प्रिंस एंड्रयू की शाही दुनिया हिलाने वाली Virginia Giuffre कौन थी? चर्चित लोगों के खोले राज

वर्जीनिया गिउफ्रे ने प्रिंस एंड्रयू पर नाबालिग अवस्था में यौन शोषण के आरोप लगाए, जिससे ब्रिटिश शाही परिवार वैश्विक विवाद में घिर गया. जेफरी एपस्टीन नेटवर्क से जुड़े इस मामले ने सत्ता, प्रभाव और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए.

Edited By :  सागर द्विवेदी
Updated On :

ब्रिटेन का शाही परिवार एक बार फिर ऐसे विवाद के केंद्र में है, जिसने दुनिया भर की सुर्खियों को हिला दिया है. राजा चार्ल्स तीसरे नंबर के छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू की गिरफ्तारी और जेफरी एपस्टीन कांड से जुड़े खुलासों ने 'रॉयल इमेज' पर गहरा दाग छोड़ दिया है. इस पूरे घटनाक्रम के बीच जिस नाम ने सबसे ज्यादा हलचल मचाई, वह है- वर्जीनिया गिउफ्रे.

एक किशोरी से लेकर इंटरनेशनल कानूनी लड़ाई का चेहरा बनने तक वर्जीनिया की कहानी केवल एक आरोप नहीं, बल्कि सत्ता, प्रभाव और शोषण के कथित गठजोड़ की परतें खोलती है. एपस्टीन नेटवर्क, घिसलेन मैक्सवेल और प्रिंस एंड्रयू से जुड़े आरोपों ने इसे दुनिया के सबसे हाई-प्रोफाइल सेक्स ट्रैफिकिंग मामलों में बदल दिया.

प्रिंस एंड्रयू की गिरफ्तारी क्यों चर्चा में है?

ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रिंस एंड्रयू को एपस्टीन फाइल्स से जुड़े मामले में पूछताछ और जांच के बाद गिरफ्तार किया गया. पुलिस उन रिपोर्टों की जांच कर रही थी, जिनमें दावा किया गया कि एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर ने 2010 में जेफरी एपस्टीन से संपर्क बनाए रखा था.

करीब 30 लाख पन्नों के ईमेल, दस्तावेज और तस्वीरें सार्वजनिक होने के बाद प्रिंस एंड्रयू और एपस्टीन के रिश्तों पर गंभीर सवाल उठे. कुछ तस्वीरों में एंड्रयू को एक युवती के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा गया, जिसने विवाद को और गहरा कर दिया. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि 'कानून से ऊपर कोई नहीं है, जिसके पास भी कोई जानकारी है, उसे गवाही देनी चाहिए.'

वर्जीनिया गिउफ्रे कौन हैं और उन्होंने क्या आरोप लगाए?

वर्जीनिया गिउफ्रे (जन्म: वर्जीनिया रॉबर्ट्स) का जन्म 9 अगस्त 1983 को कैलिफोर्निया में हुआ था. उनका बचपन संघर्षों से भरा रहा. उन्होंने दावा किया कि महज सात साल की उम्र में उनका यौन शोषण हुआ और किशोरावस्था में वे घर छोड़ने को मजबूर हुईं.

साल 2000 में फ्लोरिडा के मार-ए-लागो रिसॉर्ट में काम करते समय उनकी मुलाकात घिसलेन मैक्सवेल से हुई. मैक्सवेल ने मसाज थेरेपिस्ट ट्रेनिंग के नाम पर उन्हें जेफरी एपस्टीन से मिलवाया. वर्जीनिया का आरोप है कि जल्द ही यह संपर्क कथित यौन शोषण और तस्करी में बदल गया. उन्होंने कहा कि उन्हें 'फलों की थाली की तरह' शक्तिशाली लोगों के बीच घुमाया गया.

 प्रिंस एंड्रयू पर क्या थे गंभीर आरोप?

वर्जीनिया ने दावा किया कि 2001 में, जब वह 17 वर्ष की थीं, तब उन्हें लंदन में प्रिंस एंड्रयू से मिलवाया गया. एक चर्चित तस्वीर में एंड्रयू उनकी कमर में हाथ डाले दिखे, जबकि घिसलेन मैक्सवेल बगल में खड़ी थीं. वर्जीनिया के मुताबिक, उन्हें लंदन, न्यूयॉर्क और एपस्टीन के कैरेबियन द्वीप 'लिटिल सेंट जेम्स' में प्रिंस एंड्रयू के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया. हालांकि प्रिंस एंड्रयू ने 2019 में BBC को दिए इंटरव्यू में इन आरोपों को सिरे से खारिज किया और कहा कि उन्हें वर्जीनिया से मिलने की कोई याद नहीं. 2022 में मामला कोर्ट के बाहर समझौते से सुलझा, जिसमें लगभग 12 मिलियन पाउंड का भुगतान हुआ, लेकिन एंड्रयू ने किसी भी अपराध को स्वीकार नहीं किया.

ब्रिटिश शाही परिवार ने एंड्रयू से दूरी क्यों बनाई?

एपस्टीन विवाद के बाद प्रिंस एंड्रयू से उनकी शाही उपाधियां छीन ली गईं. ‘ड्यूक ऑफ यॉर्क’ का खिताब वापस ले लिया गया और उन्हें आधिकारिक रॉयल ड्यूटी से अलग कर दिया गया. किंग चार्ल्स ने कहा कि कानून को अपना काम करने दिया जाएगा. शाही परिवार की छवि को बचाने के लिए एंड्रयू को सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रखा गया.

वर्जीनिया गिउफ्रे की आगे की जिंदगी कैसी रही?

2011 में वर्जीनिया ने सार्वजनिक रूप से अपनी पहचान उजागर की. उन्होंने ‘Speak Out, Act, Reclaim (SOAR)’ नामक संस्था की स्थापना की, जो मानव तस्करी पीड़ितों की सहायता करती है. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में बसकर परिवार बनाया, लेकिन निजी जीवन में भी संघर्ष झेले. अप्रैल 2025 में 41 वर्ष की आयु में पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में उनकी मौत हो गई. उनकी मृत्यु के बाद अक्टूबर 2025 में उनकी संस्मरण पुस्तक Nobody’s Girl प्रकाशित हुई, जिसमें एपस्टीन नेटवर्क से जुड़े नए विवरण सामने आए.

Similar News