India Defence Budget 2026: पाक से 10 गुना ज्‍यादा तो चीन से ढाई गुना कम, पंगा लेने से पहले ड्रैगन भी 100 बार सोचेगा

India Defence Budget 2026: भारत का सैन्य खर्च डॉलर में 95–100 बिलियन के करीब है. यह जीडीपी का लगभग 1.9–2.0% है, जो सैन्य आधुनिकीकरण और सीमा सुरक्षा पर केंद्रित है. रिकॉर्ड रक्षा बजट के साथ भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अब केवल प्रतिक्रिया देने वाला देश नहीं, बल्कि रणनीति तय करने वाली ताकत है.;

India Defence Budget 2026 ने एशिया की सामरिक राजनीति में साफ संदेश दे दिया है कि भारत अब सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं देता, रणनीति तय करता है. करीब ₹7.85 लाख करोड़ के रक्षा बजट के साथ भारत का सैन्य खर्च पाकिस्तान से 10 गुना अधिक है, जबकि चीन से अब भी ढाई गुना कम. असली सवाल रकम का नहीं, तैयारी, टेक्नोलॉजी और इरादे का है. यही वजह है कि आज पाकिस्तान के लिए भारत से सीधी टक्कर सोचना भी मुश्किल है और चीन जैसा ड्रैगन भी किसी दुस्साहस से पहले 100 बार कैलकुलेशन करने को मजबूर है.

किसकी रक्षा तैयारी कितनी ?

भारत का रक्षा बजट 2026: रकम से ज्यादा इरादे और तैयारी अहम

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बाद संसद में पेश रक्षा बजट में भारत सरकार बड़ी बढ़ोतरी की है. साल २०२६-27 भारत का 7.८४-7.85 लाख करोड़ रुपये कर दिया है, जो डॉलर में 95–100 bn के करीब है. भारत विश्व में पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. सरकार सेना पर कुल जीडीपी का 1.9 से –2.0 प्रतिशत हिस्सा खर्च करती है.

भारत देश की रक्षा तैयारियों के मामले पर स्वदेशीकरण पर ज्यादा जोर दे रहा है. घरेलू रक्षा उद्योगों से खरीद पर लगभग ₹1.12 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रहा है. सीमा पर बुनियादी ढांचे के लिए बीआरओ (BRO) के लिए 9.74% अधिक बजटीय प्रावधान किया गया है. भारतीय तटरक्षक बल (ICG) के लिए 26.50% से अधिक का इजाफा हुआ है. भारत का रक्षा बजट न केवल पाकिस्तान को सैन्य रूप से पछाड़ता है, बल्कि चीन के आक्रामक रुख के खिलाफ रक्षा तैयारी को भी मजबूती प्रदान करता है.

भारतीय सेना का 2025-26 में रक्षा बजट ₹6,81,210 करोड़ था, जिसमें पूंजीगत व्यय लगभग ₹1.80 लाख करोड़ था. इसका मतलब है कि 2026-27 में रक्षा बजट पिछले वर्ष से लगभग ₹1 लाख करोड़ अधिक है, जो सुरक्षा, आधुनिक हथियार और सैन्य ताकत बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. रक्षा बजट पिछले साल की तुलना में इस बार 15 प्रतिशत ज्यादा है.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहला रक्षा बजट: रणनीतिक बदलाव का संकेत

आपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट में इजाफे का मकसद पाकिस्तान और चीन जैसे दुश्मन देश के खिलाफ रत की तैयारी को मजबूत करना तथा सीमा सुरक्षा की क्षमता बढ़ाना माना जा रहा है.

China Defence Budget: रकम ज्यादा, लेकिन भारत से मुकाबला आसान नहीं

चीन का साल 2025 का रक्षा बजट 259 से 260 बिलियन डॉलर है. एक रक्षा शोध संस्थान के मुताबिक चीन का यह बजट आधिकारिक है. लेकिन हकीकत यह है कि चीन 315 से 329 बिलियन डॉलर सेना की तैयारी पर खर्च करता है. विश्व में दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. चीन अपने जीडीपी का 1.6 से 1.8 प्रतिशत सेना पर खर्च करता है, जो भारत की तुलना में ढ़ाई गुना ज्यादा है. सैन्य शक्ति के मामले में चीन विश्व में अमेरिका के बाद दूसरी सबसे बड़ी ताकत है. 

Pakistan Defence Budget 2026: भारत से 10 गुना पीछे

पाकिस्तान को कुल रक्षा साल 2026 का रक्षा बजट $9 बिलियन है. पिछले साल पाकिस्तान ने रक्षा बजट में 20% तक की बढ़ोतरी की थी. पाकिस्तान का रक्षा बजट उसके जीडीपी का 1.9 से दो प्रतिश % GDP के आस-पास है. भारत का रक्षा बजट पाकिस्तान की तुलना में 10 गुना ज्यादा है.

स्वदेशी रक्षा उद्योग पर जोर: आत्मनिर्भर भारत की सैन्य नींव

चीन का बजट ढ़ाई गुना बड़ा होने के बावजूद भारत अपनी सीमा पर बुनियादी ढांचे और रक्षा आत्म-निर्भरता (जैसे- स्वदेशी विमानवाहक पोत, फाइटर जेट्स) को तेजी से बढ़ाकर उसे टक्कर दे रहा है. भारत का फोकस सीमावर्ती इलाकों (LAC) पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर है.

इस मामले में पाकिस्तान की हालत यह है कि उसका कुल रक्षा खर्च भारत की रक्षा पेंशन से भी कम हो सकता है. भारत का रक्षा खर्च पाकिस्तान की तुलना में 10 गुना अधिक है, जिससे पाकिस्तान सैन्य रूप से भारत के सामने कहीं नहीं टिकता.

Two Front War Challenge: भारत के सामने दो नहीं, तीन मोर्चे का खतरा?

भारत को चीन और पाकिस्तान दोनों का एक साथ सामना करने के लिए अपनी सेना को लगातार आधुनिक बनाना पड़ रहा है. अगर इसमें बांग्लादेश भी शामिल हो जाए तो उसे तीन मोर्चे पर एक साथ युद्ध लड़ना पड़ सकता है.

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