पाताल लोक 2 फेम Prashant Tamang का 43 साल की उम्र में स्ट्रोक से मौत, हाल ही सलमान की फिल्म गलवान का ट्रेलर किया था शेयर
Indian Idol Season 3 के विजेता और पाताल लोक 2 में नजर आए सिंगर-एक्टर प्रशांत तमांग का 43 वर्ष की उम्र में दिल्ली में निधन हो गया. बताया जा रहा है कि स्ट्रोक के कारण उनकी मौत हुई. दार्जिलिंग से लेकर राष्ट्रीय मंच तक का उनका सफर प्रेरणादायक रहा. संगीत, फिल्मों और वेब सीरीज में अपनी पहचान बनाने वाले प्रशांत तमांग गोरखा समुदाय के लिए एक सांस्कृतिक प्रतीक माने जाते थे.;
टीवी और संगीत की दुनिया से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. प्रशांत तमांग, जिन्होंने अपनी आवाज़ और सादगी से करोड़ों दिल जीते, अब हमारे बीच नहीं रहे. 43 वर्ष की उम्र में दिल्ली स्थित अपने आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, स्ट्रोक उनकी मौत की वजह बना. यह खबर सामने आते ही उनके प्रशंसकों और इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई.
प्रशांत तमांग को देशभर में पहचान मिली साल 2007 में, जब उन्होंने Indian Idol सीजन 3 का खिताब जीता. उनकी जीत सिर्फ एक रियलिटी शो की ट्रॉफी नहीं थी, बल्कि यह संघर्ष, मेहनत और उम्मीद की कहानी थी. उनकी सादगी और भावुक आवाज़ ने उन्हें आम दर्शकों से खास बना दिया. जीत के बाद वह हर उम्र के लोगों के चहेते बन गए. हाल ही में उन्होंने सलमान खान की फिल्म गलवान का ट्रेलर शेयर किया था.
वर्दी से माइक तक का संघर्ष
4 जनवरी 1983 को दार्जिलिंग में जन्मे प्रशांत का जीवन आसान नहीं था. पिता के असमय निधन के बाद उन्होंने परिवार की जिम्मेदारी संभाली और कोलकाता पुलिस में कांस्टेबल के रूप में नौकरी की. ड्यूटी के साथ-साथ उन्होंने संगीत का अभ्यास नहीं छोड़ा. पुलिस ऑर्केस्ट्रा के जरिए उन्होंने अपनी कला को निखारा और यही मंच उन्हें इंडियन आइडल तक ले गया.
म्यूजिक से फिल्मों तक का सफर
इंडियन आइडल जीतने के बाद प्रशांत ने अपना पहला म्यूजिक एल्बम ‘धन्यवाद’ रिलीज़ किया. इसके बाद उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय लाइव शोज़ किए और एक स्थापित सिंगर के रूप में पहचान बनाई. फिल्मों में उन्होंने नेपाली सिनेमा से डेब्यू किया और ‘गोरखा पल्टन’ समेत कई फिल्मों में अभिनय किया. अभिनय में भी उनकी सादगी दर्शकों को पसंद आई.
टीवी पर दमदार वापसी
संगीत और फिल्मों के बाद प्रशांत ने टेलीविजन की ओर भी रुख किया. उन्होंने हाल ही में चर्चित वेब सीरीज़ Paatal Lok सीजन 2 में डैनियल लेचो का अहम किरदार निभाया. इस भूमिका ने साबित किया कि वह सिर्फ सिंगर ही नहीं, बल्कि एक सशक्त अभिनेता भी थे. उनकी परफॉर्मेंस को आलोचकों और दर्शकों दोनों ने सराहा.
गोरखा समाज की आवाज़ बने प्रशांत
प्रशांत तमांग सिर्फ एक कलाकार नहीं थे, बल्कि गोरखा समुदाय के लिए एक पहचान थे. उनकी इंडियन आइडल जीत ने दार्जिलिंग, तराई, डुआर्स, सिक्किम, नॉर्थ ईस्ट और विदेशों में बसे गोरखाओं को एक सूत्र में बांध दिया. वह उन चेहरों में से थे, जिन्होंने एक उपेक्षित समुदाय को राष्ट्रीय मंच पर आत्मविश्वास दिया. यही वजह है कि आज उनका जाना एक सांस्कृतिक क्षति भी माना जा रहा है.
अचानक आया अंत, अधूरी रह गई कहानी
उनकी मौत इतनी अचानक हुई कि किसी को यकीन नहीं हो रहा. सक्रिय करियर, नई भूमिकाएं और भविष्य की योजनाओं के बीच इस तरह का अंत कई सवाल छोड़ गया है. साथी कलाकार, प्रशंसक और सामाजिक संगठन सोशल मीडिया पर उन्हें याद कर रहे हैं. हर कोई यही कह रहा है कि प्रशांत ने बहुत कम उम्र में बहुत कुछ हासिल किया.
यादों में जिंदा रहेगी एक मिसाल
प्रशांत तमांग भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज़, उनका संघर्ष और उनकी पहचान हमेशा जिंदा रहेगी. वह उस सपने की मिसाल थे, जो छोटे शहरों और सीमित संसाधनों से निकलकर बड़े मंच तक पहुंचता है. इंडियन आइडल की स्टेज से लेकर पाताल लोक के पर्दे तक, उनका सफर प्रेरणा देता रहेगा. संगीत और अभिनय की दुनिया ने एक सच्चा कलाकार खो दिया है.