शेख हसीना ने कम मतदान पर उठाए सवाल, BNP ने जीत का किया दावा; बांग्लादेश चुनाव पर छिड़ा सियासी संग्राम- TOP UPDATES

बांग्लादेश चुनाव 2026 को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है. शेख हसीना ने चुनाव को जनता द्वारा खारिज बताया और दोबारा मतदान की मांग की है. वहीं, BNP ने सोशल मीडिया के जरिए डर फैलाने के आरोप लगाए और निष्पक्ष मतगणना की मांग की.;

बांग्लादेश में मतदान खत्म होते ही अवामी लीग और बीएनपी के बीच छिड़ी जंग

Edited By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 12 Feb 2026 9:47 PM IST

Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश के संसदीय चुनाव 2026 को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने चुनाव प्रक्रिया को 'सुनियोजित मजाक' करार देते हुए इसे जनता द्वारा खारिज किया गया चुनाव बताया है. अवामी लीग के आधिकारिक एक्स (X) हैंडल पर जारी बयान में कहा गया कि यह चुनाव 'अवैध और असंवैधानिक तरीके से सत्ता पर काबिज' नेतृत्व के तहत कराया गया है. इसमें लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी हुई है.

शेख हसीना ने आरोप लगाया कि मतदान से पहले और मतदान के दिन कई अनियमितताएं हुईं, जिनमें मतदान केंद्रों पर कब्जा, गोलीबारी, वोट खरीदना और बैलेट पेपर पर जबरन मुहर लगाना शामिल है. उन्होंने दावा किया कि 12 फरवरी की सुबह तक कई केंद्रों पर मतदाता नहीं पहुंचे और 11 बजे तक मतदान प्रतिशत लगभग 14.96% ही था. उनके मुताबिक, कम मतदान इस बात का संकेत है कि जनता ने अवामी लीग के बिना हुए चुनाव को स्वीकार नहीं किया.


अवामी लीग ने क्या आरोप लगाया?

अवामी लीग ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव से पहले पार्टी समर्थकों और अल्पसंख्यक समुदायों को डराया-धमकाया गया और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया. पार्टी ने चुनाव रद्द करने, मोहम्मद यूनुस के इस्तीफे, राजनीतिक कैदियों की रिहाई और तटस्थ कार्यवाहक सरकार के तहत नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है.


BNP ने क्या कहा?

दूसरी ओर, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने आरोप लगाया कि मतदान से पहले एक 'चिह्नित राजनीतिक दल' ने सोशल मीडिया के जरिए मतदाताओं में डर फैलाने की कोशिश की. BNP नेता महदी अमीन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनकी पार्टी को अपनी जीत पर पूरा भरोसा है और परिणामों की निष्पक्ष घोषणा सुनिश्चित की जानी चाहिए. उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि मतगणना पूरी होने तक मतदान केंद्रों पर मौजूद रहें.


चार लोगों को हिरासत में लिया गया

इस बीच गाजीपुर-4 सीट पर एक मतदान केंद्र के पास BNP और जमात कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई. सेना और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) ने चार लोगों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में अदालत ने दो-दो साल की सजा सुनाई और जुर्माना भी लगाया.


मतदान केंद्रों के आसपास कड़ी की गई सुरक्षा

मतदान समाप्त होने के बाद देशभर के मतदान केंद्रों के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा बल तैनात हैं. मतगणना शुरू होते ही समर्थकों को केंद्रों के आसपास से हटाया गया ताकि परिणाम प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके. अब पूरे देश की नजर इस बात पर है कि अंतिम नतीजे क्या तस्वीर पेश करेंगे और क्या यह चुनाव बांग्लादेश की राजनीतिक अस्थिरता को कम कर पाएगा.

Similar News