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3 अवैध मदरसे सील, 1601 अपराधियों की लिस्ट तैयार, 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' के तहत सूर्या हत्याकांड केस में एक्शन में क्या-क्या?

गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में सूर्या हत्याकांड के बाद प्रशासन ने ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ शुरू कर दिया है. अभियान के तहत 3 अवैध मदरसे सील किए गए हैं और 1601 अपराधियों व हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी शुरू हो गई है.

3 अवैध मदरसे सील, 1601 अपराधियों की लिस्ट तैयार, ऑपरेशन क्लीन स्वीप के तहत सूर्या हत्याकांड केस में एक्शन में क्या-क्या?
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मोहम्मद रज़ा
By: मोहम्मद रज़ा4 Mins Read

Published on: 2 Jun 2026 6:08 PM

गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में हुए चर्चित सूर्या हत्याकांड के बाद जिला प्रशासन और पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और इलाके में चल रही संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' शुरू किया है. इसी अभियान के तहत पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में संचालित तीन अवैध मदरसों को सील कर दिया है.

प्रशासन का दावा है कि ये मदरसे बिना किसी वैध पंजीकरण और सरकारी मान्यता के संचालित किए जा रहे थे. कार्रवाई के दौरान मदरसों की बिजली आपूर्ति भी काट दी गई और संचालकों को 15 दिन का नोटिस जारी किया गया है. पूरे इलाके में लगातार फ्लैग मार्च और सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की आपराधिक या अवैध गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जा सके.

आखिर क्यों शुरू किया गया 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप'?

सूर्या हत्याकांड के बाद खोड़ा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पर लगातार दबाव बढ़ रहा था. इसी के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ लॉन्च किया. इस अभियान का मकसद इलाके में अवैध गतिविधियों, बिना सत्यापन रह रहे किरायेदारों और संदिग्ध संपत्तियों की जांच करना है. अधिकारियों के मुताबिक, क्षेत्र में लगातार सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है और हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.

कौन-कौन से मदरसे प्रशासन के निशाने पर आए?

प्रशासनिक जांच में सामने आया कि क्षेत्र में संचालित तीन मदरसे बिना वैध रजिस्ट्रेशन के चल रहे थे. इन संस्थानों का नाम अधिकृत मदरसा सूची में दर्ज नहीं पाया गया. इसी कार्रवाई के तहत मदरसा रहमानिया अरबिया कासिम-उल-उलूम को भी नोटिस जारी किया गया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित मदरसा बोर्ड और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में उसका कोई वैध पंजीकरण दर्ज नहीं मिला.

क्या बोले जिलाधिकारी रविंद्र कुमार?

जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कार्रवाई को लेकर कहा कि 'तीन दिनों के लिए खोड़ा में ऑपरेशन क्लीन स्वीप चलाया जा रहा है. यहां जितने स्टेटस हैं, जितनी अनैतिक व्यावसायिक गतिविधियां हैं, अनधिकृत प्रॉपर्टीज पर जो गतिविधियां हो रही हैं और जितने किरायेदार हैं, सबका वेरिफिकेशन किया जा रहा है. वेरिफिकेशन के दौरान तीन ऐसे अवैध मदरसे चिन्हित किए गए हैं जो बिना मान्यता के संचालित हो रहे थे. उनका मदरसा बोर्ड और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में पंजीकरण नहीं था. आज पुलिस के साथ मिलकर अल्पसंख्यक विभाग वहां सीलिंग की कार्रवाई कर रहा है.'

उन्होंने आगे कहा कि 'वहां पढ़ने वाले बच्चों की संख्या ली जाएगी और उन्हें निकटतम सरकारी स्कूल या अन्य विद्यालयों में पढ़ाई का विकल्प दिया जाएगा. बेसिक शिक्षा अधिकारी और अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई कर रहे हैं.'

खोड़ा में क्यों बढ़ाई गई पुलिस की निगरानी?

प्रशासन ने पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया है. लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है ताकि इलाके में शांति व्यवस्था बनी रहे. पुलिस किरायेदार सत्यापन अभियान भी चला रही है और संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, गाजियाबाद पुलिस ने खोड़ा क्षेत्र के करीब 1601 अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों की सूची तैयार की है. इन सभी की गतिविधियों और संपत्तियों की जांच की जा रही है.

क्या अवैध संपत्तियों पर भी चलेगा बुलडोजर एक्शन?

प्रशासन अब उन लोगों की संपत्तियों की जांच कर रहा है जिन पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का संदेह है. अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी संपत्ति के अवैध तरीके से अर्जित होने या गैरकानूनी गतिविधियों में इस्तेमाल होने के सबूत मिलते हैं तो आगे और भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है.

बच्चों की पढ़ाई का क्या होगा?

प्रशासन ने साफ किया है कि सील किए गए मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा प्रभावित नहीं होने दी जाएगी. ऐसे बच्चों को नजदीकी सरकारी स्कूलों या अन्य मान्यता प्राप्त संस्थानों में एडमिशन दिलाने की तैयारी की जा रही है.

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