Lunar Eclipse : Blood Moon पर चांद क्यों दिखता है लाल, क्या है इसका रहस्य?

3 मार्च को पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान ‘ब्लड मून’ दिखाई देगा, जब चांद लाल रंग का नजर आता है. यह एक खगोलीय घटना है, जिसका कारण पृथ्वी की छाया और सूर्य की रोशनी का अपवर्तन है.जानिए चंद्र ग्रहण के दौरान चांद लाल क्यों दिखता है, किन देशों में नजर आएगा और क्या यह शुभ-अशुभ से जुड़ा है?

( Image Source:  @LoveSongs4Peace )
By :  धीरेंद्र कुमार मिश्रा
Updated On : 21 Feb 2026 6:42 PM IST

आसमान में जब चांद अचानक खून जैसा लाल दिखने लगे, तो इसे देखकर हैरानी होना लाजिमी है. “ब्लड मून” यानी लाल चांद का यह नजारा जितना रहस्यमयी लगता है, उतना ही वैज्ञानिक भी है. सदियों से लोग इसे अशुभ संकेत, खगोलीय रहस्य या दैवी घटना मानते रहे हैंए लेकिन इसके पीछे असली वजह क्या है?

दरअसल, जब चंद्र ग्रहण के दौरान पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं, तो सूरज की रोशनी सीधे चांद तक नहीं पहुंच पाती. ऐसे में पृथ्वी का वातावरण लाल रंग की रोशनी को मोड़कर चांद तक पहुंचाता है, जिससे वह लाल या “ब्लड मून” जैसा दिखने लगता है.

हांगकांग स्पेशल एडमिनिस्ट्रेटिव रीजन सरकार की ओर से 20 फरवरी को जारी बयान के अनुसार पूर्ण ग्रहण 59 मिनट तक रहेगा और मौसम ठीक रहने पर पूर्व की ओर से बिना रुकावट वाली जगहों पर दिखाई देगा. बयान में कहा गया है, "इस दौरान, चांद पूरी तरह से दिखाई नहीं देगा, बल्कि हल्का लाल दिखाई देगा."

कब से कब तक दिखेगा ब्लड मून?

हांगकांग ऑब्जर्वेटरी के मुताबिक 3 मार्च की शाम को पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जिसमें चांद का रंग हल्का लाल होने की उम्मीद है. ब्लड मून 3 मार्च, 2026 को होने वाले पूर्ण चंद्र ग्रहण की प्रक्रिया को दिखाता है. पूर्ण ग्रहण के दौरान चांद का हल्का-लाल रंग सूरज की रोशनी के नीले हिस्से के पृथ्वी के वायुमंडल से बिखरने और बची हुई लाल रोशनी के चांद की सतह पर रिफ्रैक्ट होने का नतीजा है.

हॉंगकॉंग में चंद्र ग्रहण शाम 6:22 बजे चांद निकलने से पहले शुरू होगा, जब चांद का कुछ हिस्सा पहले ही पृथ्वी की अंब्रा में आ चुका होगा. शाम 7:04 बजे चांद पूरी तरह से अंब्रा में ढक जाएगा, जिससे पूर्ण ग्रहण का दौर शुरू हो जाएगा. सबसे ज़्यादा ग्रहण शाम 7:34 बजे होगा, और चांद रात 8:03 बजे अम्ब्रा से बाहर निकलना शुरू करेगा. चंद्र ग्रहण की पूरी प्रक्रिया रात 10:25 बजे खत्म होगी.

ब्लड मून क्या होता है?

‘ब्लड मून’ दरअसल पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) के दौरान दिखाई देने वाला लाल रंग का चांद होता है. जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, तो उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है. इसी स्थिति में चांद गहरे लाल या तांबे जैसे रंग का दिखने लगता है. वैज्ञानिक संस्थान NASA के अनुसार यह पूरी तरह प्राकृतिक और सुरक्षित खगोलीय घटना है.

चांद लाल क्यों दिखता है?

जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा को ढक लेती है, तब भी सूर्य की कुछ रोशनी पृथ्वी के वायुमंडल से होकर मुड़ती (Refraction) है. ऐसे में पृथ्वी का वातावरण नीली रोशनी को ज्यादा बिखेर देता है. लाल और नारंगी तरंगें ज्यादा मुड़कर चंद्रमा तक पहुंचती हैं. इसी वजह से चांद लाल दिखता है. इसे वैज्ञानिक भाषा में “रेले स्कैटरिंग” कहा जाता है.

3 मार्च को ब्लड मून कहां दिखेगा?

3 मार्च का पूर्ण चंद्र ग्रहण दुनिया के कई हिस्सों में दिखाई दे सकता है. आमतौर पर यह घटना इन क्षेत्रों में बेहतर दिखती है. हॉंगकॉंग के खगोलशास्त्रियों ने अपने क्षेत्र में देखे जाने का दावा किया है. इसके अलावा, एशिया, यूरोप, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के कुछ हिस्सों में दिखाई दे सकता है.

क्या ब्लड मून इंसानों के लिए लाभकारी या नुकसानदेह है?

वैज्ञानिक रूप से ब्लड मून का मानव स्वास्थ्य पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ता है. यह पूरी तरह सुरक्षित खगोलीय घटना है. इसे नंगी आंखों से देखा जा सकता है. यह सोलर इक्लिप्स की तरह खतरनाक नहीं है.

धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं अलग-अलग संस्कृतियों में भिन्न हो सकती हैं, लेकिन विज्ञान इसे सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया मानता है.

क्या है ब्लड मून का इतिहास?

इतिहास में कई बार ब्लड मून ने लोगों को हैरान किया. प्राचीन सभ्यताओं में इसे शुभ-अशुभ संकेत माना जाता था. माया और मेसोपोटामिया सभ्यता में इसे भविष्यवाणी से जोड़ा गया. मध्यकालीन यूरोप में इसे युद्ध या आपदा का संकेत समझा जाता था, लेकिन आधुनिक खगोल विज्ञान ने इसे पूरी तरह समझा दिया है.

पहले कब-कब दिखा ब्लड मून?

हाल के वर्षों में प्रमुख पूर्ण चंद्र ग्रहण 2018 में एशिया और यूरोप में दिखा था. साल 2021 में अमेरिका और एशिया में दिखा. साल 2022 में उत्तरी अमेरिका और यूरोप में. साल 2025 में आंशिक और पूर्ण चंद्र ग्रहण विभिन्न देशों में दिखा.

ब्लड मून और चंद्र ग्रहण में अंतर?

हर पूर्ण चंद्र ग्रहण में चांद लाल दिख सकता है, लेकिन ‘ब्लड मून’ शब्द मीडिया और लोकप्रिय संस्कृति में ज्यादा इस्तेमाल होता है. यह कोई अलग वैज्ञानिक घटना नहीं है. 3 मार्च को दिखाई देने वाला ब्लड मून एक अद्भुत खगोलीय नजारा होगा. यह न तो खतरनाक है और न ही रहस्यमयी, बल्कि पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा की सटीक स्थिति का शानदार उदाहरण है.

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