Aaj ki Taaza Khabar: राम मंदिर पर पाक के बयान पर भारत का प्रहार: 'पाखंडी भाषण देने का कोई हक नहीं'- पढ़ें 26 नवंबर की बड़ी खबरें

By :  सागर द्विवेदी
Updated On : 26 Nov 2025 8:23 PM IST

Aaj ki Taaza Khabar Live News: स्टेट मिरर हिंदी के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है. यहां आपको दिनभर की ब्रेकिंग, बड़ी खबरें और हेडलाइन देखने को मिलेगी. बुधवार 26 नवंबर 2025 को देश, दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत में क्‍या-क्‍या खास रहा, साथ ही हर बड़ी खबर को जानने के लिए यहां पढ़ें LIVE UPDATE.

Live Updates
2025-11-26 14:48 GMT

अमित शाह का ट्वीट: भारत को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए मिली जीत, पीएम मोदी के विज़न को सराहा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, "प्रत्येक नागरिक को बधाई, क्योंकि भारत को अहमदाबाद में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने का प्रतिष्ठित अवसर मिला है. यह हमारे प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी सोच का प्रमाण है, जिन्होंने हमारे भारत को एक वैश्विक खेल केंद्र में बदलने का सपना देखा. दस वर्षों से अधिक की मेहनत के माध्यम से, मोदी ने विश्व-स्तरीय खेल अवसंरचना विकसित की और प्रभावी शासन और बेहतरीन टीमवर्क के जरिए हमारे राष्ट्र की क्षमता को बढ़ाया."

2025-11-26 13:41 GMT

राम मंदिर पर पाक के बयान पर भारत का प्रहार: 'पाखंडी भाषण देने का कोई हक नहीं'

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा राम मंदिर के ध्वजारोहण समारोह पर दिए गए बयान पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने दो टूक कहा कि भारत ऐसे टिप्पणियों को “उनकी योग्य अवमानना के साथ खारिज करता है.” जैसवाल ने कहा कि पाकिस्तान, जिसका इतिहास कट्टरता, दमन और अल्पसंख्यकों के व्यवस्थित उत्पीड़न से भरा पड़ा है, उसे दूसरों पर उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.

उन्होंने आगे कहा, “हमने पाकिस्तान के कथित वक्तव्यों को देखा है और उन्हें उनके योग्य तिरस्कार के साथ खारिज करते हैं. एक ऐसे देश के रूप में जिसका रिकॉर्ड कट्टरता, दमन और अल्पसंख्यकों के व्यवस्थित उत्पीड़न से कलंकित है, पाकिस्तान को दूसरों को भाषण देने का नैतिक अधिकार नहीं है. पाखंडी उपदेश देने के बजाय, पाकिस्तान को चाहिए कि वह अपने देश की दयनीय मानवाधिकार स्थिति पर ध्यान दे…”

2025-11-26 12:54 GMT

केरल में बोले BJP अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर: “मुसलमान हमें वोट नहीं देते, लेकिन हमने कभी किसी का नुकसान नहीं किया”

केरल BJP अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मुस्लिम समुदाय के वोट पैटर्न और विपक्ष के दावों पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम वोट भले ही बीजेपी को नहीं मिलते, लेकिन पार्टी ने हमेशा सबके साथ न्याय किया है और किसी को नुकसान नहीं पहुँचाया.

राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि "सच्चाई यह है कि मुसलमान हमें वोट नहीं देते. लेकिन कांग्रेस को वोट देकर उन्हें क्या मिला? हमने कभी किसी का नुकसान नहीं किया. बीजेपी में मुस्लिम सांसद और नेता रहे हैं- मुख्तार अब्बास नक़वी और शहनवाज़ हुसैन. आज भी जम्मू-कश्मीर से राज्यसभा में मुस्लिम सांसद हैं."

उन्होंने आगे कहा कि केरल में भी स्थानीय निकाय चुनावों में कई मुस्लिम BJP उम्मीदवार रहे हैं. पूर्व राष्ट्रपति APJ अब्दुल कलाम NDA के दौरान ही राष्ट्रपति बने थे. 2017 से पहले केरल से एक भी केंद्रीय मंत्री नहीं था. हमारे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अब्दुल्लाकुट्टी हैं और राज्य उपाध्यक्ष अब्दुल सलाम."

राजीव चंद्रशेखर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि BJP जमात-ए-इस्लामी नहीं है. हम संविधान और लोकतंत्र में विश्वास करते हैं. जमात-ए-इस्लामी तो खुलकर कहती है कि वह संविधान नहीं चाहती और लोकतंत्र में विश्वास नहीं करती. हम मुस्लिम समाज का भरोसा जीतने के लिए मेहनत करेंगे और LDF तथा UDF द्वारा फैलाए जा रहे इस जहरीले प्रचार को खत्म करेंगे."

2025-11-26 12:08 GMT

दीपक प्रकाश के मंत्री बनते ही उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLM में भूचाल, एक दिन में कई बड़े नेताओं का इस्तीफा

राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को बड़ा झटका लगा है. पार्टी में उस समय हलचल तेज हो गई जब एक ही दिन में दो अहम नेताओं ने पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. दीपक प्रकाश के मंत्री बनते ही RLM में टूट की चर्चाएं और भी तेज हो गई हैं. पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जीतेंद्र नाथ और प्रदेश प्रवक्ता-सह-प्रदेश महासचिव राहुल कुमार ने अचानक पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया. दोनों नेताओं के इस्तीफे से RLM खेमे में बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल शुरू हो गई है.

2025-11-26 11:56 GMT

पूर्व CJI बी.आर. गवई का बयान- 'नहीं, मुझे नहीं लगता कि मैंने कोई फैसला अलग तरह से देना चाहिए था'

दिल्ली: पूर्व मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान किसी भी फैसले को अलग तरह से देने की आवश्यकता महसूस नहीं होती. उन्होंने साफ कहा, "नहीं, मुझे ऐसा नहीं लगता…", जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि कोई फैसला उन्हें अलग तरीके से देना चाहिए था.

पूर्व CJI गवई ने न्यायाधीशों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि "मैं हमेशा कहता हूं कि जजों को यह सोचकर फैसला नहीं लेना चाहिए कि लोग या प्रेस उसे पसंद करेंगे या नहीं. जजों को वही निर्णय देना चाहिए जो उनके सामने मौजूद कागज़ात, तथ्यों और उन पर लागू कानून के आधार पर सही हो."

2025-11-26 10:49 GMT

हम जन्म से धार्मिक हैं… लेकिन लड़ाई PDA की है” : लखनऊ में बोले अखिलेश यादव

अपने ही हालिया ट्वीट पर उठे राजनीतिक विवाद के बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बड़ा बयान देते हुए साफ कहा कि उनकी धार्मिक पहचान पर सवाल उठाना व्यर्थ है, क्योंकि वे “जन्म से धार्मिक” हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उनका संघर्ष धर्म की बहस में फंसाने वालों से नहीं, बल्कि PDA के लिए है - यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक, जो देश की आधी आबादी हैं. पत्रकारों द्वारा ट्वीट पर सवाल किए जाने पर अखिलेश ने कहा, “हम जन्म से धार्मिक हैं. जब मेरा जन्म हुआ था, तब मेरी ‘छठी’ मनाई गई थी और यह हिंदू धर्म में मनाई जाती है. उनसे पूछिए कि उनकी ‘छठी’ मनाई गई थी या नहीं…”

2025-11-26 10:30 GMT

सीमा घट रही है, सरकार बताए असली स्थिति: अखिलेश यादव का मोदी सरकार पर हमला

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र की मोदी सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि कई बार पूछा गया है कि भारत सरकार देश की वास्तविक और मौजूदा सीमाओं का खुलासा करे, लेकिन सरकार इस पर स्पष्ट जानकारी नहीं देती. अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में देश की सीमाएं लगातार घट रही हैं. उन्होंने कहा "...बार-बार सवाल पूछा गया है कि भारतीय सरकार हमारे देश के वास्तविक और मौजूदा क्षेत्रों का खुलासा करे. बीजेपी सरकार के दौरान हम सीमा में लगातार कमी देखते हैं. ये लोग प्रचार और झूठ पर ज्यादा निर्भर हैं, लेकिन इसके बावजूद ऐसा लगता है कि हमारे बॉर्डर और जमीन कम होती जा रही है..." उन्होंने आगे कहा कि चीन देश की प्रगति और समृद्धि में बाधा बन रहा है, इसलिए भारत को ऐसे देशों से सावधान रहना चाहिए जो बार-बार हमारी जमीन पर कब्जा करते हैं.

2025-11-26 10:29 GMT

हरियाणा सरकार हुई सख़्त: खेल विभाग ने घटिया इन्फ्रास्ट्रक्चर और उपकरणों पर तुरंत रोक लगाई

हरियाणा सरकार के खेल विभाग ने राज्य के सभी खेल परिसरों में मौजूद सब-स्टैंडर्ड (घटिया) भवनों और खेल उपकरणों को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं. विभाग ने आदेश दिया है कि सभी खराब या कम गुणवत्ता वाले खेल उपकरणों को तुरंत हटाया जाए और जिन खेल सुविधाओं की स्थिति ठीक नहीं है, उनका उपयोग तुरंत बंद किया जाए. साथ ही, आवश्यक मरम्मत कार्य भी तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. यह बड़ा कदम हरियाणा के रोहतक में 16 साल के नेशनल लेवल बास्केटबॉल खिलाड़ी की दर्दनाक मौत के बाद उठाया गया है, जिसमें प्रैक्टिस के दौरान बास्केटबॉल का पोल गिरकर उसके सीने पर लगा और उसकी जान चली गई. सरकारी आदेश का मकसद है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जाए और खेल परिसरों में खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

2025-11-26 09:27 GMT

“पार्टी की बातें मीडिया में नहीं, चार दीवारों के भीतर होंगी” : कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार

कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी राजनीतिक अटकलों और सियासी उथल-पुथल के बीच राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने साफ कहा है कि वह मीडिया में किसी भी तरह की बयानबाज़ी नहीं करेंगे. शिवकुमार ने दो टूक कहा कि कांग्रेस पार्टी के आंतरिक मसलों पर चर्चा सिर्फ पार्टी के भीतर ही होगी, न कि सार्वजनिक मंचों पर. पत्रकारों द्वारा मुख्यमंत्री पद की अटकलों पर सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा, “मैं मीडिया में कुछ नहीं बोलना चाहता. पार्टी के मसले चार दीवारों के अंदर हल किए जाएंगे, मीडिया में नहीं.” शिवकुमार ने जोर देकर कहा कि उनका और पार्टी का फोकस सत्ता की खींचतान पर नहीं, बल्कि कांग्रेस के झंडे और संविधान की गरिमा को बनाए रखने पर है. उन्होंने आगे कहा, “कोई दूसरी चर्चा नहीं है. हमारा लक्ष्य केवल पार्टी का झंडा ऊंचा रखना, संविधान की रक्षा करना और उसे सर्वोच्च बनाए रखना है.”

2025-11-26 09:03 GMT

कॉन्स्टिट्यूशन डे पर पीएम के संदेश पर बोले खड़गे - “संविधान की दुहाई देने वाले मनुस्मृति की वकालत करते रहे हैं”

संविधान दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए संदेश पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. खड़गे ने कहा कि आज जो लोग संविधान की प्रशंसा कर रहे हैं, वही पहले इस देश के संविधान को कमज़ोर करने, मनुस्मृति की पैरवी करने और मनुस्मृति से संविधान को बदलने की बात करते रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मनुस्मृति में महिलाओं के लिए कोई स्थान नहीं है, वहां महिलाओं को अछूत माना गया था. इसके साथ ही मनुस्मृति समाज को ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र जैसे वर्गों में विभाजित करती है और आज के समय में इससे भी आगे ‘अति शूद्र’ यानी अछूतों की श्रेणी मौजूद है. खड़गे ने कहा कि ऐसे ग्रंथ की तुलना संविधान से करना सरासर गलत है. “संविधान 140 करोड़ भारतीयों के लिए है, लेकिन मनुस्मृति सिर्फ कुछ लोगों के लिए,” उन्होंने कहा.

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