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OSM विवाद के बाद CBSE में बड़ा एक्शन! कौन हैं नए चेयरमैन लोखंडे प्रशांत सीताराम?

CBSE OSM विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया. जानिए कौन हैं नए CBSE चेयरमैन लोखंडे प्रशांत सीताराम और क्यों हटाए गए अधिकारी.

OSM विवाद के बाद CBSE में बड़ा एक्शन! कौन हैं नए चेयरमैन लोखंडे प्रशांत सीताराम?
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( Image Source:  @khuchrep-X )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी3 Mins Read

Updated on: 2 Jun 2026 9:00 PM IST

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) एक बार फिर विवादों के केंद्र में है. कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं में अपनाई गई डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली (OSM) पर उठे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है. सरकार ने मंगलवार (2 जून 2026) को CBSE चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया. इसके साथ ही वरिष्ठ IAS अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को बोर्ड का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है.

कौन हैं लोखंडे प्रशांत सीताराम?

लोखंडे प्रशांत सीताराम वर्ष 2001 बैच के AGMUT कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं. AGMUT कैडर में अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश शामिल होते हैं. लोखंडे प्रशांत सीताराम का जन्म 20 नवंबर 1973 को हुआ था. प्रशासनिक अनुभव और केंद्र सरकार में लंबे कार्यकाल के चलते उन्हें एक अनुभवी अधिकारी माना जाता है. लोखंडे प्रशांत सीताराम को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का नया चेयरमैन बनाया गया है. वह राहुल सिंह की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे.

पहले किन पदों पर रहे?

CBSE की जिम्मेदारी संभालने से पहले वह केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) में अतिरिक्त सचिव (Additional Secretary) और संयुक्त सचिव (Joint Secretary) जैसे अहम पदों पर कार्य कर चुके हैं. उन्होंने पुणे विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.ई. (B.E.) की डिग्री हासिल की है. इसके बाद NITIE मुंबई से इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग में पोस्ट-ग्रेजुएट डिप्लोमा किया.

आखिर क्यों हटाए गए CBSE चेयरमैन और सचिव?

CBSE उस समय विवादों में घिर गया जब कक्षा 12 के कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि बोर्ड की ओर से अपलोड की गई उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी उनकी असली लिखावट से मेल नहीं खा रही थी. इसके बाद ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए. छात्रों और अभिभावकों ने आरोप लगाया कि डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीकी गड़बड़ियां हैं. इसके अलावा भुगतान संबंधी दिक्कतें, सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में देरी को लेकर भी CBSE की आलोचना हुई.

इन विवादों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों का तबादला कर दिया. अब नए चेयरमैन लोखंडे प्रशांत सीताराम के सामने CBSE की छवि सुधारने और परीक्षा प्रणाली में भरोसा बहाल करने की बड़ी चुनौती होगी.

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