'मैं नहीं रोकता तो मारे गए होते पाकिस्‍तानी पीएम शहबाज़ शरीफ', ऑपरेशन सिंदूर पर डोनाल्ड ट्रंप का फिर बड़ा दावा

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान तनाव को लेकर बड़ा दावा किया है. ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर उनका हस्तक्षेप नहीं होता तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ की मौत हो सकती थी. ट्रंप ने यह भी दोहराया कि उनकी कोशिशों से संभावित परमाणु टकराव टल गया.

( Image Source:  Sora AI )
Edited By :  समी सिद्दीकी
Updated On : 25 Feb 2026 10:46 AM IST

Donald Trump om Shehbaz Sharif: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक बार फिर दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीज़फायर कराने में उनकी अहम भूमिका रही. इस दौरान उन्होंने शहबाज शरीफ शरीफ को लेकर भी बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि अगर वह दखल न देते तो शहबाज शरीफ मर चुके होते.

उन्होंने अपने स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन के दौरान अमेरिकी संसद (कांग्रेस) के सदस्यों से कहा कि उनके हस्तक्षेप की वजह से दोनों देशों के बीच संभावित परमाणु युद्ध टल गया. कांग्रेस को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि हालात इतने गंभीर हो सकते थे कि यह परमाणु युद्ध में बदल जाता.

क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा,"3.5 करोड़ लोगों ने कहा कि अगर मेरा दखल नहीं होता तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री (शहबाज शरीफ) की मौत हो जाती." पिछले कुछ महीनों में ट्रंप कई बार यह दावा कर चुके हैं कि भारत-पाकिस्तान तनाव को रोकने का श्रेय उनकी सरकार को जाता है.

उनका कहना है कि उनके प्रशासन ने व्यापार समझौतों और टैरिफ (आयात शुल्क) को दबाव के तौर पर इस्तेमाल किया, ताकि दोनों देश तनाव बढ़ाने से पीछे हटें. हालांकि, नई दिल्ली ने इस दावे का समर्थन नहीं किया है.

किस घटना का जिक्र कर रहे हैं ट्रंप?

ट्रंप जिस घटना का जिक्र कर रहे थे, वह मई 2025 का सैन्य टकराव था. यह टकराव पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ था, जिसमें 26 नागरिकों की मौत हो गई थी. इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) और पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए थे.

पहले ट्रंप ने कब दिया था मध्यस्थता वाला बयान?

पिछले हफ्ते भी ट्रंप ने अपने 'बोर्ड ऑफ पीस' प्रोग्राम में यह दावा दोहराया था कि उन्होंने मई 2025 के गतिरोध के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की थी. उन्होंने कहा कि उन्होंने दोनों देशों को चेतावनी दी थी कि अगर वे अपने मतभेद नहीं सुलझाते हैं तो व्यापार वार्ता रोक दी जाएगी.

ट्रंप के कहा,"मैंने उन्हें फोन किया और कहा कि अगर आप लोग यह मामला नहीं सुलझाते हैं तो मैं आप दोनों के साथ कोई व्यापार समझौता नहीं करूंगा. अगर आप लड़ते हैं तो मैं आपके देशों पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगा दूंगा." उन्होंने कहा कि इसके बाद एक समझौता हो गया.

ट्रंप पिछले कुछ महीनों में 80 से अधिक बार यह कह चुके हैं कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष को रोकने में उनकी भूमिका रही. उन्होंने अलग-अलग मौकों पर यह भी कहा कि संघर्ष के दौरान कुछ लड़ाकू विमान गिराए गए थे, लेकिन उन्होंने यह साफ नहीं किया कि वह किस देश के विमानों की बात कर रहे थे.

सीजफायर पर भारत का क्या है कहना?

वहीं, नई दिल्ली का कहना है कि 10 मई को जो सीज़फायर समझ बनी, वह भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे बातचीत का नतीजा थी. भारत ने साफ किया है कि इस प्रक्रिया में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी.

Similar News