Begin typing your search...

'स्कूल नहाकर आई हो तो चुम्मा दे दो', 8वीं क्लास तक की लड़कियों से टीचर करता है अश्लील डिमांड

उत्तर प्रदेश के हरदोई के माधोगंज क्षेत्र में एक सरकारी स्कूल के इंचार्ज शिक्षक पर छात्राओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए. प्रारंभिक जांच में पुष्टि के बाद शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है.

स्कूल नहाकर आई हो तो चुम्मा दे दो, 8वीं क्लास तक की लड़कियों से टीचर करता है अश्लील डिमांड
X
( Image Source:  Sora_ AI )

Hardoi School Case: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है. यहां एक सरकारी कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय के इंचार्ज शिक्षक पर छात्राओं ने यौन उत्पीड़न और अश्लील व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत सामने आते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.

मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है. छात्राओं के बयान दर्ज किए गए हैं और विभागीय स्तर पर जांच तेज कर दी गई है. वहीं ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है.

कैसे खुला शिक्षक की करतूतों का कच्चा चिट्ठा?

यह मामला माधोगंज विकास खंड के एक गांव स्थित सरकारी कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय का है. घटना का खुलासा तब हुआ जब स्कूल में पढ़ने वाली दो सगी बहनों ने अपने पिता को शिक्षक योगेश कुमार की हरकतों के बारे में बताया. पिता ने तुरंत खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को लिखित शिकायत दी. शिकायत मिलते ही शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई.

छात्राओं ने जांच में क्या चौंकाने वाले बयान दिए?

खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा स्कूल का औचक निरीक्षण किया गया. महिला सहायक अध्यापक की मौजूदगी में छात्राओं के बयान दर्ज किए गए. जांच के दौरान जो बातें सामने आईं, वे बेहद गंभीर थीं. एक छात्रा ने बताया कि शिक्षक ने उससे पूछा, 'नहा कर आई हो?" और जब उसने हां कहा तो उससे "चुम्मा" देने की मांग की.

कक्षा 8 की छात्रा ने आरोप लगाया कि शिक्षक ने उसे सबके सामने गोद में बैठाया और कमर पकड़कर अभद्र हरकतें कीं. वहीं कक्षा 6 की एक अन्य छात्रा ने बताया कि शिक्षक उसे गलत तरीके से छूते थे और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते थे.

जांच के बाद शिक्षा विभाग ने क्या कार्रवाई की?

प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने आरोपी शिक्षक योगेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. उन्हें पद से हटाकर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है. मामले की गहराई से जांच के लिए बीईओ बिलग्राम और बीईओ पिहानी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई है. प्रभारी बीएसए प्रभास कुंवर श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षा संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस तरह का आचरण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा.

क्या पुलिस कार्रवाई भी होगी?

घटना सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है. पुलिस भी अब मामले के कानूनी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सके. यह घटना सरकारी स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है और शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही पर भी बहस छेड़ती है.

crimeUP NEWS
अगला लेख