Aaj ki Taaza Khabar: थाईलैंड-कंबोडिया सीमा विवाद के बीच हिंदू देवता की मूर्ति पर चला बुलडोडर- भारत ने जताया एतराज- पढ़ें 24 दिसंबर की बड़ी खबरें
Aaj ki Taaza Khabar Live News: स्टेट मिरर हिंदी के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है. यहां आपको दिनभर की ब्रेकिंग, बड़ी खबरें और हेडलाइन देखने को मिलेगी. बुधवार 24 दिसंबर 2025 को देश, दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत में क्या-क्या खास रहा, साथ ही हर बड़ी खबर को जानने के लिए यहां पढ़ें LIVE UPDATE.
थाईलैंड-कंबोडिया सीमा विवाद में हिंदू देवता की मूर्ति विध्वंस पर आधिकारिक बयान
मीडिया से पूछताछ के जवाब में आधिकारिक प्रवक्ता श्री रणधीर जैसवाल ने कहा, "हमने हाल ही में बने एक हिंदू धार्मिक देवता की मूर्ति के विध्वंस के संबंध में रिपोर्टें देखी हैं, जो उस क्षेत्र में स्थित थी जो थाईलैंड-कंबोडिया सीमा विवाद से प्रभावित है. हिंदू और बौद्ध देवताओं को पूरे क्षेत्र में गहरी श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा जाता है, जो हमारी साझा सभ्यतात्मक विरासत का हिस्सा हैं. भले ही क्षेत्रीय दावे हों, ऐसे अनादरपूर्ण कृत्य विश्वभर के अनुयायियों की भावनाओं को आहत करते हैं और इन्हें होने नहीं देना चाहिए. हम एक बार फिर दोनों पक्षों से संवाद और कूटनीति की ओर लौटने, शांति बहाल करने और और किसी भी जीवन, संपत्ति और विरासत के नुकसान से बचने का अनुरोध करते हैं."
आम आदमी पार्टी गोवा में बड़ा संगठनात्मक बदलाव, अमित पालेकर अध्यक्ष पद से हटाए गए
आम आदमी पार्टी (AAP) ने गोवा इकाई में बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश अध्यक्ष अमित पालेकर को उनके पद से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया है. पार्टी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, यह निर्णय तुरंत लागू होगा.
पार्टी ने वरिष्ठ नेता श्रीकृष्ण परब को अगले आदेश तक गोवा प्रदेश अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है. फिलहाल पार्टी नेतृत्व की ओर से इस बदलाव की वजह को लेकर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है.
इस फैसले को गोवा में आम आदमी पार्टी की संगठनात्मक रणनीति और आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
बांग्लादेश में हालात बेहद गंभीर, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा जरूरी: शशि थरूर
तिरुवनंतपुरम, केरल: बांग्लादेश में जारी अशांति पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गहरी चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि यह एक बेहद गंभीर समस्या है, क्योंकि हमारे नजरिए से हम चाहते हैं कि बांग्लादेश स्थिर और शांत रहे और वहां के अल्पसंख्यक खुद को सुरक्षित महसूस करें. यह लिंचिंग सच में एक बड़ा अन्याय थी, क्योंकि इसकी कोई वजह ही नहीं थी. उस व्यक्ति द्वारा किसी तरह की ईशनिंदा का कोई सवाल नहीं था और वह पुलिस हिरासत में था. उसे भीड़ के हवाले नहीं किया जाना चाहिए था और इस तरह बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई."
शशि थरूर ने आगे कहा कि बांग्लादेश के कई हिस्सों में सड़कों पर हुई हिंसा, हमारे कांसुलेट्स यानी वहां मौजूद असिस्टेंट हाई कमीशन के बाहर हुए प्रदर्शन—इन सबने मिलकर दुर्भाग्यवश ऐसा माहौल बना दिया है, जो फरवरी में प्रस्तावित चुनावों से पहले उस शांति और स्थिरता के अनुकूल नहीं है, जिसकी हम सभी उम्मीद करते हैं."
भारत पर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि "छात्र नेता की मौत के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने वाली बयानबाजी पूरी तरह बेतुकी है. भारत को बांग्लादेश में अस्थिरता फैलाने में कोई दिलचस्पी नहीं हो सकती. इस तरह के आरोपों ने वहां अल्पसंख्यकों के खिलाफ शत्रुता का माहौल पैदा किया है, जो पूरे देश के लिए चिंता का विषय बन गया है."
ढाका में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर हिंसा: कच्चे बम धमाके में युवक की मौत, तारीक रहमान के दौरे से पहले माहौल गरमाया
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर एक बार फिर हिंसा भड़क उठी. बुधवार शाम मोगबाजार चौराहे के पास बांग्लादेश मुक्तिजोद्धा संसद सेंट्रल कमांड के नजदीक हुए शक्तिशाली कच्चे बम धमाके में 21 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई. यह घटना निर्वासित बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) नेता तारीक रहमान के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले सामने आई है, जिससे राजनीतिक और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है.
पुलिस के मुताबिक, यह धमाका शाम करीब 7:10 बजे मोगबाजार फ्लाईओवर से फेंके गए एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) के कारण हुआ. बम सड़क पर गिरा और सीधे युवक के सिर पर लगा, जिससे उसकी तुरंत मौत हो गई. मृतक की पहचान सैफुल सियाम (21) के रूप में हुई है.
अरावली पर्वत श्रृंखला में नई खनन लीज़ पर पूरी तरह से प्रतिबंध: पर्यावरण मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) ने दिल्ली से गुजरात तक फैली पूरी अरावली पर्वत श्रृंखला में किसी भी नई खनन लीज़ के आवंटन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के निर्देश राज्यों को जारी किए हैं. यह प्रतिबंध पूरे अरावली क्षेत्र में समान रूप से लागू होगा और पर्वत श्रृंखला की भौगोलिक और पर्यावरणीय अखंडता को बनाए रखने के लिए किया गया है.
मंत्रालय ने यह कदम अरावली को एक निरंतर भौगोलिक रिज के रूप में संरक्षित करने और अनियंत्रित खनन गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से उठाया है. इस दिशा-निर्देश से राज्य सरकारें अब अरावली में नए खनन संचालन की अनुमति नहीं दे सकेंगी, जिससे इस प्राकृतिक धरोहर की सुरक्षा सुनिश्चित होगी.
उन्नाव रेप पीड़िता 10 जनपथ पहुंचीं, मैं PM मोदी, अमित शाह और राष्ट्रपति से मिलना चाहती हूं, मुझे न्याय चाहिए...
2017 उन्नाव रेप केस की पीड़िता और महिला अधिकार कार्यकर्ता योगिता भयाना कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पहुंचीं. दोनों ने अपनी पीड़ा और संघर्ष को साझा करने के लिए उनसे मुलाकात की मांग की है. इस दौरान पीड़िता ने कहा कि हम सिर्फ उनसे मिलना चाहते हैं और उन्हें बताना चाहते हैं कि हम किस दौर से गुजर रहे हैं. मैं प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और राष्ट्रपति से भी मिलना चाहती हूं. मुझे न्याय चाहिए…
दिल्ली-NCR में राहत: GRAP स्टेज-IV के प्रतिबंध तत्काल हटे, स्टेज I–III जारी रहेंगे
दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बड़ा फैसला लेते हुए GRAP के तहत लागू स्टेज-IV (Severe+) की कार्रवाई को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का आदेश जारी किया है. यह आदेश 13 दिसंबर 2025 को जारी किए गए निर्देशों को रद्द करते हुए लिया गया है.
हालांकि आयोग ने स्पष्ट किया है कि संशोधित GRAP (21 नवंबर 2025) के तहत स्टेज-I, स्टेज-II और स्टेज-III की सभी पाबंदियां फिलहाल लागू रहेंगी और उन्हें पूरी सख्ती से अमल में लाया जाएगा. यह कदम वायु गुणवत्ता में आंशिक सुधार को देखते हुए उठाया गया है, लेकिन हालात पर लगातार नजर रखी जाएगी.
यूपी विधानसभा में सीएम योगी का तीखा हमला: बांग्लादेश में दलित युवक की हत्या पर विपक्ष को घेरा
उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांग्लादेश में एक दलित युवक को ज़िंदा जलाए जाने की घटना का ज़िक्र करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा देखिए, बांग्लादेश में एक दलित युवक को ज़िंदा जला दिया गया. ग़ाज़ा पट्टी में जो कुछ भी होता है, उस पर आप लोग आंसू बहाते हैं, लेकिन बांग्लादेश में दलित युवक की हत्या पर आपके मुंह से एक शब्द नहीं निकलता. आपकी ज़ुबान इसलिए बंद रहती है क्योंकि आप उन्हें सिर्फ वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करते हैं.”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यही सच्चाई है कि यह आपके तुष्टिकरण की नीति की सच्चाई है, जिसकी वजह से बांग्लादेश बना. अगर बांग्लादेश और पाकिस्तान नहीं बने होते, तो हिंदुओं को इस तरह ज़िंदा नहीं जलाया जाता, और अगर ऐसा होता भी, तो उसके क्या नतीजे होते?”
ग़ाज़ा पर कैंडल मार्च, लेकिन हिंदुओं पर चुप्पी?
सीएम योगी ने कहा कि आप ग़ाज़ा के मुद्दे पर कैंडल मार्च निकालते हैं, लेकिन जब पाकिस्तान और बांग्लादेश में किसी हिंदू की हत्या होती है, तो आपकी बोलती बंद हो जाती है. क्योंकि मरने वाला हिंदू है, दलित है.” उन्होंने विपक्ष से मांग की कि इस घटना की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया जाए और नेता प्रतिपक्ष की ओर से भी एक कड़ा संदेश जाए. सीएम योगी ने कहा कि “हम इस घटना की निंदा करते हैं और बांग्लादेश सरकार को चेतावनी देते हैं…”
रोहिंग्या और बांग्लादेशियों पर सख्त चेतावनी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा. उन्होंने कहा कि “जब हम यहां से बांग्लादेशियों को बाहर निकालेंगे और रोहिंग्याओं को रास्ता दिखाएंगे, तब उनके समर्थन में मत आना. आपने ही बहुतों का वोटर रजिस्ट्रेशन कराया है.” उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने अवैध प्रवासियों के आधार कार्ड भी बनवाए हैं. सीएम योगी ने कहा, “आपने बहुतों का आधार कार्ड बनवाने का पाप भी किया है.”
यूपी विधानसभा में बोले सीएम योगी: अवैध कब्जे और अनैतिक गतिविधियों पर चलेगा बुलडोजर
उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त लहजे में कहा कि राज्य में अवैध कब्जा, जबरन वसूली और अनैतिक गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर कोई माफिया जबरन आवासीय या सरकारी ज़मीन पर कब्जा करता है, मॉल या वसूली का अड्डा बनाता है और वहां अनैतिक व गैरकानूनी गतिविधियां चलाता है, तो उस पर बुलडोजर चलेगा. इसे कोई नहीं रोक सकता. हर व्यक्ति के लिए सुरक्षा का माहौल जरूरी है. आज हर कोई कह सकता है कि बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की वजह से उत्तर प्रदेश में निवेश आ रहा है…”
देश कृषि प्रधान से जाति प्रधान बना, ब्राह्मण विधायकों को CM या PM से मिलकर उठानी चाहिए अपनी बात
ब्राह्मण विधायकों की बैठक को लेकर मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि “अगर कभी यह देश कृषि प्रधान था, तो अब यह जाति प्रधान हो गया है. जब जातियां संगठित हो रही हैं और उन्हें किसी तरह की परेशानी या समस्या आ रही है, तो उन्हें अपनी बात राज्य के मुख्यमंत्री के सामने रखनी चाहिए या फिर अपनी जाति को हो रही कठिनाइयों से राहत के लिए प्रधानमंत्री से मुलाकात करनी चाहिए.”