जेल से 'बाहर' आए अनंत सिंह बोले - 'हम निर्दोष हैं, तेजस्वी को दूसरी पार्टी से टिकट लेकर लड़ना पड़ेगा'
क्या जेल में बंद नेता विधायक पद की शपथ ले सकता है? इसको लेकर बिहार की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब जेडीयू नेता अनंत कुमार सिंह बेउर जेल से एम्बुलेंस में विधानसभा पहुंचे.;
Controversial MLA Anant Singh took oath Bihar Assembly
(Image Source: ANI )जेडीयू (JD-U) नेता और मोकामा से नवनिर्वाचित विधायक अनंत सिंह मंगलवार को बेउर जेल से एंबुलेंस के जरिए बिहार विधानसभा पहुंचे. भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें विधानसभा परिसर लाया गया, जहां उन्होंने विधायक पद की शपथ ली. जेल में बंद होने के बावजूद अनंत सिंह का विधानसभा पहुंचना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना रहा. विधानसभा पहुंचे पर अनंत सिंह को मीडिया से बात करने का भी मौका मिला जिसमें उन्होंने तेजस्वी यादव और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा.
सुबह से ही विधानसभा परिसर के आसपास पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई थी. बेउर जेल से निकलते समय अनंत सिंह को एंबुलेंस में बैठाकर विधानसभा लाया गया. रास्ते भर पुलिस का कड़ा पहरा रहा, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था या सुरक्षा चूक न हो. विधानसभा पहुंचते ही उन्हें सीधे सदन के भीतर ले जाया गया, जहां उन्होंने शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी की.
“मैं निर्दोष हूं, मुझे न्याय मिलेगा”
विधानसभा पहुंचने के बाद मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने खुद को निर्दोष बताया. उन्होंने कहा, “मैं निर्दोष हूं. मुझे पूरा भरोसा है कि मुझे न्याय मिलेगा. सच्चाई सामने आएगी.” विपक्ष द्वारा नीतीश कुमार सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी. विपक्ष का कहना है कि सरकार ही लोगों को फंसाती भी है और बचाती भी है. इस पर अनंत सिंह ने कहा, “विपक्ष के पास अब बोलने के लिए कुछ नहीं बचा है. बोलने वाले बोलते रहें, कुछ होने वाला नहीं है.”
तेजस्वी यादव के आरोपों पर पलटवार
तेजस्वी यादव द्वारा बिहार में बढ़ते अपराध और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठाए गए सवालों पर अनंत सिंह ने तंज कसा. उन्होंने कहा, “तेजस्वी यादव को अब दूसरी पार्टी से टिकट लेकर चुनाव लड़ना पड़ेगा.”
सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
अनंत सिंह को विधानसभा लाने और वापस ले जाने के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. विधानसभा परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया. अधिकारियों के मुताबिक, अनंत सिंह को सीमित समय के लिए ही विधानसभा लाया गया था और शपथ ग्रहण के बाद उन्हें दोबारा बेउर जेल ले जाया गया.
अनंत सिंह मोकामा सीट से जीत दर्ज कर एक बार फिर विधानसभा पहुंचे हैं. उनके खिलाफ पहले से ही कई मामले चल रहे हैं, जिसकी वजह से वे फिलहाल जेल में बंद हैं. बावजूद इसके, विधायक के तौर पर शपथ लेना उनके राजनीतिक भविष्य के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
‘बाहुबली’ फैक्टर फिर चर्चा में
अनंत सिंह का मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या बिहार की राजनीति बाहुबली संस्कृति से पूरी तरह बाहर आ पाई है या नहीं.