फ्रेंच नहीं ये किस होती है बेस्ट, एक्सपर्ट सीमा आनंद ने बताया परफेक्ट KISS का फॉर्मूला
किसिंग सिर्फ दो होठों का मिलना नहीं, बल्कि एक कला है जिसे समझना और सही ढंग से करना बेहद मजेदार हो सकता है. लाइफ कोच सीमा आनंद ने हाल ही में बताया कि असली “बेस्ट किस” वह होती है जिसमें टच कम से कम और एहसास ज्यादा हो.
फिल्मों और सोशल मीडिया ने फ्रेंच किस को भले ही सबसे रोमांटिक बना दिया हो, लेकिन असली जादू इससे बिल्कुल अलग तरीके में छुपा है. हालांकि, हर किसी का किस करने और उसे फील करने का तरीका अलग होता है, लेकिन हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान रिश्तों और इंटिमेसी पर गहरी समझ रखने वाली एक्सपर्ट सीमा आनंद ने बताया कि कौन-सी किस बेस्ट होती है.
साथ ही, उन्होंने परफेक्ट किस करने का तरीका भी बताया है, जिसे जान आप हैरान हो जाएंगे. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी बताया कि किस के दौरान टेंपरेचर का क्या खेल होता है.
फ्रेंच किस नहीं है बेस्ट
सीमा आनंद ने पॉडकास्ट में बताया कि अक्सर लोग फ्रेंच किस को बेस्ट मान लेते हैं, जिसमें होंठों और जीभ का ज्यादा इस्तेमाल होता है, लेकिन असल में ऐसा नहीं होता है. उन्होंने बताया कि कामसूत्र में भी किस के बारे में बहुत सारी बाते हैं. इस किताब में बताया गया है कि असली बेस्ट किस वह है, जिसमें टच सबसे कम हो. इसका मतलब है कि कम स्पर्श और ज्यादा एहसास.
कौन-सी किस होती है बेस्ट?
वीडियो में एक्सपर्ट ने बताया कि किस की शुरुआत सबसे आसान और मजेदार तरीके से करनी चाहिए. उन्होंने बेस्ट किस के बारे में भी बताया, जिसमें अपने लोअर लिप को पार्टनर के लोअर लिप पर हल्के से रब करना चाहिए. यह पहला टच है जो पल भर में दिल की धड़कनों को बढ़ा सकता है.
थोड़े से बालों का खेल
अगर आप और आपका पार्टनर बैठे हैं, तो अपने उंगली हल्के से उनके बालों में उलझाएं. इससे टच में नरमी आती है और रोमांस का एक नया लेवल खुलता है.
सांसों का खेल
बेस्ट किस की सबसे बड़ी खासियत सांसे महसूस करना है. जब आप होंठ मिलाते हैं और पार्टनर सांस अंदर लेता है, तो आपके होंठ ठंडे और गर्म के बीच खेलते हुए एक अनोखा एहसास देते हैं. यही तापमान का खेल इसे असली मजेदार और अनबिलिविएबल बनाता है.
लिमिटेड टच, ज्यादा फीलिंग
सीमा आनंद बताती हैं कि किसी भी तरह के ज्यादा स्पर्श की जरूरत नहीं है. बस नीचे वाला होंठ ऊपर वाले होंठ से हल्का सा टकराए-इतना ही काफी है. इससे रोमांस और फीलिंग दोनों को बढ़ावा मिलता है, बिना किसी अजीबपन के.
फैंटसी सही है या गलत?
सीमा के अनुसार, हर किसी की फैंटसी अलग होती है. फैंटसी तब तक सही मानी जाती है जब इसमें कोई नुकसान न पहुंचे और दोनों पार्टनर इसमें पूरी तरह शामिल हों. यानी स्वस्थ और सहमति आधारित मजा ही असली मजा है.





