रिपोर्ट नॉर्मल, फिर भी क्यों आया डॉक्टर को हार्ट अटैक? दौरा पड़ने से पहले दिखते हैं लक्षण, ECG के अलावा करवाएं ये टेस्ट
अक्सर लोगों को लगता है कि हार्ट अटैक अचानक आता है, बिना कोई चेतावनी दिए. लेकिन सच्चाई यह है कि दिल का दौरा पड़ने से पहले शरीर कई बार छोटे-छोटे संकेत देता है, जिन्हें हम आम थकान, गैस या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. वहीं, सिर्फ ECG नॉर्मल आना यह साबित नहीं करता कि दिल पूरी तरह सुरक्षित है.;
नागपुर में एक फिट और मशहूर डॉक्टर की अचानक हार्ट अटैक से हुई मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. हैरानी की बात यह रही कि उनकी ECG रिपोर्ट कुछ दिन पहले ही नॉर्मल आई थी, इसके बावजूद दिल का दौरा पड़ गया. इस घटना ने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सिर्फ नॉर्मल रिपोर्ट आना दिल के पूरी तरह हेल्दी होने की गारंटी है?
मेडिकल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि हार्ट अटैक से पहले शरीर कई बार संकेत देता है, लेकिन उन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. साथ ही, ECG के अलावा भी कुछ ऐसे जरूरी टेस्ट हैं, जो दिल में छिपे खतरे को समय रहते पकड़ सकते हैं. ऐसे में चलिए जानते हैं कि रिपोर्ट नॉर्मल होने के बावजूद हार्ट अटैक क्यों आता है और किन बातों पर समय रहते ध्यान देना जरूरी है.
ECG नॉर्मल है, फिर भी खतरा क्यों?
डॉक्टरों के अनुसार ECG जांच दिल की उस समय की बिजली जैसी गतिविधियों की जानकारी देती है. इसका सही आना इस बात की पक्की गारंटी नहीं होता कि हार्ट की अर्टरिज पूरी तरह साफ हैं या उनमें कोई सूजन नहीं छुपी है. कई बार दिल से जुड़ी गंभीर परेशानियां लंबे समय तक बिना कोई लक्षण दिए अंदर ही अंदर बढ़ती रहती हैं और अचानक दिल का दौरा बनकर सामने आ जाती हैं.
क्या है साइलेंट कोरोनरी डिजीज?
कुछ लोगों के शरीर में दिल की धमनियों से जुड़ी बीमारी बिना आवाज किए धीरे-धीरे बढ़ती रहती है. अगर परिवार में किसी को पहले दिल से जुड़ी समस्या रही हो, तो बाहर से हेल्दी नजर आने वाले व्यक्ति में भी भविष्य में इसका जोखिम ज्यादा हो सकता है. यह परेशानी अक्सर तब तक कोई साफ लक्षण नहीं दिखाती, जब तक स्थिति काफी बिगड़ नहीं जाती है.
क्यों आता है हार्ट अटैक?
लगातार लंबे समय तक काम करना, लगातार तनाव और नींद की कमी दिल पर बुरा असर डालती है. विशेषज्ञों के अनुसार इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है, शरीर में सूजन बढ़ती है और ब्लड वेसल्स कमजोर हो जाती हैं. इस हालत में नसों में जमा हुआ प्लाक अस्थिर हो सकता है, जो अचानक दिल का दौरा पड़ने का कारण बन सकता है.
हार्ट अटैक के सामान्य लक्षण
विशेषज्ञों के मुताबिक, लगभग 65% व्यक्तियों को दिल का दौरा पड़ने से पहले चेतावनी के संकेत मिलते हैं, जिन्हें अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है. ये संकेत दिल के दौरे से कुछ दिन पहले भी दिखते हैं.
- बेचैनी या घबराहट
- पेट में गैस, डकार आना
- पीठ, गर्दन या गले में दर्द
- चलते समय जल्दी थक जाना
- पैरों में कमजोरी या अस्थिरता
- सांस फूलना
कम नींद लेना दिल के लिए क्यों खतरनाक है?
जो लोग रोजाना 6–7 घंटे से कम सोते हैं, उनके शरीर में स्ट्रेस हार्मोन की मात्रा बढ़ जाती है. इससे खून में थक्का बनने का जोखिम ज्यादा हो जाता है. लगातार लंबे समय तक नींद की कमी दिल पर गंभीर असर डाल सकती है.
खराब डाइट का असर
विशेषज्ञों का कहना है कि दिल का दौरा सिर्फ किसी एक गलत खाने की आदत के कारण नहीं आता है. यह लंबे समय तक शरीर पर पड़े मेटाबॉलिक तनाव का नतीजा है. अगर आपकी डाइट इंसुलिन प्रतिरोध बढ़ा रही है, लगातार सूजन पैदा कर रही है, या खराब कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बढ़ा रही है, तो दिल का दौरा पड़ने का जोखिम धीरे-धीरे बढ़ता रहता है.
नॉर्मल रिपोर्ट के बावजूद करवाएं ये टेस्ट
डॉक्टरों के मुताबिक केवल ECG पर भरोसा करना काफी नहीं है. छिपे हुए खतरे पकड़ने के लिए ये टेस्ट मददगार हो सकते हैं-
- फास्टिंग इंसुलिन
- ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग
- कोरोनरी कैल्शियम स्कोर
- Lipoprotein(a)
- hs-CRP
- ApoB
- HbA1c
ये जांचें दिल की नसों में छुपी परेशानी को पहले ही पकड़ सकती हैं. यह घटना साफ बताती है कि फिट दिखना या रिपोर्ट्स का नॉर्मल होना दिल के सुरक्षित होने की पूरी गारंटी नहीं है. समय-समय पर सही जांच, तनाव और नींद पर ध्यान, और शरीर के छोटे संकेतों को गंभीरता से लेना ही दिल को सुरक्षित रखने का सबसे बड़ा तरीका है.