जवां बने रहने के लिए अरबों झोंक रहे पुतिन, जानें राष्ट्रपति के 28 अरब डॉलर लॉन्ग-लाइफ मिशन के बारे में
दुनिया में लंबे और स्वस्थ जीवन की खोज तेज हो गई है, और इसी कड़ी में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का नाम भी चर्चा में है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस ने एक बड़े “लॉन्ग-लाइफ मिशन” के तहत करीब 28 अरब डॉलर की योजना शुरू की है, जिसका मकसद बुढ़ापे के प्रोसेस को धीमा करना और इंसान को ज्यादा समय तक हेल्दी रखना बताया जा रहा है.
आखिर क्यों पुतिन कर रहे लंबी उम्र के लिए 28 अरब डॉलर खर्च
दुनिया भर में लोग लंबी और हेल्दी लाइफ जीने के तरीके खोज रहे हैं. लेकिन कुछ देशों और अरबपतियों ने इस दिशा में बड़े लेवल पर इंवेस्ट भी शुरू कर दिया है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी उन लोगों में शामिल हैं जो उम्र बढ़ने के प्रोसेस को धीमा करने या रोकने के लिए नई तकनीकों पर पैसा लगा रहे हैं.
हाल ही में रूस सरकार ने एक ऐसे प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया है जिसे "एंटी-एजिंग वैक्सीन" यानी बुढ़ापा रोकने वाली वैक्सीन कहा जा रहा है. इस परियोजना के लिए करीब 2 ट्रिलियन रूबल (लगभग 28 अरब डॉलर) का बजट तय किया गया है.
क्या है रूस की एंटी-एजिंग वैक्सीन?
रूसी अधिकारियों के अनुसार वैज्ञानिक एक ऐसी जीन थेरेपी डेवलेप कर रहे हैं ,जो शरीर में मौजूद RAGE नाम के रिसेप्टर को ब्लॉक कर सके. वैज्ञानिकों का दावा है कि यह रिसेप्टर एक्टिव होने पर कोशिकाओं को उम्र बढ़ने का साइन देता है. अगर इसे रोका जा सके तो कोशिकाएं लंबे समय तक यंग बनी रह सकती हैं. हालांकि, अभी तक इस तकनीक के प्रभावी होने के सारे साइंटिफिक एविडेंस पब्लिकी मौजूद नहीं हैं. इसलिए विशेषज्ञ इसे फिलहाल शोध के शुरुआती फेज़ में मानते हैं.
ऑर्गन ट्रांसप्लानटेशन का भी जिक्र
- रूस में वैज्ञानिक ऐसे तरीकों पर काम कर रहे हैं, जिनसे इंसान के खराब या कमजोर अंगों को बदला जा सके. इसमें शरीर के अंगों को लैब में तैयार करने और फिर उन्हें मरीज के शरीर में लगाने जैसी तकनीकें शामिल हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बातचीत में भी इस तरह की तकनीकों का जिक्र हुआ था. इसमें कहा गया था कि भविष्य में ऐसी मेडिकल तकनीकें विकसित हो सकती हैं, जो लोगों को ज्यादा समय तक हेल्दी और फिट रखने में मदद करेंगी.
- कुछ रूसी वैज्ञानिक यह भी दावा करते हैं कि वे 3D बायोप्रिंटिंग जैसी तकनीक पर काम कर रहे हैं, जिससे इंसान के अंग लैब में बनाए जा सकते हैं. इसके अलावा जानवरों के शरीर में इंसानी अंग डेवलेप करने जैसे प्रयोगों की भी बात सामने आती है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय का कहना है कि इन सभी दावों को साबित करने के लिए अभी ठोस शोध नहीं हैं. इसलिए इन्हें पूरी तरह सिद्ध तकनीक नहीं माना जा सकता है.
क्या है पेप्टाइड्स और क्रायोथेरेपी?
- रूस की लंबी उम्र से जुड़े प्रोजेक्ट में पेप्टाइड आधारित इलाजों की भी चर्चा होती रही है. पेप्टाइड्स छोटे अमीनो एसिड की सीरिज होती हैं और कुछ दवाओं में इनका इस्तेमाल किया जाता है. उदाहरण के लिए इंसुलिन भी एक प्रकार का पेप्टाइड है.
- लेकिन हाल के सालों में कई ऐसे पेप्टाइड प्रोडक्ट भी बाजार में आए हैं, जिनकी सुरक्षा और प्रभावशीलता पूरी तरह साबित नहीं हुई है. एक्सपर्ट ऐसे उत्पादों को बिना डॉक्टर की सलाह के इस्तेमाल करने से बचने की सलाह देते हैं.
- पुतिन ने क्रायोथेरेपी यानी बेहद कम तापमान वाले चैंबर के उपयोग की भी सराहना की है. हालांकि त्वचा विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक ठंड के कॉन्टैक्ट में आने से शरीर को नुकसान पहुंच सकता है और कुछ मामलों में गंभीर चोटें भी हो सकती हैं.
क्या कहते हैं लंबी उम्र के मॉर्डन एक्सपेरिमेंट?
आजकल "बायोहैकिंग" का चलन तेजी से बढ़ रहा है. इसका मतलब है लाइफस्टाइल, तकनीक और स्वास्थ्य संबंधी उपायों के जरिए शरीर को बेहतर बनाने की कोशिश करना. इस क्षेत्र में अमेरिकी इंटरप्रेन्योर ब्रायन जॉनसन काफी पॉपुलर हैं. ब्रायन जॉनसन हर साल लगभग 20 लाख डॉलर अपनी एंटी-एजिंग प्लान पर खर्च करते हैं. हालांकि उन्होंने हाल में जो सुझाव बताए उनमें ज्यादातर बेहद सामान्य और वैज्ञानिक रूप से माने गए हेल्थ रूल शामिल हैं.




