Budget 2026: सरकार की ‘SHE-Mart’ योजना से महिलाओं को क्या मिलेगा लाभ? निर्मला सीतारमण ने किया एलान
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए नई पहल ‘SHE-Mart’ की घोषणा की.;
Budget 2026 SHE-Mart
(Image Source: AI: Sora )केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए नई पहल ‘SHE-Mart’ की घोषणा की. इस योजना का मकसद महिलाओं को सिर्फ कर्ज लेकर आजीविका कमाने तक सीमित न रहने देना, बल्कि उन्हें अपने खुद के आउटलेट या कंपनियों की मालिक बनने का अवसर प्रदान करना है.
‘SHE-Mart’ का पूरा नाम Self-Help Entrepreneur है. इस योजना के तहत महिलाएं स्वयं सहायता समूह (SHG) के माध्यम से रिटेल आउटलेट चला सकेंगी. वित्त मंत्री ने कहा कि इससे महिलाओं को बड़े बाजार तक पहुंच, ब्रांडिंग का अवसर और नियमित आय सुनिश्चित होगी, साथ ही स्थानीय संस्थाओं को भी मजबूत किया जाएगा.
SHE-Mart योजना से क्या होगा लाभ?
SHE-Mart योजना के तहत महिलाएं समूह में मिलकर बड़े स्तर पर ऋण प्राप्त कर रिटेल आउटलेट्स खोल सकेंगी. इन आउटलेट्स के जरिए सरकार का लक्ष्य ग्रामीण उत्पादों को बड़े ब्रांड्स के साथ खड़ा करना है. निर्मला सीतारमण ने कहा "सामान्य बैंक लोन से इतना बड़ा कदम संभव नहीं है. इसलिए महिलाओं को नई और बेहतर फाइनेंसिंग की सुविधा दी जाएगी." इस पहल के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र होंगी और उनके उत्पाद देश के व्यापक बाजार में पहुंच पाएंगे.
लखपति दीदी कार्यक्रम की सफलता
SHE-Mart योजना लखपति दीदी कार्यक्रम की सफलता पर आधारित है. यह कार्यक्रम ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित है और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को छोटे व्यवसाय शुरू करने और सालाना 1 लाख रुपये की स्थिर आय हासिल करने में मदद करता है. वित्त मंत्री ने कहा "हमारा पहला कर्तव्य है कि आर्थिक विकास को तेज करें और बनाए रखें। उत्पादकता बढ़ाएं, प्रतिस्पर्धा मजबूत करें और वैश्विक उतार-चढ़ाव से बचाव करें."
महिलाओं को दी जाने वाली स्किल ट्रेनिंग
इस कार्यक्रम के तहत महिलाओं को विभिन्न प्रैक्टिकल स्किल्स भी सिखाई जाती हैं. इनमें प्लंबिंग, LED बल्ब बनाना, ड्रोन का उपयोग और मरम्मत शामिल हैं. ये कौशल उन्हें न केवल आजीविका कमाने में मदद करेंगे, बल्कि उन्हें तकनीकी और व्यावसायिक दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाएंगे.