तीन सगी बहनों से शादी, 2015 में लिव-इन पार्टनर की मौत; गाजियाबाद केस में पिता को लेकर हुए चौंकाने वाले खुलासे- TOP UPDATES

गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या के मामले में पिता की तीन शादियां, 2015 की संदिग्ध मौत, आर्थिक तनाव और पारिवारिक कलह जैसे कई चौंकाने वाले पहलू सामने आए हैं. पुलिस इसे आत्महत्या मानकर हर एंगल से जांच कर रही है.;

Edited By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 8 Feb 2026 12:47 AM IST

Ghaziabad Three Sisters Suicide Case: गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या के मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. पुलिस जांच में सामने आया है कि इस दर्दनाक घटना के पीछे लंबे समय से चला आ रहा घरेलू तनाव और आर्थिक परेशानियां अहम वजह हो सकती हैं. मरने वाली तीनों बहनें 16, 14 और 11 साल की थीं. बुधवार को तीनों ने एक हाईराइज सोसायटी की नौवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी. वे अपने पिता के साथ इसी फ्लैट में रहती थीं.

जांच में पता चला है कि लड़कियों के पिता, जो पेशे से स्टॉक ट्रेडर हैं, की जिंदगी बेहद उलझी हुई रही है. पुलिस पूछताछ में सामने आया कि उनकी तीन पत्नियां हैं. हैरानी की बात ये है कि तीनों आपस में सगी बहनें हैं.

तीनों पत्नियों के क्या नाम हैं?

  • पहली पत्नी सुजाता, जिनसे सबसे बड़ी बेटी निशिका पैदा हुई
  • दूसरी पत्नी हीना, जिनसे दो छोटी बेटियां प्राची और पाकी हुईं
  • तीसरी पत्नी टीना, जो फिलहाल  परिवार के साथ रह रही थीं

पुलिस के मुताबिक, पिता ने करीब 18 साल पहले पहली शादी की थी. संतान न होने पर उन्होंने 15 साल पहले पत्नी की छोटी बहन से दूसरी शादी की. 

2015 में लिव-इन पार्टनर की संदिग्ध मौत

इस केस में एक और गंभीर एंगल सामने आया है. पुलिस को पता चला कि 2015 में पिता की एक लिव-इन पार्टनर की भी मौत हो चुकी है. वह महिला राजेंद्र नगर इलाके में एक फ्लैट की छत से गिरकर मरी थी, और यह मामला आज भी संदिग्ध माना जाता है. उस वक्त यह केस साहिबाबाद थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था.

2020 के बाद बिगड़ी आर्थिक हालत

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि कोरोना महामारी के बाद, यानी 2020 से परिवार की आर्थिक हालत लगातार खराब होती चली गई. स्टॉक ट्रेडिंग में नुकसान, घर के खर्च और पारिवारिक तनाव बढ़ता गया.

पिता से ज्यादा जुड़ी थीं तीनों बहनें

जांचकर्ताओं के अनुसार, तीनों बहनें अपनी मांओं के मुकाबले पिता से कहीं ज्यादा भावनात्मक रूप से जुड़ी हुई थीं. इसी वजह से सुसाइड नोट में उन्होंने सिर्फ पिता को संबोधित किया और कहीं भी मां का जिक्र नहीं किया.

सुसाइड नोट में क्या मिला?

पुलिस को बहनों के कमरे से 9 पन्नों की एक पॉकेट डायरी भी मिली है. शुरुआती जांच में इसमें कोरियन संस्कृति, कोरियन गेम्स और ऐप्स, पारिवारिक तनाव और भावनात्मक उलझन का जिक्र मिला है. हालांकि पुलिस अभी किसी एक वजह पर नहीं पहुंची है.

क्या कोई साजिश हुई है?

पोस्टमार्टम और सीन रीक्रिएशन के आधार पर पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी तरह की जबरदस्ती या साजिश के सबूत नहीं मिले हैं. शुरुआती तौर पर ऐसा लगता है कि तीनों बहनों ने एक-एक कर छलांग लगाई.

पुलिस क्या कर रही है?

पुलिस की साइबर टीम तीनों बहनों के मोबाइल फोन के IMEI नंबर से खरीदारों को ट्रेस कर रही है, ताकि कोरियन ऐप्स और ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़ा डेटा निकाला जा सके. डीसीपी ने बताया कि फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट का इंतजार है. पिता के ऑनलाइन गेमिंग के दावे की भी जांच हो रही है.केस को आत्महत्या मानकर हर एंगल से जांच जारी है. तीनों बहनों का अंतिम संस्कार बुधवार शाम दिल्ली के निगम बोध घाट पर किया गया.

ध्यान दें

अगर आप या आपके आसपास कोई व्यक्ति मानसिक तनाव, निराशा या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो तुरंत मदद लेना बहुत जरूरी है. भारत में कई भरोसेमंद सुसाइड हेल्पलाइन उपलब्ध हैं.

राष्ट्रीय और प्रमुख हेल्पलाइन नंबर

  • किरण मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन (सरकार द्वारा संचालित): 1800-599-0019 (24×7, मुफ्त और गोपनीय सेवा)
  • स्नेहा फाउंडेशन: 044-24640050 (24×7, चेन्नई आधारित लेकिन पूरे भारत के लिए)
  • आसरा हेल्पलाइन: 9820466726 (24×7, आत्महत्या रोकथाम सहायता)
  • iCALL (टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज): 9152987821 (सोमवार–शनिवार, सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक)

अगर स्थिति तुरंत आपातकालीन हो, तो अपने नजदीकी व्यक्ति को साथ रखें और 112 (इमरजेंसी नंबर) पर कॉल करें.

Full View

Similar News