Ghooskhor Pandat फिल्म पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का गुस्सा, कहा- ऐसी फिल्म कभी रिलीज मत करो

नेटफ्लिक्स की अपकमिंग फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के टाइटल को लेकर उत्तर प्रदेश में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की आपत्ति के बाद लखनऊ में FIR दर्ज हुई, वहीं मनोज बाजपेयी और निर्देशक नीरज पांडे ने सफाई दी है.;

( Image Source:  Instagram: brajeshpathakup, IMDB )
Edited By :  रूपाली राय
Updated On : 7 Feb 2026 9:22 AM IST

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने नेटफ्लिक्स पर आने वाली एक नई फिल्म 'घूसखोर पंडत' के नाम पर बहुत आपत्ति जताई है. यह फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई है, लेकिन इसका नाम ही बड़े विवाद में घिर गया है. बृजेश पाठक ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि फिल्म इंडस्ट्री के लोग भारतीय संस्कृति को, खासकर ब्राह्मण समुदाय को बार-बार निशाना बना रहे हैं. उन्होंने इसे बहुत गलत और निंदनीय बताया. उनका कहना था कि ऐसी फिल्में लोगों के सामने नहीं आनी चाहिए. उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री की कड़ी निंदा की और कहा कि जो लोग देश के विकास में योगदान देते हैं, उनके लिए ऐसे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होना चाहिए.

विवाद की वजह फिल्म का टाइटल है. इसमें 'पंडित' (जो हिंदू पुरोहितों या ब्राह्मणों के लिए सम्मानजनक शब्द है) के साथ 'घूसखोर' (यानी रिश्वत लेने वाला) जोड़ा गया है. कई लोगों को यह बहुत आपत्तिजनक लगा और उन्होंने इसे ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ बताया. इस विवाद के चलते लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में फिल्म के निर्देशक नीरज पांडे और उनकी पूरी टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई है. कुछ फिल्म संगठनों ने भी इस टाइटल की आलोचना की और कहा कि इससे समाज में बंटवारा पैदा हो रहा है. 

मायावती ने क्या कहा?

वहीं इस विवाद में मायावती भी शामिल रही उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, 'मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट लिखा. उन्होंने कहा कि यह बहुत दुख और चिंता की बात है कि अब फिल्मों में भी 'पंडित' को घुसपैठिया या निगेटिव तरीके से दिखाया जा रहा है. इससे पूरे देश में ब्राह्मण समाज का अपमान और अनादर हो रहा है. ब्राह्मण समाज में इस समय बहुत गुस्सा है. बसपा इसकी कड़ी निंदा करती है. उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि ऐसी जातिवादी फिल्म पर तुरंत बैन लगा देना चाहिए यह बसपा की मांग है.'

फिल्ममेकर और एक्टर का रिएक्शन 

फिल्म के निर्देशक नीरज पांडे ने एक बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि फिल्म किसी भी खास समुदाय के खिलाफ नहीं है. 'पंडत' शब्द सिर्फ मुख्य किरदार का एक आम बोलचाल का नाम है, कोई अपमान नहीं. विवाद होने पर उन्होंने माफी जैसा रुख अपनाया और कहा कि फिल्म से जुड़ी सारी प्रमोशनल कंटेंट जैसे टीजर, पोस्टर आदि हटा दी जा रही है. वे लोगों की भावनाओं को समझते हैं और आहत होने के लिए दुखी हैं. फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाले मशहूर एक्टर मनोज बाजपेयी ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी.

क्या बोले मनोज 

उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट किया कि वे उन सभी लोगों की भावनाओं का पूरा सम्मान करते हैं जिन्हें ठेस पहुंची है. उन्होंने लिखा कि जब आप किसी प्रोजेक्ट का हिस्सा होते हैं और उससे किसी को दुख होता है, तो आपको रुककर सुनना पड़ता है. मनोज बाजपेयी ने आगे कहा कि उनकी भूमिका एक ऐसे व्यक्ति की है जो गलतियां करता है और फिर अपनी गलतियों से सीखकर आत्म-सुधार की यात्रा पर निकलता है.  फिल्म का मकसद किसी समुदाय को नीचा दिखाना नहीं है, बल्कि एक त्रुटिपूर्ण इंसान की कहानी दिखाना है. 

फिल्म के बारे में थोड़ा और जानें

यह एक क्राइम थ्रिलर फिल्म है. मनोज बाजपेयी इसमें एक सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर अजय दीक्षित का रोल निभा रहे हैं, जिसे लोग 'पंडत' कहकर बुलाते हैं. वह भ्रष्ट है, लेकिन कहानी में उसे एक आखिरी मौका मिलता है. फिल्म में नुशरत भरुचा, दिव्या दत्ता, साकिब सलीम, अक्षय ओबेरॉय जैसी अन्य कलाकार भी हैं. निर्देशक रितेश शाह हैं, लेकिन नीरज पांडे लेखक और प्रोड्यूसर हैं. यह 2026 में नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली है.

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