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सॉरी मम्मी-पापा आप जानते हैं! कोरियन गेम के प्यार में गाजियाबाद में 9वीं मंजिल से कूदकर तीन नाबालिग सगी बहनों ने दी जान

दिल्ली से सटे गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में तीन नाबालिग सगी बहनों ने एक साथ 9वीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस को आशंका है कि तीनों बहनें एक ऑनलाइन टास्क बेस्ड मोबाइल गेम की आदी थीं, हालांकि असली वजह की जांच जारी है.

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( Image Source:  Create By AI )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय5 Mins Read

Updated on: 5 Feb 2026 1:02 PM IST

दिल्ली से सटे गाजियाबाद से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. जहां पर तीन सगी नाबालिग बहनों ने एक साथ अपनी जान दे दी. ये तीनों बहनें भारत सिटी सोसाइटी के B-1 टावर में रहती थीं, और उनका फ्लैट नंबर 907 था, जो बिल्डिंग की नौवीं मंजिल पर स्थित है. ये बहनें काफी छोटी उम्र की थीं सबसे बड़ी निशिका की उम्र 16 साल, बीच वाली प्राची की उम्र 14 साल, और सबसे छोटी पाखी की उम्र सिर्फ 12 साल थी.

तीनों बहुत ही ज्यादा एक-दूसरे के साथ जुड़ी हुई थी. तीनों एक-दूसरे के इतनी करीब थीं कि रोज़ाना के सारे काम साथ-साथ ही करती थीं. जैसे साथ खाना खाना, साथ स्कूल जाना, साथ सोना और घर के बाकी छोटे-मोटे काम. यानी ये तीनों एक-दूसरे की बहुत अच्छी साथी थीं और अलग-अलग रहना उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं था.

सुसाइड में नोट में क्या था

तींनों बेटियों ने आत्महत्या जैसा कदम उठाने से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा और लेटर में अपने मम्मी-पापा से एक डायरी पढ़ने को कहा. जिसमें लिखा है, 'मम्मी पापा सॉरी , जिस गेम को आप छुड़वाना चाहते थे अब आपको पता चलेगा हम इस गेम से कितना प्यार करते थे. इस डायरी में जो कुछ भी लिखा है सब सच है कोरियन लवर गेम’.' यह एक टास्क बेस्ड कोरियन गेम था. सिर्फ इतना ही नहीं तीनों बहनों ने खुद को कोरियन नाम तक दे रखा था. 8 पन्ने के सुसाइड नोट पर गेमिंग के गतिविधियों की जानकारी के बारें में हैं.

खिड़की से लगाई छलांग

बेटियों के पिता के चेतन का रो-रो के बुरा हाल है. उन्होंने बताया कि मंगलवार की रात करीब 2:30 बजे घर की खिड़की से कूदने की आवाज आई. तीनों बहनों ने एक साथ नौवीं मंजिल से छलांग लगाना अपने आप में झंकझोर देने जैसा है खासतौर से इतनी छोटी बेटियों के माता-पिता के लिए. घटना के बाद पूरा इलाका सदमे में आ गया. पुलिस के मुताबिक, तीनों बहनें एक मोबाइल गेम ऐप की बहुत ज्यादा आदी हो चुकी थी. खास तौर पर बताया जा रहा है कि ये एक ऑनलाइन टास्क बेस्ड कोरियन लवर गेम खेला करती थी. इस गेम की लत इतनी बढ़ गई थी कि वे दिन-रात इसी में लगी रहती थी. बेटियों के पिता ने अपने बयान में बताया है कि कोरोना के दौरान तीनों बेटियों को गेम की लत गई थी. तीनों ने पढ़ाई तक छोड़ दी थी, उन्होंने स्कूल तक जाना छोड़ दिया था.

पुलिस कर रही जांच

शालीमार गार्डन के एसीपी अतुल कुमार सिंह ने बताया, '4 फरवरी 2026 को रात करीब 2.15 बजे पुलिस को सूचना मिली कि तिला मोड़ पुलिस स्टेशन के अंतर्गत भारत सिटी स्थित एक इमारत की नौवीं मंजिल से तीन लड़कियां कूद गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई... लड़कियों को मौके पर ही मृत पाया गया. 108 एम्बुलेंस उन्हें अस्पताल ले गई जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस जांच जारी है.'

ऑनलाइन गेम्स का बुरा असर

पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर क्या बात थी जिसने तीनों को इतना बड़ा और दुखद कदम उठाने पर मजबूर कर दिया. पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल में जुटी हुई है. पूरे परिवार और आस-पास के लोगों में बहुत गम का माहौल है. ऐसी घटनाएं दिल को बहुत चोट पहुंचाती हैं और सोचने पर मजबूर करती हैं कि बच्चों पर ऑनलाइन गेम्स और मोबाइल की लत का कितना बुरा असर पड़ सकता है. अभी जांच जारी है, और उम्मीद है कि जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी.

अगर आप या आपके आसपास कोई व्यक्ति मानसिक तनाव, निराशा या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो तुरंत मदद लेना बहुत जरूरी है. भारत में कई भरोसेमंद सुसाइड हेल्पलाइन उपलब्ध हैं.

राष्ट्रीय और प्रमुख हेल्पलाइन नंबर

किरण मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन (सरकार द्वारा संचालित): 1800-599-0019

(24×7, मुफ्त और गोपनीय सेवा)

स्नेहा फाउंडेशन: 044-24640050

(24×7, चेन्नई आधारित लेकिन पूरे भारत के लिए)

आसरा हेल्पलाइन: 9820466726

(24×7, आत्महत्या रोकथाम सहायता)

iCALL (टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज): 9152987821

(सोमवार–शनिवार, सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक)

अगर स्थिति तुरंत आपातकालीन हो, तो अपने नजदीकी व्यक्ति को साथ रखें और 112 (इमरजेंसी नंबर) पर कॉल करें.

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