'Epstein Files के प्रेशर से घबराए हुए हैं पीएम मोदी', US के साथ ट्रेड डील पर बोले राहुल गांधी- VIDEO
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है. संसद के बाहर मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ हुई नई ट्रेड डील और तथाकथित “एपस्टीन फाइल्स” का जिक्र करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए.;
Rahul Gandhi
(Image Source: ANI )कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर से पीएम नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोला है. बीते दिनों एपस्टीन फाइल्स में पीएम मोदी का नाम होने का दावा किया गया था. हालांकि सरकार ने उसको खारिज कर दिया था.
अब संसद के बाहर राहुल गांधी ने एपस्टीन फाइल्स और अमेरिका के साथ हुई ड्रेड डील को लेकर पीएम मोदी पर हमला किया है. बता दें, अमेरिका और भारत के बीच नई ट्रेड डील हुई है और ट्रंप ने भारत पर लगे 50 फीसदी टैरिफ को भी कम कर 18 फीसदी कर दिया है.
संसद के बाहर क्या बोले राहुल?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन पर भारी दबाव है और सरकार घबराई हुई है. राहुल ने दावा किया कि एपस्टीन फाइल्स को लेकर पीएम मोदी दबाव में हैं, इसी घबराहट में उन्होंने ट्रेड डील के जरिए देश के हितों से समझौता कर लिया. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस सौदे में पीएम ने न सिर्फ अपनी मेहनत की कमाई, बल्कि पूरे देश की संपत्ति “बेच दी”, और यही डर अब उनके बयानों और फैसलों में साफ दिखाई दे रहा है.
'वॉशिंगटन में मोगैम्बो खुश है'
अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील की घोषणा के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सिलसिलेवार पोस्ट कर सरकार की विदेश और व्यापार नीति पर सवाल खड़े किए. जयराम रमेश ने लिखा कि “वॉशिंगटन में मोगैम्बो खुश है” और ऐसा लग रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अंततः दबाव में आकर हार मान ली है.
कांग्रेस का आरोप है कि भारत को अपनी ही सरकार के बड़े फैसलों की जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प या उनके प्रतिनिधियों से मिल रही है, जो अब एक तरह की “रूटीन प्रक्रिया” बन गई है. पार्टी ने यह भी कहा कि जैसे ऑपरेशन सिंदूर के सीजफायर की घोषणा ट्रम्प ने की थी, वैसे ही ट्रेड डील का ऐलान भी अमेरिका की ओर से हुआ और बताया गया कि यह “मोदी की रिक्वेस्ट” पर की गई है.
कांग्रेस ने इस डील में रूस से तेल खरीद बंद करने और अमेरिका व वेनेजुएला से तेल खरीदने के दावे पर भी सवाल उठाए. पार्टी ने पूछा कि अगर ऐसा है तो फिर ‘मेक इन इंडिया’ का क्या होगा और क्या भारत ने रूस का साथ छोड़ने पर सहमति दे दी है. दरअसल, ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया है और भारत अब अमेरिका से 500 अरब डॉलर से ज्यादा का सामान खरीदेगा. वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रम्प के फैसले का स्वागत करते हुए इसे भारत के लिए बड़ा लाभ बताया.