Indore : बेटी से मिलने आई मां की दूषित पानी पीकर हुई मौत, मौतों का आंकड़ा बढ़कर हुआ 18; क्यों बढ़ी स्वास्थ्य विभाग की चिंता?
Indore Contaminated Water: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में दूषित पानी से फैल रही बीमारी ने भयावह रूप ले लिया है. भागीरथपुरा इलाके में जहरीला पानी पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है. हालात इतने गंभीर हैं कि अब भी दर्जनों लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं.;
Indore Contaminated Water: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में दूषित पानी से फैल रही बीमारी ने भयावह रूप ले लिया है. भागीरथपुरा इलाके में जहरीला पानी पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है. हालात इतने गंभीर हैं कि अब भी दर्जनों लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं.
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, दूषित पानी के कारण सैकड़ों लोग बीमार पड़े थे. इनमें से 99 मरीज अब भी अस्पताल में भर्ती हैं. कई मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिससे प्रशासन और स्वास्थ्य अमला लगातार अलर्ट मोड पर है. लोगों को इस बात का डर सता रहा है कि कहीं मौत का आंकड़ा और न बढ़ जाए.
दूषित पानी से 18वीं मौत
बुधवार को दूषित पानी से जुड़ी 18वीं मौत की पुष्टि हुई. स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती 99 मरीजों में से तीन की हालत बेहद गंभीर है और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है. वहीं 16 मरीजों का आईसीयू में इलाज चल रहा है. डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमित मरीजों में पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसे गंभीर लक्षण सामने आ रहे हैं. लगातार नए मरीजों के सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है.
बेटी से मिलने आई मां की गई जान
मौत का ताजा मामला एक महिला से जुड़ा है, जो 28 दिसंबर को भागीरथपुरा में रहने वाली अपनी बेटी से मिलने आई थी. बेटी के घर रहने के दौरान महिला ने वही दूषित पानी पिया, जिससे इलाके के अन्य लोग बीमार पड़े थे. घर लौटने के बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. उसे पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत हुई हालत में सुधार न होने पर महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
नगर निगम की कार्रवाई
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम ने भी कदम उठाए हैं. शहर में 450 से अधिक बोरिंग का क्लोरीनेशन कराया गया है, ताकि पानी में मौजूद बैक्टीरिया और अन्य हानिकारक तत्वों को खत्म किया जा सके. प्रशासन का कहना है कि जल आपूर्ति की लगातार जांच की जा रही है और प्रभावित इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है.
लोगों को बांटी गई हेल्थ किट
डर के माहौल के बीच प्रशासन भागीरथपुरा में हालात सामान्य करने की लगातार कोशिश कर रहा है. बीते मंगलवार को प्रशासनिक टीम के सदस्य क्षेत्र के 5,013 घरों तक पहुंचे और 24,786 लोगों को स्वास्थ्य किट वितरित की गई. प्रत्येक घर को ओआरएस के 10 पैकेट और जिंक की 30 टैबलेट दी गई, ताकि डायरिया और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचाव किया जा सके.