ओवैसी की FIR के बाद सरमा बोले- जेल से नहीं डरता, BJP ने गोगोई को बताया देशद्रोही, वायरल वीडियो विवाद में अब तक क्या-क्या हुआ?
असम में राजनीतिक तापमान बढ़ गया है. बीजेपी ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर देशद्रोही होने का आरोप लगाया है. वहीं, सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने ओवैसी की शिकायत पर जेल जाने तक की बात कह दी.;
ओवैसी, सरमा और गौरव गोगोई के बीच जुबानी जंग तेज
(Image Source: Sora_ AI )Assam Politics Gaurav Gogoi Himanta Biswa Sarma Asaduddin Owaisi: असम की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. कांग्रेस सांसद और प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई पर असम बीजेपी अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने बेहद तीखा हमला बोला है. गुवाहाटी में प्रेस से बात करते हुए दिलीप सैकिया ने गोगोई को सीधे तौर पर 'राष्ट्र विरोधी' करार दिया. बीजेपी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि गौरव गोगोई संसद के भीतर और बाहर देश की सुरक्षा पर सवाल उठाते हैं और पाकिस्तान जैसे दुश्मन देश से नजदीकियां रखते हैं.
दिलीप सैकिया ने कहा कि एक ऐसा सांसद, जिसने संसद में भारतीय संविधान की शपथ ली हो, वह अगर देश के दुश्मन देशों से दोस्ती रखता है तो यह गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि यह मुद्दा सिर्फ असम तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पूरे देश में इस पर चर्चा होनी चाहिए.
किस विवाद में फंस गए हिमंत बिस्वा सरमा?
इसी बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी एक अलग विवाद में घिरते नजर आ रहे हैं. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा उनके खिलाफ हैदराबाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराए जाने पर सीएम सरमा ने कहा कि उन्हें जेल जाने से कोई डर नहीं है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें किसी वीडियो की जानकारी नहीं है, लेकिन वे अपने बयान पर कायम हैं कि वह बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ हैं और आगे भी रहेंगे.
ओवैसी ने क्या आरोप लगाया?
दरअसल, ओवैसी ने आरोप लगाया है कि असम बीजेपी के आधिकारिक एक्स अकाउंट से 7 फरवरी को एक वीडियो पोस्ट किया गया था, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों के खिलाफ हिंसक और नफरत फैलाने वाला संदेश दिखाया गया. हालांकि यह वीडियो बाद में डिलीट कर दिया गया, लेकिन ओवैसी का कहना है कि वह अब भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
ओवैसी ने सरमा के खिलाफ कार्रवाई करने को क्यों कहा?
ओवैसी ने इसे 'जनसंहार जैसी नफरत भरी भाषा' करार देते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस को बिना शिकायत के भी स्वतः संज्ञान लेना चाहिए. तेलंगाना में नगर निकाय चुनाव प्रचार के दौरान भी ओवैसी ने इस मुद्दे को उठाया और बीजेपी पर सांप्रदायिक नफरत फैलाने का आरोप लगाया. उन्होंने AIMIM को सांप्रदायिकता के खिलाफ एक मजबूत विकल्प बताया.
- जोरहाट से सांसद गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री सरमा के उन आरोपों पर पलटवार किया है, जिनमें उन पर 'पाकिस्तान से संबंध' होने की बात कही गई थी. सोमवार को गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री पर बेहद गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि सीएम सरमा ने राजनीतिक मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं और मीडिया के सामने उनके बच्चों से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक कर दी. गोगोई ने इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान (सुओ-मोटो) लेने की मांग की.
- गौरव गोगोई ने कहा, “वह इतने नीचे गिर गए कि मेरे बच्चों की जानकारी तक मीडिया को दे दी. हम भी उनके बच्चों के बारे में सब जानते हैं, लेकिन हमने कभी ऐसा नहीं किया. उन्होंने साबित कर दिया कि वह मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने लायक नहीं हैं. इससे पूरे असम को शर्मिंदा होना पड़ा है.”
सरमा ने क्या दावा किया?
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को दावा किया था कि एक विशेष जांच टीम (SIT) की रिपोर्ट में गौरव गोगोई, उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिज़ाबेथ कॉल्बर्न गोगोई और एक पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के बीच 'गहरे संबंध' सामने आए हैं. मुख्यमंत्री के मुताबिक, एलिज़ाबेथ कॉल्बर्न ने 2011-12 के दौरान पाकिस्तान में काम किया था और उसी दौरान ये संबंध बने.
गौरव गोगोई ने कहा- मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा था तो सीएम चुप क्यों थे
हालांकि, गौरव गोगोई ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी ढाई घंटे की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाए. गोगोई ने सवाल उठाया कि अगर मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा था, तो मुख्यमंत्री पिछले छह महीनों तक इस रिपोर्ट पर चुप क्यों बैठे रहे. गोगोई ने कहा, “सीएम के पास SIT रिपोर्ट पिछले छह महीनों से थी. उन्होंने सितंबर में इसे सार्वजनिक करने का वादा किया था. अगर यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला था, तो वे इतने समय तक चुप क्यों रहे? सच्चाई यह है कि SIT कोई भी सबूत पेश करने में नाकाम रही.”गौरव गोगोई ने क्या मांग की?
कांग्रेस सांसद ने पलटवार करते हुए एक बार फिर मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि उनके परिवार ने असम में करीब 12,000 बीघा जमीन अवैध रूप से कब्जा कर रखी है. उन्होंने कहा कि वह SIT जांच में पूरा सहयोग करेंगे, लेकिन रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए. इस पूरे विवाद में कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई भी मुख्यमंत्री पर हमलावर नजर आए. उन्होंने सीएम की प्रेस कॉन्फ्रेंस को चुनाव से पहले 'प्रचार और सिनेमा' करार दिया.
'आडवाणी-मोदी भी गए थे पाकिस्तान'
बोरदोलोई ने याद दिलाया कि 2005 में एलके आडवाणी पाकिस्तान गए थे और 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लाहौर पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि गौरव गोगोई को 'पाकिस्तानी एजेंट' साबित करने की कोशिश असल मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास है, क्योंकि कांग्रेस ने हाल ही में ‘परिवर्तन यात्रा’ शुरू की है और मुख्यमंत्री के परिवार की जमीन से जुड़े आरोप सामने रखे हैं.
इस बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि राज्य कैबिनेट ने इस पूरे मामले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराने का फैसला किया है और केंद्र से अनुमति मिलने के बाद केस ट्रांसफर किया जाएगा. कुल मिलाकर, असम की राजनीति में एक तरफ कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं, तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और ओवैसी के बीच टकराव राष्ट्रीय स्तर पर बहस का विषय बन गया है.