1300 करोड़ रुपये के बिजली भुगतान पर बवाल, पूर्व वित्त मंत्री ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप; कहा- व्हाइट पेपर लाए सरकार

हरियाणा में प्राइवेट बिजली कंपनी को ₹1300 करोड़ के भुगतान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. पूर्व वित्त मंत्री संपत सिंह ने इस पेमेंट को संदिग्ध बताते हुए न्यायिक जांच और पिछले तीन सालों के सभी बिजली भुगतानों पर व्हाइट पेपर जारी करने की मांग की है.

प्राइवेट कंपनी को ₹1300 करोड़ देने पर उठे सवाल 

(Image Source:  Sora_ AI )
Edited By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 9 March 2026 10:43 PM IST

Haryana electricity payment row: हरियाणा में प्राइवेट बिजली कंपनियों को किए गए भुगतान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. Sampat Singh, जो Indian National Lok Dal के संरक्षक और राज्य के पूर्व वित्त मंत्री हैं, उन्होंने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं. संपत सिंह ने आरोप लगाया कि हरियाणा पावर यूटिलिटीज ने “अनऑथराइज्ड और संदिग्ध परिस्थितियों” में एक प्राइवेट कंपनी को करीब ₹1300 करोड़ का भुगतान कर दिया. उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले में व्हाइट पेपर जारी करने और पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है.

संपत सिंह ने कहा कि पिछले तीन सालों में प्राइवेट बिजली उत्पादकों को किए गए सभी भुगतानों की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए. उनके अनुसार, अक्टूबर 2025 में ग्रीनको एनर्जीज से जुड़ी कंपनी सिक्किम ऊर्जा लिमिटेड को लगभग ₹1300 करोड़ का भुगतान किया गया.

संपत सिंह ने क्या आरोप लगाए?

  • संपत सिंह का आरोप है कि इतनी बड़ी रकम जारी करने से पहले मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री की मंजूरी जरूरी होती है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के ऊर्जा मंत्री Anil Vij को भी इस भुगतान की जानकारी नहीं दी गई थी.
  • INLD नेता ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्री ने इस भुगतान को मंजूरी नहीं दी, तो फिर यह फैसला किसके कहने पर और किसके फायदे के लिए लिया गया.
  • संपत सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य की Bharatiya Janata Party सरकार आम जनता पर बिजली के बढ़ते टैरिफ और सरचार्ज का बोझ डाल रही है, जबकि एक निजी कंपनी से जुड़े प्रोजेक्ट को हजारों करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं. उनका कहना है कि यह प्रोजेक्ट बाढ़ की वजह से लंबे समय से रुका हुआ है।
  • संपत सिंह ने तुलना करते हुए कहा कि 2022 में अडानी पावर को ₹712.72 करोड़ का भुगतान मुख्यमंत्री और कैबिनेट की मंजूरी के बाद किया गया था, लेकिन सिक्किम ऊर्जा और ग्रीनको से जुड़े मामले में अपीलेट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी में केस लंबित होने के बावजूद जल्दबाजी में भुगतान कर दिया गया.
  • पूर्व वित्त मंत्री ने यह भी दावा किया कि भुगतान के तुरंत बाद इस मामले से जुड़े कुछ अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया गया, जिससे पूरे मामले पर शक और गहरा हो गया है.
  • संपत सिंह ने कहा कि सरकार को इस मामले में पूरी पारदर्शिता दिखानी चाहिए और सभी तथ्यों को जनता के सामने लाना चाहिए. उन्होंने दोहराया कि बिना किसी पक्षपात के न्यायिक जांच और पिछले तीन सालों के सभी बिजली भुगतान पर विस्तृत व्हाइट पेपर जारी करना जरूरी है.

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