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अचानक तुर्कमान गेट पर कैसे पहुंची भीड़? पत्थरबाजी के बाद पुलिस ने संभाला मोर्चा- देखें 5 Videos

दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान देर रात बड़ा बवाल हो गया. दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर एमसीडी ने फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास बुलडोजर चलाया, जिसके बाद भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर पथराव हुआ. हालात काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा. कई लोगों को हिरासत में लिया गया है और CCTV के आधार पर जांच जारी है.

अचानक तुर्कमान गेट पर कैसे पहुंची भीड़? पत्थरबाजी के बाद पुलिस ने संभाला मोर्चा- देखें 5 Videos
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( Image Source:  X/WhyTheLetter_S, Avadhes46831546 )
नवनीत कुमार
Edited By: नवनीत कुमार

Published on: 7 Jan 2026 11:49 AM

दिल्ली के पुराने शहर में एक बार फिर अतिक्रमण और कानून-व्यवस्था आमने-सामने आ गए. तुर्कमान गेट इलाके में देर रात शुरू हुई कार्रवाई ने देखते ही देखते तनाव का रूप ले लिया. अवैध निर्माण हटाने के लिए बुलडोजर आगे बढ़े तो माहौल गरमाया, नारेबाजी हुई और फिर पत्थरबाजी तक बात पहुंच गई. रात के अंधेरे में हुई इस कार्रवाई ने पूरे इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया.

यह कार्रवाई Municipal Corporation of Delhi की ओर से की जा रही थी, जो Delhi High Court के आदेश के अनुपालन में अंजाम दी गई. निगम अधिकारियों के मुताबिक, तड़के करीब एक बजे Turkman Gate के पास Faiz-e-Ilahi Mosque के आसपास बने अवैध ढांचों को हटाने का अभियान शुरू हुआ. इनमें से कई निर्माण सौ साल से भी ज्यादा पुराने बताए जा रहे हैं, लेकिन अदालत ने उन्हें अवैध मानते हुए हटाने का निर्देश दिया था.

कार्रवाई शुरू होते ही कुछ शरारती तत्वों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की. पुलिस के अनुसार, भीड़ ने अचानक पथराव शुरू कर दिया, जिससे मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े ताकि भीड़ को तितर-बितर किया जा सके और स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सके.

इस झड़प में पांच पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आने की पुष्टि हुई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पत्थरबाजी पूरी तरह सुनियोजित लग रही थी और इसका मकसद कार्रवाई को रोकना था. हालात काबू में आने के बाद पूरे इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया, ताकि दोबारा कोई उपद्रव न हो.

पुलिस ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पत्थर फेंकने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. सीसीटीवी कैमरों और बॉडी कैमरों की फुटेज के आधार पर अब तक पांच लोगों की पहचान की जा चुकी है. अधिकारियों का कहना है कि जो भी कानून हाथ में लेता पाया गया, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

इस पूरे अभियान में नगर निगम ने करीब 17 बुलडोजर लगाए थे. निगम का तर्क है कि यह कोई अचानक उठाया गया कदम नहीं था, बल्कि लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया चल रही थी. अदालत से कोई राहत न मिलने के बाद ही यह कार्रवाई की गई, ताकि सार्वजनिक जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा सके.

घटना के बाद इलाके में तनाव जरूर रहा, लेकिन प्रशासन का दावा है कि हालात अब पूरी तरह नियंत्रण में हैं. पुलिस और प्रशासन दोनों ने स्पष्ट किया है कि अदालत के आदेशों का पालन करना उनकी जिम्मेदारी है और इसमें किसी तरह की ढील नहीं दी जा सकती. साथ ही, शांति भंग करने वालों के लिए सख्त संदेश भी दिया गया है.

तुर्कमान गेट की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कितनी संवेदनशील होती है. एक तरफ कानून का पालन जरूरी है, तो दूसरी तरफ स्थानीय भावनाएं और सुरक्षा का सवाल भी जुड़ा होता है. प्रशासन के लिए यह संतुलन बनाना सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है.

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