अलगाववादी नेता हैं
दलाई लामा को ग्रैमी अवॉर्ड मिलने के बाद चीन भड़क गया है. उसने आरोप लगाया कि दलाई लामा इस अंतरराष्ट्रीय मंच का इस्तेमाल चीन-विरोधी गतिविधियों के लिए कर सकते हैं.;
दलाई लामा को मिला ग्रैमी अवार्ड
(Image Source: x.com/DalaiLama )दलाई लामा को मिले ग्रैमी अवॉर्ड पर चीन ने कड़ी आपत्ति जताई है. बीजिंग ने साफ शब्दों में कहा है कि वह इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान का इस्तेमाल 'चीन-विरोधी गतिविधियों' के लिए किए जाने का विरोध करता है. यह प्रतिक्रिया उस वक्त आई, जब लॉस एंजिलिस में हुए 68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स में दलाई लामा ने अपने स्पोकन-वर्ड एल्बम Meditations: The Reflections of His Holiness the Dalai Lama के लिए Best Audio Book, Narration and Storytelling Recording कैटेगरी में पहला ग्रैमी जीता.
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने मीडिया से बातचीत में दलाई लामा पर पुराने आरोप दोहराते हुए कहा कि वह सिर्फ एक धार्मिक नेता नहीं हैं. लिन जियान के मुताबिक, दलाई लामा 'धर्म की आड़ में चीन के खिलाफ अलगाववादी गतिविधियों' में शामिल रहते हैं. उन्होंने कहा कि चीन किसी भी पक्ष को इस अवॉर्ड को 'एंटी-चीन टूल' के तौर पर इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं देगा.
दलाई लामा को नोबेल पुरस्कार कब मिला?
दलाई लामा 1959 में तिब्बत में चीनी शासन के खिलाफ हुए असफल विद्रोह के बाद भारत आ गए थे और तब से हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में निर्वासन में रह रहे हैं. इससे पहले उन्हें 1989 में तिब्बत के लिए उनके अहिंसक संघर्ष के चलते नोबेल शांति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है.
ग्रैमी जीतने के बाद क्या बोले दलाई लामा?
ग्रैमी जीतने के बाद दलाई लामा ने बेहद शांत और संतुलित प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि वह इस सम्मान को अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं मानते. उनके मुताबिक, यह अवॉर्ड शांति, करुणा, पर्यावरण संरक्षण और मानवता की एकता जैसे संदेशों को दुनिया तक पहुंचाने में मदद करेगा.
चीन लगातार दलाई लामा को अलगाववादी बताता रहा है और विदेशी सरकारों व संस्थानों द्वारा उनसे संपर्क पर आपत्ति जताता रहा है. वहीं, दलाई लामा का कहना है कि वह तिब्बत की आज़ादी नहीं, बल्कि चीन के भीतर वास्तविक स्वायत्तता की मांग करते हैं.