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ख़ामेनेई के सिंहासन पर अब Ali Larijani का दबदबा, 10 Points में जानिए ईरान के नए सुप्रीम लीडर की 'कुंडली'

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, अली लारीजानी को सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई का संभावित उत्तराधिकारी बनाया गया. लारीजानी सालों से ईरान की सुरक्षा और राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभा रहे हैं.

ख़ामेनेई के सिंहासन पर अब Ali Larijani का दबदबा, 10 Points में जानिए ईरान के नए सुप्रीम लीडर की कुंडली
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मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है. ऐसा माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच कभी भी युद्ध का अलार्म बज सकता है. इस आहट के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अपने उत्तराधिकार की योजना साफ कर दी है.

उन्होंने अली लारीजानी को अपना संभावित उत्तराधिकारी बनाया है, ताकि यदि युद्ध या किसी अन्य कारण से खामेनेई अपने पद पर नहीं रह सकें, तो लारीजानी ईरान की कमान संभाल सकें. 67 वर्षीय अली लारीजानी फिलहाल ‘सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल’ के सचिव हैं और उन्हें ईरान की सत्ता का सबसे भरोसेमंद और काबिल माना जा रहा है. आइए इस कड़ी में खामेनेई के नए उत्तराधिकारी के बारे में खास बात जानते हैं...

कौन हैं ईरान के नए लीडर?

  1. अली लारीजानी ईरान की राजनीति और सुरक्षा में दशकों से प्रभावशाली नेता रहे हैं. वे IRGC के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे और 2008 से 2020 तक संसद (Majlis) के अध्यक्ष रहे. 2021 और 2024 के राष्ट्रपति चुनावों में उन्हें क्लेरिकल अधिकारियों ने डिसक्वालिफाई कर दिया. उनके पास सैन्य, प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव का विशाल नेटवर्क है, जिससे उन्हें ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व में सबसे भरोसेमंद हस्तियों में गिना जाता है.
  2. अली लारीजानी का जन्म 1957 में नजफ़, इराक में हुआ. 1961 में उनका परिवार ईरान लौट आया. उनका परिवार शिया धार्मिक पृष्ठभूमि वाला प्रतिष्ठित परिवार है. उनके पिता अयातुल्ला मिर्ज़ा हाशिम अमोली ईरान के जाने-माने मौलवी थे. परिवारिक राजनीतिक और धार्मिक प्रभाव ने लारीजानी के जीवन और करियर की नींव मजबूत की.
  3. लारीजानी ने गणित, कंप्यूटर साइंस और दर्शनशास्त्र में उच्च शिक्षा प्राप्त की. उनकी तकनीकी और तर्कशील सोच उन्हें प्रशासनिक और कूटनीतिक मामलों में निर्णय लेने में सक्षम बनाती है. उन्होंने University of Tehran से PhD की डिग्री ली और अपनी शिक्षा का उपयोग सैन्य, सुरक्षा और राजनीतिक रणनीति बनाने में किया.
  4. लारीजानी ने अपना करियर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) में कमांडर के रूप में शुरू किया. ईरान-इराक युद्ध के दौरान उन्होंने कई सैन्य अभियानों में हिस्सा लिया और उच्च पद तक पहुंचे. उनका सैन्य अनुभव उन्हें संकट के समय मजबूत निर्णय लेने वाला नेता बनाता है.
  5. 1994 में लारीजानी को ईरानी सरकारी ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) का प्रमुख बनाया गया. इस दौरान उन्होंने मीडिया और सूचना प्रसारण में बड़े बदलाव किए. यह पद उन्हें प्रशासनिक नेतृत्व और सार्वजनिक नीतियों को लागू करने का महत्वपूर्ण अनुभव देता है.
  6. 2008 से 2020 तक लारीजानी संसद (Majlis) के अध्यक्ष रहे. इस पद पर रहते हुए उन्होंने कानूनी और राजनीतिक फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनकी अध्यक्षता में संसद ने कई सुरक्षा और आर्थिक कानून पास किए, जिससे उनकी राजनीतिक पकड़ और मजबूत हुई.
  7. अगस्त 2025 में लारीजानी को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव बनाया गया. इस पद पर उन्होंने ईरान की सुरक्षा और मिलिट्री तैयारियों को सुदृढ़ किया. उनके नेतृत्व में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ रणनीतिक स्थिति मजबूत हुई.
  8. सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने लारीजानी को युद्ध या हमले की स्थिति में देश का नेतृत्व संभालने की जिम्मेदारी दी. चार-स्तरीय ‘सक्सेशन प्लान’ तैयार किया गया, ताकि किसी आपात स्थिति में लारीजानी और उनका नेतृत्व समूह महत्वपूर्ण फैसले ले सके.
  9. लारीजानी ने स्पष्ट किया कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन हमला होने पर वह करारा जवाब देगा. इसके साथ ही वह अमेरिका के साथ परमाणु समझौते की शर्तों और वार्ता पर निगरानी रखते हैं. उनकी भूमिका सैन्य और कूटनीतिक दोनों मोर्चों पर महत्वपूर्ण है.
  10. अली लारीजानी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभवशील, रूढ़िवादी और व्यावहारिक पॉलिसीमेकर माना जाता है. वह क्षेत्रीय और वैश्विक नेताओं के साथ प्रभावशाली बातचीत करते हैं. उनके सैन्य, राजनीतिक और कूटनीतिक अनुभव उन्हें ईरान के संकट प्रबंधन और रणनीतिक निर्णय में सबसे भरोसेमंद नेता बनाता है.
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