Shoaib Akhtar से लेकर Shahid Afridi तक, IPL में कितने पाकिस्तानी खिलाड़ी खेले और उन्होंने क्या रिकॉर्ड्स बनाए? जानें सबकुछ
IPL 2008 में पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन मुंबई हमलों के बाद उन पर बैन लगा दिया गया. सुरक्षा और राजनीतिक कारणों से अब IPL में पाकिस्तान के खिलाड़ी नहीं खेलते. हालांकि, अजहर महमूद ब्रिटिश नागरिकता के आधार पर बाद में खेलने वाले इकलौते खिलाड़ी बने.
IPL में क्यों नहीं खेलते पाकिस्तानी खिलाड़ी?
(Image Source: IPL )Pakistani Players in IPL: Indian Premier League का 19वां सीजन 28 मार्च से शुरू होने जा रहा है. कुल 10 टीमों के बीच ट्रॉफी के लिए जोरदार मुकाबले खेले जाएंगे. इस लीग में पाकिस्तान के अलावा कई देशों के खिलाड़ी शामिल होते हैं. हालांकि, आईपीएल की शुरुआत में ऐसा नहीं था. उस समय पाकिस्तान के खिलाड़ी लीग में शामिल होते थे... लेकिन मुंबई अटैक के बाद उनके खेलने पर बैन लग गया.
IPL में कुल 12 पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था. इनमें से 11 खिलाड़ी IPL 2008 (पहले सीजन) में अलग-अलग टीमों का हिस्सा थे. 2008 के मुंबई हमलों के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, लेकिन अजहर महमूद बाद में ब्रिटिश पासपोर्ट के आधार पर खेलने वाले एकमात्र खिलाड़ी बने.
IPL 2008 में खेलने वाले पाकिस्तानी खिलाड़ी
खिलाड़ी का नाम | टीम | प्रदर्शन |
सोहेल तनवीर | राजस्थान रॉयल्स | पर्पल कैप विजेता, 11 मैचों में 22 विकेट लिए |
शाहिद अफरीदी | डेक्कन चार्जर्स | 10 मैचों में 81 रन बनाए और 9 विकेट लिए |
शोएब अख्तर | कोलकाता नाइट राइडर्स | 3 मैचों में 5 विकेट लिए, दिल्ली के खिलाफ 11 रन देकर 4 विकेट उनका बेस्ट रहा |
कामरान अकमल | राजस्थान रॉयल्स | 6 मैचों में 128 रन बनाए, चैंपियन टीम का हिस्सा थे |
शोएब मलिक | दिल्ली डेयरडेविल्स | 7 मैचों में 52 रन बनाए और 2 विकेट लिए |
सलमान बट | कोलकाता नाइट राइडर्स | 7 मैचों में 193 रन बनाए |
उमर गुल | कोलकाता नाइट राइडर्स | 6 मैचों में 12 विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया |
मिसबाह-उल-हक | रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर | 8 मैचों में 117 रन बनाए |
मोहम्मद आसिफ | दिल्ली डेयरडेविल्स | 8 मैचों में 8 विकेट लिए |
मोहम्मद हफीज | कोलकाता नाइट राइडर्स | 8 मैचों में 64 रन बनाए और 2 विकेट लिए |
यूनिस खान | राजस्थान रॉयल्स | केवल 1 मैच खेला और 3 रन बनाए |
अजहर महमूद
अजहर महमूद इकलौते ऐसे पाकिस्तानी खिलाड़ी हैं जिन्होंने 2008 के बाद भी IPL खेला.उन्होंने ब्रिटिश नागरिकता (UK Passport) प्राप्त करने के बाद एक विदेशी खिलाड़ी के रूप में हिस्सा लिया. वह किंग्स XI पंजाब (2012-2013) और कोलकाता नाइट राइडर्स (2015) के लिए खेले.
पाकिस्तानी खिलाड़ियों को अब क्यों नहीं खिलाया जाता?
- राजनीतिक तनाव: 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक संबंध बिगड़ गए, जिसके कारण IPL टीमों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेना बंद कर दिया.
- वीजा और सुरक्षा: खिलाड़ियों के वीजा मिलने में अनिश्चितता और सुरक्षा कारणों से भी फ्रेंचाइजी उन पर बोली लगाने से बचती हैं.
IPL 2008 में पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने न केवल हिस्सा लिया, बल्कि कई यादगार प्रदर्शन भी किए. आइए, इस बारे में विस्तार से जानते हैं...
1. सोहेल तनवीर (Sohail Tanvir) - राजस्थान रॉयल्स
- ऐतिहासिक गेंदबाजी (6/14): तनवीर ने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ 4 ओवर में 14 रन देकर 6 विकेट झटके थे. यह रिकॉर्ड IPL में 11 साल तक कोई नहीं तोड़ पाया था (बाद में अल्जारी जोसेफ ने तोड़ा).
- पर्पल कैप विजेता: वह IPL इतिहास के पहले पर्पल कैप (सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज) विजेता बने, उन्होंने कुल 22 विकेट लिए थे.
- फाइनल में विनिंग शॉट: IPL 2008 के फाइनल में उन्होंने आखिरी गेंद पर 1 रन बनाकर राजस्थान रॉयल्स को चैंपियन बनाया था.
2. शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) - कोलकाता नाइट राइडर्स
- डेब्यू में धमाका (4/11): अपने पहले ही IPL मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ शोएब अख्तर ने 11 रन देकर 4 विकेट लिए थे. उस स्पेल में उन्होंने वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, एबी डिविलियर्स और मनोज तिवारी जैसे बड़े बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा था.
- सचिन का विकेट: अपने छोटे से IPL करियर में उन्होंने मुंबई इंडियंस के खिलाफ सचिन तेंदुलकर को भी आउट किया था.
3. उमर गुल (Umar Gul) - कोलकाता नाइटराइडर्स
- सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (4/23): किंग्स XI पंजाब के खिलाफ उमर गुल ने 23 रन देकर 4 विकेट लिए और अंत में 11 गेंदों पर 24 रनों की पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाई थी.
- बेहतरीन औसत: उस सीजन में उनका गेंदबाजी औसत (15.33) और स्ट्राइक रेट (11.25) काफी शानदार था.
4. अजहर महमूद (Azhar Mahmood) - किंग्स XI पंजाब / KKR
अजहर महमूद ने 23 IPL मैचों में 29 विकेट लिए और 388 रन बनाए. वह पाकिस्तानी मूल के होने के बावजूद ब्रिटिश नागरिकता के कारण 2012, 2013 और 2015 में भी खेल सके.
5. कामरान अकमल (Kamran Akmal) - राजस्थान रॉयल्स
चैंपियन टीम का हिस्सा: कामरान अकमल 2008 की विजेता टीम राजस्थान रॉयल्स के नियमित विकेटकीपर थे और उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण पारियां (6 मैचों में 128 रन) भी खेली थीं.
आइए, IPL 2008 के उन खास रिकॉर्ड्स और अनोखे गेंदबाजी एक्शन पर नज़र डालते हैं जिन्होंने पहले सीजन में तहलका मचा दिया था;
1. अनोखे गेंदबाजी एक्शन (Unique Bowling Actions)
उस समय पाकिस्तानी गेंदबाजों के एक्शन ने बल्लेबाजों को काफी परेशान किया था:
- सोहेल तनवीर (Wrong-foot Action): तनवीर का गेंदबाजी एक्शन दुनिया में सबसे अजीब माना जाता था. वे 'गलत पैर' (wrong foot) पर लैंड करते थे, जिससे बल्लेबाजों को गेंद की दिशा समझने में बहुत मुश्किल होती थी. इसी एक्शन की वजह से उन्होंने 6/14 का जादुई स्पेल डाला था.
- शोएब अख्तर (The Rawalpindi Express): अख्तर का लंबा रन-अप और बिजली जैसी रफ़्तार (150+ kmph) IPL के शुरुआती मैचों का सबसे बड़ा आकर्षण था. दिल्ली के खिलाफ उनके स्पेल में उनकी बाउंसर और यॉर्कर का कोई जवाब नहीं था.
2. IPL 2008 के कुछ बड़े और ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स
चूंकि यह पहला सीजन था, इसलिए कई ऐसे रिकॉर्ड बने जो आज भी याद किए जाते हैं:
- ब्रेंडन मैकुलम का नाबाद 158 रन: पहले ही मैच में KKR के मैकुलम ने 158 रन बनाए थे। यह रिकॉर्ड 15 सालों तक किसी भी KKR खिलाड़ी द्वारा नहीं तोड़ा जा सका.
- 'अंडरडॉग' टीम बनी चैंपियन: शेन वॉर्न ने राजस्थान रॉयल्स जैसी 'अंडरडॉग' टीम को अपनी कप्तानी में चैंपियन बनाया, उस समय उनकी टीम को सबसे कमजोर माना जा रहा था.
- शॉन मार्श (Orange Cap): ऑस्ट्रेलिया के शॉन मार्श ने उस सीजन में सबसे ज्यादा 616 रन बनाए थे और पहले ऑरेंज कैप विनर बने थे.
- हैट्रिक: IPL इतिहास की पहली हैट्रिक दिल्ली डेयरडेविल्स के अमित मिश्रा ने डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ ली थी. उसी सीजन में लक्ष्मण शिवरामकृष्णन और मखाया एंटिनी ने भी हैट्रिक ली थी.
3. पाकिस्तानी खिलाड़ियों से जुड़े रोचक तथ्य
- मिसबाह-उल-हक (RCB): क्या आप जानते हैं कि टेस्ट क्रिकेट के दिग्गज मिसबाह-उल-हक ने RCB के लिए खेलते हुए एक मैच में 6 गेंदों पर 17 रन बनाकर मैच फिनिश किया था.
- शाहिद अफरीदी की कप्तानी: अफरीदी उस समय डेक्कन चार्जर्स के सबसे महंगे खिलाड़ियों में से एक थे, लेकिन उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और उन्होंने 10 मैचों में केवल 81 रन बनाए.