फेक निकली 9 महीने में मां बनने वाली लड़की की स्टोरी, कैथल DSP का बड़ा बयान आया सामने

सोशल मीडिया (Social Media) पर कई दिनों से अलग-अलग पोस्ट के जरिए दावा किया जा रहा है कि हरियाणा (Haryana) में एक 9 साल की बच्ची मां बन गई है और उसके सगे भाई ने ये हरकत की है. अब कैथल पुलिस ने इन दावो को झूठा बताया है.;

Kaithal police statement

(Image Source:  X/ @HateDetectors )
Edited By :  विशाल पुंडीर
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हरियाणा के कैथल जिले को लेकर सोशल मीडिया पर फैली एक सनसनीखेज पोस्ट ने लोगों के बीच हड़कंप मचा दिया. वायरल दावे में कहा गया कि जिले में एक 9 साल की बच्ची गर्भवती है और इस मामले में उसके 12 साल के सगे भाई को आरोपी बताया जा रहा है. मामला इतना संवेदनशील था कि कुछ ही घंटों में यह खबर तेजी से फैलने लगी.

हालांकि, इस पूरे मामले पर कैथल पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए वायरल दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है. पुलिस का कहना है कि यह खबर न सिर्फ झूठी है, बल्कि समाज में भ्रम और डर फैलाने की साजिश का हिस्सा भी हो सकती है.

कैथल पुलिस ने वायरल दावे को बताया झूठा

कैथल पुलिस के डीएसपी ने पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही यह खबर पूरी तरह झूठी और भ्रामक है. पुलिस के अनुसार जिले में इस तरह की कोई भी घटना सामने नहीं आई है और न ही किसी थाने में ऐसा कोई मामला दर्ज है. पुलिस अधिकारियों ने साफ किया कि वायरल पोस्ट में किए गए दावे का वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है और यह पूरी तरह अफवाह है.

अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर

कैथल पुलिस ने बताया कि फिलहाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रही पोस्ट्स की निगरानी की जा रही है. पुलिस की साइबर टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इस तरह की भ्रामक जानकारी किसने और किस उद्देश्य से फैलाई. अधिकारियों का कहना है कि अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस की लोगों से अपील

डीएसपी ने आम लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की संवेदनशील और अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें और न ही उन्हें आगे साझा करें. पुलिस के मुताबिक, ऐसी झूठी खबरें समाज में डर, तनाव और अशांति फैलाने का काम करती हैं पुलिस ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग जानबूझकर फर्जी खबरें फैलाकर सामाजिक माहौल खराब करने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अफवाहों से सावधान रहने की जरूरत

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की आपत्तिजनक या चौंकाने वाली खबर की पुष्टि किए बिना उसे साझा करना भी अपराध की श्रेणी में आ सकता है. ऐसे मामलों में लोगों को चाहिए कि वे आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं.

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