Budget 2026 LIVE Update: बजट में चाबहार पोर्ट को झटका! शशि थरूर बोले- भारत ईरान से पीछे हटता दिख रहा है
Budget 2026 Live Updates: स्टेट मिरर हिंदी के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लगातार नौवीं बार देश का आम बजट पेश किया. इस लाइव कवरेज में आपको बजट से जुड़ी हर बड़ी घोषणा, एक्सपर्ट्स की राय और पल-पल के अपडेट मिलेंगे. बजट के दिन शेयर बाजार खुला रहा, लेकिन बजट भाषण शुरू होते ही बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली. इस खबर में बजट और शेयर मार्केट से जुड़ी हर अहम जानकारी विस्तार से दी जा रही है.;
₹400 करोड़ से जीरो तक: चाबहार पोर्ट फंडिंग खत्म, शशि थरूर ने सरकार को घेरा
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने Union Budget 2026 में चाबहार पोर्ट के लिए शून्य आवंटन पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि पिछले साल जहां बजट अनुमान में ₹100 करोड़ रखे गए थे, वहीं संशोधित अनुमान में यह ₹400 करोड़ हो गया था, लेकिन इस साल कोई फंड नहीं दिया गया. थरूर के मुताबिक यह संकेत देता है कि भारत ईरान के साथ रणनीतिक चाबहार परियोजना से पीछे हट रहा है, जो मौजूदा भू-राजनीतिक हालात में चिंता का विषय है. उन्होंने यह भी माना कि ईरान पर पश्चिमी देशों के बढ़ते प्रतिबंध और भारतीय कंपनियों पर संभावित सेकेंडरी सैंक्शन व्यावहारिक बाधा हो सकते हैं, लेकिन फिर भी बजट में शून्य आवंटन को उन्होंने बाहरी दबाव में नीति-समर्पण करार दिया.
बजट का मकसद देश में शिक्षा को और बेहतर बनाना है: सुकांत मजूमदार
केंद्रीय बजट 2026 पर केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा, "इस बजट का मुख्य उद्देश्य स्थिरता, वित्तीय अनुशासन और टिकाऊ विकास है... शिक्षा क्षेत्र के लिए बजट में 8.27% की बढ़ोतरी की गई है... इस बजट का मकसद देश में शिक्षा को और बेहतर बनाना है क्योंकि शिक्षा हमारे समाज की रीढ़ है..."
यह बहुत ज़रूरी है कि हमारे पास न्यूक्लियर पावर हो: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "न्यूक्लियर पावर मूल रूप से AI आर्किटेक्चर की पांचवीं लेयर, यानी एनर्जी लेयर को पावर देगी और यह बहुत ज़रूरी है कि हमारे पास न्यूक्लियर पावर हो क्योंकि न्यूक्लियर पावर बेस लोड क्लीन पावर देगी जो AI इकोनॉमी को लंबे समय तक चलाने के लिए ज़रूरी है और इसके लिए आज कई सुधार और सरलीकरण की घोषणा की गई है. इससे हमें वह नई एनर्जी लाने में सच में मदद मिलेगी, जो बड़ी संख्या में ज़रूरी है. हम उम्मीद कर रहे हैं कि डेटा सेंटर्स में शायद $200 बिलियन का निवेश होगा. पहले ही $90 बिलियन की घोषणा हो चुकी है, और $70 बिलियन का काम पहले ही शुरू हो चुका है... तो इस घोषणा और न्यूक्लियर पावर पर एक साथ की गई घोषणा से, यह एक बहुत बड़ी यात्रा होगी. हम AI सर्वर बनाने वाली कंपनियों से बहुत ज़्यादा दिलचस्पी देख रहे हैं जो अब भारत में AI सर्वर बनाना चाहती हैं. हम भारत में AI चिप्स के लिए ATMP करने में भी बहुत ज़्यादा दिलचस्पी देख रहे हैं. भविष्य में, हम निश्चित रूप से अपनी खुद की AI चिप्स बनाने पर विचार करेंगे. तो इस तरह, ये सभी पांच लेयर्स, सर्विस लेयर, मॉडल लेयर, चिप लेयर, इंफ्रा लेयर, और एनर्जी लेयर, इन सभी घोषणाओं के कारण कवर हो जाएंगी..."
‘वायदों के उलट दिशा में ले जाने वाला बजट’: जीतू पटवारी का मोदी सरकार पर हमला
मध्य प्रदेश के रीवा में UnionBudget2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा. उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री मोदी ने 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का वादा किया था, 2022 तक देश को नई दिशा देने और 100 स्मार्ट सिटी विकसित करने की बात कही थी, लेकिन आज पेश किया गया बजट यह संदेश देता है कि देश को गलत दिशा में ले जाया गया है.
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि यह बजट कृषि को लेकर प्रधानमंत्री के पूर्व भाषणों और दावों के बिल्कुल विपरीत है. उनके मुताबिक, किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए जो उम्मीदें जगाई गई थीं, बजट में उनका कोई ठोस प्रतिबिंब नजर नहीं आता. कांग्रेस नेता ने कहा कि यह बजट सरकार की कथनी और करनी के बीच बढ़ते अंतर को उजागर करता है.
‘बजट से उम्मीदें टूटीं, आम आदमी को कोई राहत नहीं’: प्रियंका चतुर्वेदी
दिल्ली में UnionBudget2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि बजट की सबसे खास बात यह है कि बीएसई के लगभग सभी शेयर लाल निशान में हैं, जो बाजार की निराशा को साफ तौर पर दिखाता है. उनके मुताबिक, सरकार बजट से जुड़ी उम्मीदों पर पूरी तरह से खरी नहीं उतर सकी है.
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि यह बजट देश की आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए कोई स्पष्ट दिशा देगा, लेकिन ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला. उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में आम आदमी को कोई राहत नहीं दी गई है, जिससे महंगाई और रोजमर्रा की परेशानियों से जूझ रहे लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.
नई तकनीक, निवेश और रोजगार का रोडमैप: पीयूष गोयल
दिल्ली में Union Budget 2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह बजट आधुनिक तकनीक को पूरी तरह पहचानने और उसे अपनाने वाला है. उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस परमानेंट मैग्नेट्स और क्रिटिकल मिनरल्स पर है. इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के उत्पादन का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि यह 20 हजार करोड़ से बढ़कर 40 हजार करोड़ तक पहुंच चुका है, जो भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में बड़ी छलांग है. इसके साथ ही इन क्षेत्रों में काम करने के लिए स्किल डेवलपमेंट पर भी विशेष जोर दिया गया है.
पीयूष गोयल ने कहा कि दुनियाभर में डेटा सेंटर्स में भारी निवेश हो रहा है और भारत को इसका बड़ा केंद्र बनाने की रणनीति इस बजट में दिखाई देती है. उन्होंने बताया कि जो विदेशी कंपनियां भारत में डेटा सेंटर्स स्थापित कर विदेशों में क्लाउड सेवाएं बेचेंगी, उन्हें 2047 तक टैक्स-फ्री सुविधा दी जाएगी. इससे बड़े पैमाने पर निवेश आएगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और एक मजबूत टेक इकोसिस्टम विकसित होगा. साथ ही, डेटा सेंटर्स की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए नवीकरणीय ऊर्जा के बड़े उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे विदेशी मुद्रा अर्जन और अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश को गति मिलेगी.
हरदीप पुरी का दावा: दूरदर्शी और उद्देश्यपूर्ण बजट, भारत की विकसित राष्ट्र की राह तय
केंद्रीय मंत्री हर्दीप सिंह पुरी ने Budget 2026 पर कहा कि यह बजट वैश्विक आर्थिक अशांति के बीच भारत के लिए स्थिरता और अवसर का संदेश लेकर आया है. उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह लगातार नौवां बजट और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 13वां बजट है, जो अपने आप में ऐतिहासिक महत्व रखता है. पुरी ने बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था अब वैश्विक स्तर पर चौथे स्थान पर पहुंच चुकी है, और देश का GDP दो ट्रिलियन से बढ़कर 4.3 ट्रिलियन डॉलर हो गया है. उन्होंने इस बजट को “दूरदर्शी और उद्देश्यपूर्ण” बताया, जिसमें 2026 से 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की योजना को ध्यान में रखा गया है.
‘वैश्विक महत्वाकांक्षा से कमजोर बजट’: गौरव गोगोई का केंद्र पर निशाना
असम के गोलाघाट में केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीति पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि पूर्ण बहुमत की ताकत होने के बावजूद सरकार को लगता है कि विकास और प्रगति के लिए आक्रामक बजट की जरूरत नहीं है. उनके मुताबिक, यह बजट उस स्तर की सोच और दिशा नहीं दिखाता, जिसकी देश को इस समय आवश्यकता है.
गौरव गोगोई ने कहा कि अमेरिका, यूरोपीय संघ और चीन जैसे देश आक्रामक आर्थिक नीतियों के जरिए अपने विकास को तेज कर रहे हैं, जबकि भारत का यह बजट उसी स्तर की महत्वाकांक्षा को नहीं दर्शाता. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अवसर होते हुए भी अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला रोडमैप पेश नहीं किया, जिससे देश की विकास संभावनाएं सीमित होती नजर आ रही हैं.
'प्रदूषण सरकार की टॉप प्रायोरिटी: जल-वायु प्रदूषण पर राज्यों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं'
आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर ने कहा कि सरकार के लिए प्रदूषण नियंत्रण सर्वोच्च प्राथमिकता है. केंद्र सरकार वायु और जल प्रदूषण से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स पर राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है. बजट में सीवेज ट्रीटमेंट और ड्रेनेज सिस्टम पर बड़ा खर्च किया जा रहा है. साथ ही, वित्त आयोग से मिलने वाले शहरी और ग्रामीण निकायों के अनुदान का बड़ा हिस्सा पानी और स्वच्छता, खासकर सैनिटेशन से जोड़ा गया है. सरकार का उद्देश्य अलग-अलग योजनाओं और निवेश के जरिए हर तरह के प्रदूषण को नियंत्रित करना और स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करना है.
‘विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने वाला बजट’: पुष्कर सिंह धामी
देहरादून में यूनियन बजट 2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लगातार नौवीं बार बजट प्रस्तुत करने पर हार्दिक बधाई दी. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेश किया गया यह बजट देशवासियों की आकांक्षाओं और उम्मीदों को पूरा करने वाला है और विकसित भारत के विज़न को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा.
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह बजट भारत को उभरती आर्थिक महाशक्ति के रूप में और मजबूत करता है, जो पहले ही दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है. उन्होंने इसे “लोकल से ग्लोबल” की सोच को आगे बढ़ाने वाला, कल्याणकारी और समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रावधान करने वाला बजट बताया. उनके अनुसार, प्रत्येक राज्य की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया यह बजट सुधार से प्रदर्शन की ओर भारत की प्रगति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है.